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    बच्चे को बनाना है वर्ल्ड चैंपियन Gukesh D जैसा होशियार, तो माइंड शार्प करने के लिए अपनाएं ये टिप्स

    Updated: Mon, 02 Jun 2025 06:53 PM (IST)

    भारतीय चेस चैंपियन गुकेश डी ने हाल ही में मैग्रस कार्लसन को हराया। गुकेश डी (Gukesh D inspiration) की तरह बच्चों को होशियार बनाने के लिए बचपन से ही ध्यान देना जरूरी है। बच्चों में प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल विकसित करें और उन्हें कॉम्पिटिटिव एक्टिविटी में शामिल करें। साथ ही कुछ और बातों का ध्यान रख आप उन्हें होशियार (brain tips for children) बना सकते हैं।

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    इन तरीकों से बनाएं बच्चे को होशियार (Picture Credit- Freepik)

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। इंटरनेट पर इस समय भारतीय चेस चैंपियन गुकेश डी (Gukesh D) छाए हुए हैं। हाल ही उन्होंने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट के छठे राउंड में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्रस कार्लसन को रोमांचक तरीके से हरा दिया। अपने तेज दिमाग और फोकस की बदौलत उन्होंने हारी हुई बाजी अपने नाम कर ली। इस मुकाम को हासिल करने के लिए गुकेश (Gukesh D inspiration) जैसी कड़ी मेहनत और तेज दिमाग की जरूरत होती है।

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    अगर आप भी अपने बच्चे को इसी तरह होशियार और शार्प माइंडेड (kids brain power tips) बनाना चाहते हैं, तो बचपन से कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे ही टिप्स बनाने वाले हैं, जो आपके बच्चे के दिमाग (child brain development tips) को तेज बनाने में मदद करेंगे।

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    प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल पर ध्यान दें

    अगर आप अपने बच्चे के दिमाग को तेज और हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो अपने बच्चे की प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल पर ध्यान दें। उन्हें समस्याओं को हल करने के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि वे बाधाओं को दूर कर सकें। अपने बच्चों के अंदर रचनात्मकता को बढ़ावा दें ताकि वे बिना डरे मुश्किलों का सामना कर सकें। साथ ही उनके अंदर दृढ़ संकल्प और आत्म-नियंत्रण भी भावना को विकसित करें।

    बच्चे को कॉम्पिटिटिव एक्टिविटी में शामिल करें

    अपने बच्चे को ऐसे खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें, जो कॉम्पिटिटिव हों और उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए चुनौती दें। इन चुनौतियों का सामना करने से उनके विकास और आत्म-विश्वास को बढ़ावा मिलता है। साथ ही उन्हें बाधाओं को दूर करने और उपलब्धि हासिल करने का मौका मिलता है, जिससे वह जरूरी सबक भी सीखते हैं और आने वाले जीवन के लिए तैयार होते हैं।

    बच्चों को सीखने का मौका दें

    अपने बच्चे को स्वतंत्र रूप से काम करने का मौका दें, जिससे उन्हें अपनी गलतियों से सीखने और जिम्मेदारी विकसित करने का अवसर मिलेगा।

    ब्रेन के लिए हेल्दी डाइट दें

    हम जो खाते हैं, उसका हमारे ब्रेन हेल्थ पर सीधा असर पड़ता है। फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन से भरपूर डाइट ब्रेन फंक्शन को बेहतर बना सकती है। इसलिए बच्चों की डाइट में इन्हें जरूर शामिल करें। साथ ही उनकी मेंटल हेल्थ का भी अच्छे से ध्यान रखें।

    सोशल कनेक्शन बनाने के लिए प्रेरित करें

    सोशल कॉन्टैक्ट मेंटल हेल्थ के लिए एक जरूरी फैक्टर है। दोस्तों, परिवार और करीबियों के साथ घूमना तनाव को कम करने, डिप्रेशन से लड़ने और कॉग्नेटिव फंक्शन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के शोध से पता चला है कि मजबूत सोशल रिलेशन डिमेंशिया के जोखिम को कम कर सकते हैं।

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