Himani Bundela: आगरा में नई आशा सिखाएगी दिव्यांग विद्यार्थियों को जीने की कला

केवी नंबर वन में हिमानी बुंदेला के प्रयास से हुई शुरुआत। दिव्यांग विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को किया जागरूक। केवी नंबर वन में जल्द ही एक स्पेशल लैब बनाई जाएगी जिसमें ऐसे दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधाओं के हिसाब से टूल उपलब्ध कराए जाएंगे।

By Nirlosh KumarEdited By: Publish:Fri, 08 Oct 2021 02:51 PM (IST) Updated:Fri, 08 Oct 2021 02:51 PM (IST)
Himani Bundela: आगरा में नई आशा सिखाएगी दिव्यांग विद्यार्थियों को जीने की कला
केवी नंबर वन में हिमानी बुंदेला के प्रयास से हुई शुुरुआत।

आगरा, जागरण संवाददाता। दिव्यांग होना अभिशाप नहीं है। ऐसे लोग भी न सिर्फ सपने देख सकते हैं, बल्कि उन्हें पा भी सकते हैं। जरूरत है तो बस उनमें आत्मविश्वास जगाने की। इस काम को अभिभावकों से बेहतर कोई नहीं कर सकता। केंद्रीय विद्यालय नंबर वन में नई आशा नामक पहल की शुरुआत करते हुए यह बातें केबीसी-13 की पहली करोड़पति हिमानी बुंदेला ने कहीं।

केबीसी के मंच पर दिव्यांगों की समस्या पर चिंतन करने वाली हिमानी ने कार्यक्रम में बताया कि नई आशा कार्यक्रम खासकर दिव्यांग विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को जागरूक करने के लिए शुरू किया गया है। इसमें पीपीटी के माध्यम से अभिभावकों को बताया गया कि दिव्यांग बच्चों को कमजोर या अक्षम न समझें। उनमें हीन भावना न पैदा होने दें। संवाद कायम कर उन्हें सपने देखना और उन्हें पाने के लिए मेहनत करने और जीतने का आत्मविश्वास पैदा करें। ऐसा कैसे करना है, उनकी संभावनाओं के विषय में बताया गया, सपना कैसे पूरा करें, उनके लिए स्कूली और उच्च शिक्षा के साथ करियर के क्या विकल्प हो सकते हैं। सिर्फ करियर ही नहीं खेलकूद में वह क्या और कैसे कर सकते हैं, इन सभी बातों की जानकारी दी गई। ऐसे बच्चे जो 100 फीसद दिव्यांग हैं, उनके लिए साइन लैंग्वेज का सहारा लेने के बारे में जागरूक किया। साथ ही सरकारी सहायता कहां से मिलेगी, इसकी भी जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय विद्यालय संगठन आगरा संभाग के उपायुक्त डाॅ. एमएल मिश्रा और प्रधानाचार्य राजेश पांडेय ने की।

यह भी है तैयारी

हिमानी का कहना है कि 100 फीसद दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने में हमारी नई पहल भी मदद करेगी। केवी नंबर वन में जल्द ही एक स्पेशल लैब बनाई जाएगी, जिसमें ऐसे दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधाओं के हिसाब से टूल उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्हें खेलकूद के प्रति भी प्रेरित किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत में केंद्रीय विद्यालय एक, दो और चार के दिव्यांग विद्यार्थी शामिल हुए। भविष्य में जिले के सभी विद्यालयों के ऐसे विद्यार्थियों को इस पहल से जोड़ा जाएगा। ऐसे विद्यार्थी हिमानी बुंदेला के इंस्टाग्राम पर जाकर अपनी समस्या का समाधान भी पा सकते हैं।

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