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    Bihar Flood: बाढ़ की चपेट में बिहार के 15 जिले, आफत में लोगों की जान; आपदा से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

    Updated: Tue, 09 Jul 2024 03:02 PM (IST)

    नेपाल में हुई भारी बारिश का कहर बिहार के कई जिलों में देखने को मिल रहा है। राज्य की अधिकांश नदियां इन दिनों उफान पर हैं। राज्य के 15 जिले इन दिनों बाढ़ से जूझ रहे हैं। लोगों को पलायन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इस बीच स्वास्थ्य मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को हर एक आपदा से निपटने के लिए अलर्ट रहने का निर्देश दिया है।

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    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- बाढ़ जैसी आपदा से निपटने के लिए रखें हर तैयारी। (फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में बाढ़ की आपदा को देखते हुए बिहार सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

    स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने एक निर्देश जारी कर कहा है कि बाढ़ की आशंका को देखते हुए सभी संभावित प्रभावित जिले आपदा से निपटने की हर तैयारी रखें।

    मंत्री के स्तर पर सभी प्रमंडलीय आयुक्तों के साथ ही जिलाधिकारी, सिविल सर्जनों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।

    15 जिले अतिबाढ़ ग्रस्त, अलर्ट रहने का निर्देश

    मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि प्रदेश के 15 जिले अतिबाढ़ ग्रस्त होते हैं। इनका प्रभाव अन्य जिलों पर भी होता है।

    बाढ़ की वजह से जान-माल की क्षति के साथ-साथ जल-जनित बीमारियों का खतरा भी होता है। इस तरह की चुनौती से निपटने के लिए विभाग को अलर्ट किया गया है।

    अस्थाई मोबाइल मेडिकल टीमों का गठन 

    जिला एवं प्रखंड स्तर पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्थायी और अस्थायी मोबाइल मेडिकल टीम गठित किए जा रहे हैं। इन्हें आवश्यकता के आधार पर प्रभावित जिलों में प्रतिनियुक्त किया जाएगा।

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    नौका औषधालयों की भी व्यवस्था

    जिन स्थानों का संपर्क अन्य जिलों से कट जाता है, वहां वहां नौका औषधालय स्थापित किए जा रहे हैं। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में डायरिया का खतरा अधिक होता है।

    ससमय उपचार के आभाव में जान जाने की आशंका को देखते हुए इसकी रोकथाम के लिए ओआरएस और एंटीडायरियल दवाओं की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

    इसके अलावा, हैलोजन टेबलेट, ब्लीचिंग पाउडर, सर्पदंश की दवा, कुुत्ता-सियार के काटने के उपचार के लिए एंटी रेबिज वैक्सीन की भी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

    महिलाओं के लिए डिलीवरी किट की व्यवस्था

    उन्होंने कहा इसके अलावा, नवजात शिशुओं के नियमित टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की पूर्व में पहचान कर डिलीवरी किट की व्यवस्था भी की गयी है। मच्छरों के प्रकोप से निपटने के लिए भी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

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