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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ujjain Tourist Places: उज्जैन गए घूमने और ये खूबसूरत जगहें नहीं देखी, तो क्या देखा?

By Saloni UpadhyayEdited By: Saloni Upadhyay
Published: Thu, 25 May 2023 03:24 PM (IST)

Ujjain Tourist Places अगर आप भी उज्जैन घूमने का प्लान बना रहे हैं तो यहां कई ऐसी खास जगहें हैं ...और पढ़ें

Ujjain Tourist Places: उज्जैन घूमने का है प्लान, तो इन जगहों पर जरूर जाएं
Ujjain Tourist Places: उज्जैन घूमने का है प्लान, तो इन जगहों पर जरूर जाएं

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Ujjain Tourist Places: उज्जैन काफी खूबसूरत शहर है। यहां कई सारे पर्यटन स्थल हैं। जो अपनी ओर पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। अगर आपको घूमना पसंद है, तो उज्जैन में आप धार्मिक स्थल से लेकर प्रकृति के खूबसूरत नजारों से रू-ब-रू हो सकते हैं। यहां साल भर पर्यटकों की बड़ी संख्या में भीड़ होती है। उज्जैन का महाकाल मंदिर काफी फेमस है। इसके अलावा भी आप इस शहर में बहुत कुछ देख सकते हैं। तो आइए जानते हैं, उज्जैन फेमस पर्यटन स्थलों की लिस्ट।..

श्री महाकालेश्वर मंदिर

श्री महाकालेश्वर मंदिर को महाकाल मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। काल शब्द के दो अर्थ हैं - समय और मृत्यु। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव मृत्यु और काल के देवता हैं और इसी कारण उन्हें महाकालेश्वर कहा जाता है। यह मंदिर उज्जैन में पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केन्द्र है।

उज्जैन में महाकाल मंदिर में श्री महाकाल लोक कॉरिडोर भी एक मुख्य आकर्षण है। यह 900 मीटर से अधिक पुराना रुद्रसागर झील से घिरा हुआ है। महाकाल लोक में 108 स्तंभ, लगभग 200 मूर्तियां और शिव की कहानियों को प्रदर्शित करने वाले कई तरह के चित्र देख सकते हैं। रात में इस मंदिर की खूबसूरती और भी बढ़ जाती है।

राम घाट

यह सबसे पुराने स्नान घाटों में से एक है। यहां भव्य कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है। यहां पर रोजाना शाम में 8 बजे आरती होती है, श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में भीड़ होती है।

हरसिद्धि माता मंदिर

उज्जैन में रुद्र सागर झील के पास स्थित हरसिद्धि माता मंदिर भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक है। शिव पुराण के अनुसार, यह वह स्थान है, जहां माता सती के अंग गिरे थे, जब भगवान शिव ने देवी सती के जलते हुए शरीर को बलि की आग से उठाया था।

इस मंदिर का निर्माण मराठों द्वारा किया गया था। आप यहां दीयों से सजाए गए दो स्तंभों पर मराठा कला देख सकते हैं। नवरात्रि पर मंदिर को फूलों से बहुत ही खूबसूरत तरीके से सजाया जाता है, जो देखने लायक है।

सांदीपनि आश्रम

शिप्रा नदी के तट पर संदीपनी आश्रम स्थित है। माना जाता है कि यह वह आश्रम है जहां गुरु सांदीपनि ने भगवान कृष्ण, उनके मित्र सुदामा और भाई बलराम को शिक्षा दी थी। इस आश्रम के पास एक पत्थर भी है, इस पर 1 से 100 तक की संख्या देखने को मिलती है । माना जाता है कि गुरु सांदीपनि ने स्वयं इसे खुदा था।

चिंतामन गणेश

यह मंदिर उज्जैन में भगवान गणेश को समर्पित है। इस मंदिर का निर्माण 11वीं और 12वीं शताब्दी में हुई थी। यह उज्जैन में भगवान गणेश का सबसे बड़ा मंदिर है ।

गोपाल मंदिर

गोपाल मंदिर को द्वारकाधीश मंदिर के रूप में भी जाना जाता है, यह उज्जैन में बिग मार्केट स्क्वायर के बीच में स्थित है। महाकालेश्वर मंदिर के बाद यह शहर का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर है। इस मंदिर में चांदी से मढ़ी भगवान कृष्ण की दो फुट ऊंची संगमरमर की मूर्ति है।

Pic Credit: Instagram//mahakal._ke_.bhakt_ujjain