रहमान ने फतवा जारी करने वालों को दिया जवाब

पैगंबर मुहम्मद साहब पर बनी फिल्म में संगीत देने को लेकर फतवा जारी करने वालों को सोमवार को ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 'मुहम्मद : द मैसेंजर ऑफ गॉड' के लिए संगीत देने का फैसला उन्होंने सद्भाव में लिया था। इसके पीछे किसी भी

By Sachin BajpaiEdited By: Publish:Mon, 14 Sep 2015 09:18 PM (IST) Updated:Tue, 15 Sep 2015 02:34 AM (IST)
रहमान ने फतवा जारी करने वालों को दिया जवाब

मुंबई। पैगंबर मुहम्मद साहब पर बनी फिल्म में संगीत देने को लेकर फतवा जारी करने वालों को सोमवार को ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 'मुहम्मद : द मैसेंजर ऑफ गॉड' के लिए संगीत देने का फैसला उन्होंने सद्भाव में लिया था। इसके पीछे किसी भी धार्मिक संगठन की भावनाएं भड़काने का उनका कोई मकसद नहीं था।

दरअसल, मुंबई के एक सुन्नी मुस्लिम संगठन रजा अकादमी ने एआर यानी अल्ला रक्खा रहमान और ईरानी फिल्म निर्देशक माजिद माजिदी के खिलाफ फतवा जारी किया है।

वंदे मातरम, छैंया-छैंया, मसकली, जय हो जैसे गानों के लिए संगीत देने वाले रहमान ने सोमवार को अपनी फेसबुक वॉल पर एक पत्र लिखा। इसमें उन्होंने कहा, 'यह पत्र उन सभी लोगों के लिए है, जो मुझसे जुड़े हालिया घटनाक्रम से अवगत हैं। मैं इस्लाम का विद्वान नहीं हूं। मैं पश्चिमी और पूर्वी दुनिया के देशों की यात्राएं करता रहता हूं और जो जैसे हैं, उन्हें उसी रूप में स्नेह करने की कोशिश करता हूं। मैंने 'मुहम्मद : द मैसेंजर ऑफ गॉड' फिल्म का निर्देशन या निर्माण नहीं किया। मैंने सिर्फ इसमें संगीत दिया है। फिल्म में काम को लेकर मेरे आध्यात्मिक अनुभव बहुत निजी हैं। मैं इन्हें किसी के साथ साझा नहीं करना चाहूंगा।' रहमान ने लिखा, 'धार्मिक स्वतंत्रता वाले भारत जैसे देश में रहने के कारण हम खुद को भाग्यशाली मानते हैं। इस देश में सभी समुदाय शांति और सामंजस्य व बिना किसी हुल्लड़बाजी तथा हिंसा के रहते हैं।'

खबरों के अनुसार, रजा अकादमी के महासचिव मुहम्मद सईद नूर का कहना है, 'हम फिल्म के शीर्षक के खिलाफ हैं। जनता इस फिल्म को अगर पसंद नहीं करेगी तो वह बेअदबी में इसका इस्तेमाल करेगी, जो पैगंबर का तौहीन होगी।'

रितिक और एआर रहमान रेडियो से फैलाएंगे जागरुकता

संयुक्त राष्ट्र के अभियान से जुड़े अक्षय, रितिक और रहमान

chat bot
आपका साथी