Humayun’s Tomb तो कई बार गए होंगे, लेकिन आजतक नहीं पता होंगे इससे जुड़े 6 राज
हुमायूं का मकबरा दिल्ली का एक प्रमुख मुगल स्मारक है जो 16वीं सदी में बना था। बाहर से आने वाले हों या शहरवासी लोग अक्सर इसकी खूबसूरती का दीदार करने यहां आते रहते हैं। हालांकि आज भी कई लोग इस स्मारक से जुड़े कुछ राज नहीं जानते हैं। आइए आपको बताते हैं ऐसी की कुछ अनसुनी बातों (Humayun Tomb Facts) के बारे में।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली कई मायनों में बेहद खास है। यहां घूमने लायक कई सारी जगह मौजूद हैं, जो इस शहर के समृद्ध इतिहास के बारे में बताता है। यहां कई ऐसी इमारतें हैं, जो अतीत के पन्नों की झांकने का मौका देती हैं (Mughal architecture secrets)।
हुमायूं का मकबरा यानी Humayun’s Tomb इन्हीं में से एक हैं, जो अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। दिल्ली के दिल में बसी यह जगह दूर-दूर से लोगों को आकर्षित करती है। 16वीं सदी में बना यह मुगल स्मारक कई बॉलीवुड फिल्मों में भी नजर आ चुका है। बाहर से आए लोग तो इसे देखने आते ही हैं, लेकिन यहां रहने वाले लोग भी अक्सर इस जगह पर घूमने आते रहते हैं।
हालांकि, आज भी कई लोगों को इस जगह से जुड़ी कुछ ऐसी बातें (Humayun’s Tomb facts) नहीं पता होंगे, जो इसे खास बनाती हैं। आइए जानते हैं इससे जुड़े ऐसे ही 6 राज के बारे में-
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भारत का पहला टूम्ब गार्डन
बेहद कम लोग ही यह जानते हैं कि हुमायूं का मकबरा भारत का पहला टूम्ब गार्डन है। इसकी खासियत यह भी है कि यह देश में फारसी शैली के चारबाग गार्डन वाले पहले मकबरों में से एक था। इस अनोखे लेआउट में रास्ते, बहते पानी के चैनल और फूलों की खूबसूरत क्यारियां शामिल हैं। बाद में इस शैली से प्रेरित होकर अन्य मुगल स्मारक भी स्थापित किए गए।
एक महिला ने करवाया था निर्माण
आमतौर पर देश में मौजूद अलग-अलग स्मारकों को किसी पुरुष द्वारा बनवाया गया था, लेकिन हुमायूं के मकबरे का निर्माण एक महिला ने करवाया था। दरअसल, हुमायूं की पहली पत्नी महारानी बेगा बेगम ने इसे 1565 में बनवाया था (Bega Begum commissioning)। उन्होंने अपने पति की मौत के लगभग एक दशक बाद इसे बनवाया था।
इसी से प्रेरित होकर बना था ताजमहल
प्यार की निशानी ताजमहल अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है और इसलिए यह दुनिया के सात अजूबों में शामिल है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लाल बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर से बनी यह इमारत असल में हुमायूं के मकबरे से प्रेरित है। इसलिए यहां कई सारी जगहों में समानता देखने को मिलती है।
मुगल परिवार को दफन स्थल
हुमायूं का मकबरा सिर्फ हुमायूं का का अंतिम विश्राम स्थल ही नहीं, बल्कि यह मुगल परिवार के अन्य सदस्यों का दफन स्थल भी है। यहां पर हुमायूं की पत्नियों, बेटों और वंशजों सहित अन्य मुगल राजघरानों की कब्रें मौजूद हैं।
अंग्रेजों ने किया था बहाल
इस स्मारक के बारे में एक और दिलचस्प बात यह है कि इसे अंग्रेजों ने बहाल किया था। उन्होंने अपने शासन के दौरान हरे-भरे मुगल उद्यानों को साफ किया और इस स्थान को ज्यादा 'इंग्लिश स्टाइल' वाले पार्क में बदल दिया। इसलिए, आज आप जिसे देखते हैं, वह वास्तव में कई सारे रिनोवेशन का नतीजा है।
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