फ्लैटमेट के साथ नहीं चाहते रोज की चिकचिक? सुकून से रहने के लिए पहले दिन ही तय कर लेने चाहिए ये नियम
फ्लैटमेट के साथ शांति के साथ रहने के लिए शुरुआत में ही कुछ नियम तय करना जरूरी है, ताकि बाद में विवाद होने का खतरा कम रहे।

फ्लैटमेट के साथ सेट करें ये रूल्स (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। नौकरी या पढ़ाई के लिए अक्सर लोग अपना घर छोड़कर किसी दूसरे शहर में रहने जाते हैं। ऐसे में किसी अनजान के साथ पीजी में कमरा शेयर करना या फ्लैट शेयर करना आम बात है।
जेब पर ये थोड़ा हल्का पड़ता है, लेकिन अलग-अलग स्वभाव और आदतों वाले लोग एक साथ रहने लगें, तो छोटी-छोटी बातों पर भी झगड़े होने लगते हैं। इन छोटी मोटी बातों की वजह से अक्सर काफी स्ट्रेस और गुस्से का सामना करना पड़ता है। इसलिए अगर आप अपने फ्लैटमेट के साथ सुकून से रहना चाहते हैं, तो शुरुआत में ही कुछ नियम तय कर लें। आइए जानें क्या हैं ये बातें।
खर्चों और बिलों का हिसाब
पैसों के मामले में क्लैरिटी न होने की वजह से किसी भी रिश्ते में दरार आ सकती है। इसलिए फ्लैट का किराया, बिजली का बिल, वाईफाई, गैस और ग्रॉसरी का खर्च कैसे बांटना है, ये पहले दिन ही तय कर लें। महीने के साझा खर्चे को एक डायरी में या फोन में नोट करके रखें, ताकि महीने के अंत में कोई विवाद न हो।
साफ-सफाई और घर के काम
कुछ लोग बहुत ज्यादा साफ-सफाई पसंद करते हैं, तो कुछ थोड़ी गंदगी में भी काम चला लेते हैं। इसलिए घर की साफ-सफाई को लेकर नियम जरूरी है। अगर आप मेड रख रहे हैं, तो उसका खर्च कैसे बंटेगा और अगर आप खुद काम करेंगे, तो जिम्मेदारी कैसे बांटनी है, ये तय कर लें। घर में झाड़ू-पोंछा, किचन और बाथरूम की सफाई ये बहुत जरूरी हैं। इसलिए इस बारे में पहले दिन ही बात कर लें।
पर्सनल स्पेस और मेहमानों के आने के नियम
हर किसी को अपनी प्राइवेसी पसंद होती है। इसलिए अपने फ्लैटमेट और अपनी सहुलियत के लिए मेहमानों के आने का नियम तय कर लें। अगर कोई दोस्त या रिश्तेदार रात में रुकने वाला है, तो अपने फ्लैटमेट को पहले ही इन्फॉर्म करें। बिना इजाजत के एक-दूसरे का पर्सनल सामान इस्तेमाल न करें और रात में लाइट्स कब बंद करनी है या म्यूजिक का वॉल्यूम कितना रखना है, ये सब बात पहले ही तय कर लें।
खुलकर बात करने की आदत
फ्लैटमेट के साथ हो सकता है, कुछ महीनों या कुछ सालों तक रहना पड़े। ऐसे में सारे नियम एक दिन में तो नहीं बनाए जा सकते। इसलिए एक-दूसरे से खुलकर बात करने की आदत डालें। अगर आपको कोई परेशानी हो रही है या आप कुछ बदलना चाहते हैं, तो अपने फ्लैटमेट से इस बारे में बात करें। अगर उन्हें कोई परेशानी है, तो उनकी बात भी ध्यान से सुनें। इससे एक-दूसरे के साथ एडजस्ट करना आसान हो जाएगा।
