यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कितने सेफ हैं आपके घर को साफ रखने वाले प्रोडक्ट्स? जानें इसके गंभीर नुकसान
क्या आपके घर की सफाई करने वाले केमिकल सुरक्षित हैं? फ्लोर और बाथरूम चमकाने वाले क्लीनर्स में पीछे खतरे छिपे ...और पढ़ें

HighLights
- घर की साफ-सफाई के लिए लोग कई चीजें इस्तेमाल करते हैं।
- लिक्विड क्लीनर इन्हीं में से एक है, जो सेहत को नुकसान भी पहुंचाते हैं।
- ऐसे में आप घर पर भी नेचुरल क्लीनर बना सकते हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। चाहे घर के फ्लोर को साफ करने की बात हो या फिर बाथरूम टाइल्स की, हम इनकी सफाई के लिए हर दिन न जाने कितने तरह के प्रोडक्ट्स घर में इस्तेमाल करते हैं। क्या आपने कभी सोचा है आपके घर को चमकाने वाले ये प्रोडक्ट्स कितने सुरक्षित हैं? आज इस आर्टिकल में हम इसी के बारे में जानेंगे।
केमिकल वाले क्लीनर्स कर सकते हैं सेहत खराब
घर की साफ-सफाई में इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर केमिकल सुरक्षित ही होते हैं, लेकिन शरीर के अंदर गलती से चले जाने पर भ्रम, मितली, उल्टी, सांस लेने में परेशानी हो सकती है। ज्यादातर ब्लीच में 0.7% से लेकर 5.25 % तक सोडियम हाइड्रोक्लोराइट होता है। केमिकल का ये प्रतिशत लिक्विड के रूप में होता है, बाकी पानी की मात्रा होती है।
वहीं, क्लोरीन ब्लीच लिक्विड आपकी स्किन, आंखों और गले में खुजली पैदा कर सकता है। इसके सीधे संपर्क में आने से स्किन की समस्या डर्मोटाइटिस हो जाती है। अगर ये शरीर के अंदर चला जाए, तो खाने की नली में जख्म हो सकता है, पेट में गड़बड़ और लंबे तक उल्टी की परेशानी हो सकती है।
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ऑलपरपस क्लीनर में होते हैं ढेर सारे केमिकल
आजकल बाजार में बिकने वाला एक ही क्लीनर हर तरह की सफाई करने का दावा करता है। इसमें अमोनिया, एथिलीन ग्लाइकॉल मोनोब्यूटिल एसीटेट, सोडियम हाइपोक्लोराइट या ट्राइसोडियम फॉस्फेट जैसे केमिकल होते हैं। इससे स्किन, आंख, नाक और गले में होने वाली जलन की समस्या इस बात पर निर्भर करती है कि आपके ऑलपरपस लिक्विड में क्या मिलाया गया है।
ग्लास क्लीनर में होता है अमोनिया
आपके घरों के शीशों को चमकाने वाले इन क्लीनर्स में अमोनिया और आइसाप्रोपेनॉल जैसे तत्व होते हैं। इन प्रोडक्ट्स से आपकी आंखों, नाक और गले में परेशानी हो सकती है। अगर यह मुंह के जरिए शरीर में चला जाए तो बेहोशी या मौत का खतरा भी रहता है।
इसलिए बढ़ रहा है ईको-फ्रेंडली क्लीनर का इस्तेमाल
ईको-फ्रेंडली क्लीनर में इस्तेमाल होने वाले नैचुरल तत्व जैसे ऑयल, फ्रूट या प्लांट एक्स्ट्रैक्ट से घर के अंदर पॉल्यूशन कम होता है और सेहत पर बुरा प्रभाव नहीं पड़ता।
इन क्लीनर्स से एलर्जी और सांस से जुड़ी परेशानी नहीं होती।
ये सुरक्षित तरीके से सफाई करता है, इसलिए बच्चे और घर के पेट्स लिए पूरी तरह सेफ रहते हैं।
आप भी बना सकते हैं घर पर नेचुरल क्लीनर
घर पर मौजूद विनेगर, बेकिंग सोडा और ऑयल्स से आप अपना नेचुरल होम क्लीनर बना सकते हैं। ये आपकी स्किन के लिए अच्छे होते हैं और घर की बेहतर सफाई के लिए भी।
