असली जोधपुर की पहचान है नीली छांव, घूमने जाने से पहले पढ़ लें ये ट्रैवल गाइड
भारत के सबसे खूबसूरत शहरों में से जोधपुर भी एक है। जोधपुर अपनी भारतीय संस्कृति को समेटे हुए है। यहां के ज्यादातर टूरिस्ट प्लेस अपने शाही झलक को पेश करते हैं। इस शहर काे ब्लू सिटी के नाम से भी जाना जाता है। यहां आपको कई सारे पर्यटन स्थल व्यंजन और अनूठी संस्कृति देखने को मिलेगी। एक बार आपको जोधपुर जरूर जाना चाहिए।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में घूमने के लिए कई जगहें मौजूद हैं। कोई प्राकृतिक सौंदर्य को लेकर पूरी दुनिया में मशहूर है तो कुछ शहर अपने खानपान और मेहमान नवाजी के लिए जाने जाते हैं। राजस्थान भारत का ऐसा ही एक राज्य है, जहां आपको कई सारे पर्यटन स्थल, व्यंजन और अनूठी संस्कृति देखने को मिलेगी। यहां कई ऐसे शहर मौजूद हैं, जो अपनी कला और संस्कृति के लिए लोगों के बीच काफी फेमस हैं।
जोधपुर भी इस राज्य के खूबसूरत शहरों में से एक है। ये राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। जोधपुर को सनसिटी या फिर ब्लू सिटी के नाम से भी जाना जाता है। ये जगह घूमने के लिहाज से बेस्ट मानी जाती है। यहां कई लोग प्री-वेडिंग शूट भी कराना पसंद करते हैं। यहां एक तरफ नीले रंग से रंगी गलियाें काे आप अपने कैमरे में कैद कर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर यहां की ऐतिहासिक विरासत, रॉयल लाइफस्टाइल, पारंपरिक भोजन और हैंडीक्राफ्ट चीजें आपका मन मोह लेने को हमेशा तैयार रहती हैं।
आज हम आपको जोधपुर के बारे में हर एक जानकारी देंगे। ये भी जानेंगे कि इसे ब्लू सिटी क्यों कहा जाता है। यहां घूमने के लिए कौन-कौन सी जगहें बेस्ट मानी जाती हैं। दरअसल ये शहर इतिहास और आधुनिकता का ऐसा अनोखा संगम है जो हर ट्रैवलर को एक खास एहसास देता है।
कैसे नाम पड़ा ब्लू सिटी?
जोधपुर को ब्लू सिटी नाम से इसलिए पुकारा जाता है क्योंकि यहां के ज्यादातर घरों और महलों में नीले रंग के पत्थर लगे हुए हैं। इसके पीछे भी कई सारी कहानियां मशहूर हैं। एक कहानी यह है कि जोधपुर राजस्थान के सबसे गर्म शहरों में से एक है। ऐसे में घरों को ठंडा रखने में नीला रंग मदद करता है। दरअसल, नीले रंग को ठंडक का प्रतीक माना जाता है। कहते हैं कि नीले रंग पर सूर्य की किरणों का असर कम पड़ता है।
Image Credit- Instagram
550 सालों से ज्यादा पुराना है जोधपुर
आपको बता दें कि इस खूबसूरत शहर को करीब 560 साल पहले राव जोधा ने बसाया था। राव जोधा राठौड़ समाज के मुखिया थे और सन 1459 में उन्होंने इस शहर की खोज की थी। राव जोधा जोधपुर के 15वें राजा थे। पहले इसे मारवाड़ के नाम से जाना जाता था। रेगिस्तान के बीचों-बीच बसे इस शहर को सन सिटी के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां सूरज काफी ज्यादा देर तक ठहरता है।
जोधपुर में देखने लायक जगहें
मेहरानगढ़ किला
ये किला जोधपुर की शान है। समुद्र तल से लगभग 400 फीट की ऊंचाई पर बना ये किला 1459 में राव जोधा द्वारा बनवाया गया था। अंदर मौजूद संग्रहालय में शाही पोशाकें, पालकियां, शस्त्र और संगीत वाद्ययंत्रों का एक बड़ा संग्रह देखने को मिलता है। किले की दीवारों से दिखने वाले नीले घरों का नजारा बेहद खूबसूरत होता है।
जसवंत थड़ा
सफेद संगमरमर से बनी यह स्मारक मेहरानगढ़ के पास ही मौजूद है। इसे महाराजा जसवंत सिंह द्वितीय की याद में बनवाया गया था। इसे 'मारवाड़ का ताजमहल' भी कहा जाता है। चारों ओर हरियाली और शांत पानी का तालाब इसे बेहद फोटोजेनिक बना देता है। यहां कई बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग भी हो चुकी है।
तूरजी का झलरा
ये एक ऐतिहासिक बावड़ी है। ये अब युवाओं का सोशल अड्डा बन चुका है। यहां आप फोटोशूट से लेकर चाय-कॉफी तक हर चीज का लुत्फ उठा सकते हैं।
Image Credit- Instagram
मंडोर गार्डन
जोधपुर की ये जगह सिर्फ हरियाली के लिए नहीं, बल्कि राजाओं की छतरियों, प्राचीन मंदिरों और एक छोटे से म्यूजियम के लिए भी मशहूर है। यहां बंदर और मोर अक्सर दिखाई देते हैं।
नेहरू गार्डन
यह पार्क जोधपुर में काफी मशहूर है। यहां पर्यटकों की भीड़ ज्यादा देखने को मिलती है। ये 14 एकड़ में फैला हुआ है। यहां पर हरियाली की कोई कमी नहीं है।
यह भी पढ़ें: बेहद खूबसूरत हैं भारत के 6 Sunset Points, देखते ही मोह लेंगे मन; एक बार जरूर करें विजिट
जोधपुर में कहां ठहरें?
जोधपुर में ठहरने के लिए आपको कई पैलेस मिल जाएंगे। यहां आपको रॉयल एक्सपीरियंस मिलेगा। इसके अलावा मेहरानगढ़ किले के पास कई बुटीक होटल्स भी हैं जहां आपको अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। साथ ही आप हॉस्टल्स या फिर गेस्टहाउस में भी स्टे कर सकते हैं। ये आपको सस्ते में मिल जाएंगे।
जोधपुर में क्या खाएं?
- दाल बाटी चूरमा
- गट्टे की सब्जी, केर-सांगरी, मिर्ची बड़ा और कढ़ी
- घेवर, मावा कचौड़ी और मालपुए
- माखनिया लस्सी
- प्याज की कचौड़ी
- मिर्ची वड़ा
करें ये खरीदारी
- बंधेज और लहरिया की साड़ियां
- हैंडमेड हैंडीक्राफ्ट
- लकड़ी का फर्नीचर
- जूतियां
- मसाले, खासकर लाल मिर्च और जीरा
Image Credit- Instagram
मशहूर हैं ये मार्केट
- सरदार मार्केट
- कपड़ा बाजार
- घण्टाघर मार्केट
- नाई सरक
कैसे पहुंचे जोधपुर?
अगर आप जोधपुर घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आप यहां ट्रेन, फ्लाइट या अपनी गाड़ी से भी जा सकते हैं। दिल्ली से जोधुपर की दूरी 620 किलोमीटर की है। वहीं जयपुर से जोधपुर जाने के लिए आपकाे 351 किलोमीटर तक सफर करना होगा।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।