भारत का स्कॉटलैंड कहलाता है यह हिल स्टेशन, सुकून के पल बिताने के लिए जरूर बनाएं यहां घूमने का प्लान
घने जंगल में हाथी की सवारी करने से लेकर झरनों का संगीत सुनने तक कूर्ग में आपको प्रकृति के हर वो नजारे देखने को मिलेंगे जो आपको भागदौड़ भरी जिंदगी में सुकून के कुछ पल दे जाएंगे। आप यहां हवाई रेल या सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं। गर्मियों में यहां का मौसम सुहावना होता है जो घूमने के लिए परफेक्ट माना जाता है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कर्नाटक के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में बसा कूर्ग एक बेहद ही खूबसूरत हिल स्टेशन है। हरे-भरे घने जंगल, खूबसूरत नजारे, धुंध में घिरी पहाड़ियां, झरनों का गिरता पानी, कॉफी, चाय और मसालों के बगान, नेचर लवर्स के लिए ये जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं।
इसकी खूबसूरती की वजह से इसे न केवल ‘भारत का स्कॉटलैंड’ कहा जाता है,बल्कि इसे ‘दक्षिण का कश्मीर’ नाम से भी नवाजा गया है। आइए आपको भी लेकर चलते हैं प्रकृति की सुंदरता समेटे हुए कूर्ग की सैर पर।
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ऐसे पहुंचें
- हवाई मार्ग से: कूर्ग से दो एयरपोर्ट्स मैंगलोर और बेंगलुरू पास हैं।
- रेलमार्ग से: जो लोग ट्रेन से कूर्ग पहुंचाना चाहते हैं, वो मैसूर तक आ सकते हैं, जो कि कूर्ग हिल स्टेशन से करीब 114 किलोमीटर दूर है।
- सड़क मार्ग से: मैसूर, मैंगलोर और बेंगलुरू में रहने वालों के लिए तो सड़क के रास्ते कूर्ग पहुंचना काफी आसान है।
- कब आएं: गर्मियां कूर्ग घूमने का सबसे सही मौसम है। आप मार्च और जून के बीच में अपनी ट्रिप प्लान कर सकते हैं। इस समय दिन का टेम्परेचर ट्रेकिंग और साइट्स देखने के लिए सही रहता है।
कूर्ग में हैं पक्षियों की 355 से भी ज्यादा प्रजातियां
इस हिल स्टेशन में आपको अलग-अलग पक्षियों की 355 प्रजातियां देखने को मिल जाएंगी। पूरे कर्नाटक राज्य के 66% पक्षी आपको यहां देखने को मिल सकते हैं। उनमें से कुछ ऐसे हैं, जो कि सर्दियों में यहां अपना ठिकाना बनाते हैं और कुछ आस-पास के इलाकों से उड़कर यहां आ जाते हैं। अगर किसी को बर्ड वॉचिंग पसंद है, तो उन्हें यहां जरूर आना चाहिए।
कूर्ग स्पेशल मसाले
यह जगह मसालों के लिए काफी प्रसिद्ध है। यहां आपको कालीमिर्च, इलायची, जीरा, बेसिल जैसे मसाले मिल जाएंगे। इन मसालों की खुशबू लेने के साथ-साथ आप यहां से अलग–अलग वैराइटी के मसाले खरीद सकते हैं। इतना ही नहीं आपको कई मसालों वाले शहद भी मिल जाएंगे, जिनका आप स्वाद ले सकते हैं।
ये झरने बढ़ाते हैं कूर्ग की खूबसूरती
- इरुप्पु फॉल्स: यह ब्रम्हगिरी से लक्ष्मण-तीर्थ नदी की एक धारा के रूप में निकलता है और कूर्ग में पहाड़ी से नीचे कावेरी नदी में मिल जाता है। इसके आस-पास एक प्रसिद्ध मंदिर भी है।
- अब्बी फॉल्स: यह झरना 70 फीट की ऊंचाई से गिरता है, जो यहां आने वाले पर्यटकों के लिए एक शानदार दृश्य पेश करता है। कर्नाटक के बाकी झरनों की तुलना में इसकी ऊंचाई थोड़ी कम है।
- मल्लल्ली फॉल्स: 200 फीट की ऊंचाई से गिरने की वजह से इसके चारों ओर धुएं की एक चादर-सी दिखती है और इंद्रधनुष जैसा प्रभाव नजर आने लगता है। यह झरना कुमारधारा नदी से निकलता है।
- चेलावारा फॉल्स: एकदम सफेद नजर आने वाला यह झरना कावेरी की एक सहायक नदी बनाती है, जिसमें 150 फीट की ऊंचाई पर स्थित चट्टान कछुए की तरह नजर आता है। इस झरने को आप दिन में किसी भी समय देख सकते हैं।
यहां कर सकते हैं हाथी की सवारी
कूर्ग के कावेरी निसार्गधाम फॉरेस्ट में आपको काफी कुछ करने और देखने को मिलेगा। यह घना फॉरेस्ट कावेरी नदी से घिरा हुआ है। जिसमें बड़े और बच्चों के लिए सबसे मजेदार चीज है हाथी की सवारी। यहां आपको हिरणों और खरगोश के पार्क भी देखने को मिल जाएंगे।
इतना ही नहीं वन विभाग ने पर्यटकों के लिए नदी किनारे गेस्ट हाउस और बांस के ट्रीटॉप कॉटेज भी तैयार किए हैं, जो यहां आने वालों के लिए बहुत बड़ा आकर्षण हैं। यहां आप कावेरी नदी में बोट राइड का भी मजा ले सकते हैं। बच्चों के लिए अलग से एक चिल्ड्रन्स पार्क भी है। साथ ही आप यहां बने फूड कोर्ट में अपने पसंदीदा स्नैक का भी आनंद ले सकते हैं।
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