Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    बच्चों को रखना चाहते हैं हरदम आगे, तो आज से ही सिखाएं उन्हें ये अच्छी आदतें

    आजकल के बच्चों की पेरेंटिंग करना बेहद मुश्किल काम बनता जा रहा है। मोबाइल और आसानी से उपलब्ध स्क्रीन टाइम की इस दुनिया में बच्चों में अच्छी आदतें डालना एक कठिन काम है। लेकिन फिर भी कुछ बेसिक सी आदतें हैं जो अपने बच्चों को जरूर सिखानी चाहिए जिससे उसके उज्ज्वल भविष्य के साथ एक उज्ज्वल पीढ़ी का भी निर्माण हो।

    By Jagran News Edited By: Harshita Saxena Updated: Tue, 14 Jan 2025 08:18 PM (IST)
    Hero Image
    बच्चों को सफल बनाएंगे ये अच्छी आदतें (Picture Credit- Freepik)

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए उनकी सही परवरिश बहुत ज्यादा जरूरी है। हालांकि, परवरिश करना कई बार चुनौतीपूर्ण हो सकता है। खासकर आज के समय में बच्चों को पालने में पेरेंट्स को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। वर्तमान में नकारात्मकता समाज के हर कोने से सुनने को मिलती है। ऐसे में यही लगता है कि बच्चों को बचपन से ही ऐसी अच्छी आदतें जरूर सिखानी चाहिए, जिससे उनके भविष्य के साथ एक जागरूक और समझदार पीढ़ी का निर्माण हो। इसलिए अपने बच्चों में डालें ये अच्छी आदतें, जिससे हर वह जगह रहेंगे आगे-

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    यह भी पढ़ें-  मॉर्डन पेरेंटिंग का बेहद आसान तरीका है Horizontal Parenting, समझें इसके फायदे और क्रिएटिव तरीके

    अगर किसी ने कहा नो, इसका मतलब है नो

    बच्चों को अपने व्यवहार में बाउंड्री की रिस्पेक्ट करना सिखाएं। ये आदत उनके बड़े होने पर बहुत काम आने वाली है। न वे अपनी बाउंड्री में किसी को आने देंगे और न ही किसी की बाउंड्री में खुद घुसेंगे। इस तरह किसी के न बोलने पर वे अपनी सीमाएं समझेंगे और दूसरों को भी आसानी से न बोल पाएंगे।

    समय पर काम करना सिखाएं

    एक सफल जीवन के लिए डिसीप्लीन में रहना बेहद जरूरी है। डिसीप्लीन की पहली सीढ़ी सही समय पर अपने काम को खत्म करने से है। फिर वो चाहे होमवर्क हो या फिर जागना और सोना हो। शरीर की भी अपनी सर्केडियन साइकिल समय के अनुसार चलती है जिससे वे ये आदत अपनाने से शारीरिक और मानसिक रूप से हमेशा स्वस्थ भी रहेंगे।

    एफर्ट को गिनना

    जीवन में हर समय सफल होने की दौड़ में रहना न सिखाएं। इससे असफल होने पर वे जल्दी हर्ट और दुखी हो जाएंगे। उन्हें पार्टिसिपेट करने और एफर्ट देने के लिए प्रेरित करें। इससे वे जीवन में आने वाली छोटी से बड़ी विफलताओं में डिप्रेस नहीं होंगे।

    थैंकफुल रहना

    हर समय कमियों को गिनना और जो नहीं है उसकी बात कर के दुखी होना उन्हें भविष्य के लिए कमजोर बनाता है। उन्हें हर रात सोने से पहले अफर्मेशन बोलना सिखाएं और इस दौरान उन्हें जीवन में मिली हर एक चीज के लिए थैंकफुल होने को बोलें।

    सफाई रखना

    अपनी पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखना सिखाएं। फिर वो सुबह उठ कर बेड बनाना हो, ब्रश और नहाना हो या फिर अपनी टॉवेल सुखानी हो, अपने कपड़े फैलाने हों। इस तरह के छोटे काम उन्हें अपने काम करने के प्रति जिम्मेदार भी बनाते हैं और सफाई के साथ रहने के लिए प्रेरित भी करते हैं। इससे बीमारियां दूर रहती हैं और जिम्मेदारियों का एहसास भी होता है।

    यह भी पढ़ें-  बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए जरूरी है हेल्दी पेरेंटिंग, इन तरीकों से करें उनकी अच्छी परवरिश