हर बात पर टोकता है बॉस? परेशान होने की जगह आजमाएं ये 4 स्मार्ट ट्रिक्स, काम में नहीं होगी किचकिच
बॉस के माइक्रो-मैनेजमेंट से कर्मचारी तनाव और कम प्रोडक्टिविटी का सामना करते हैं, जिससे काम की क्वालिटी प्रभावित होती है।

ऑफिस में माइक्रो-मैनेजमेंट से हैं परेशान? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अगर बॉस हर काम पर रोका-टोकी करने लगे या बार-बार अपडेट्स मांगता रहे, तो कर्मचारी के लिए ये काफी तनाव भरा हो सकता है। इसे माइक्रो-मैनेजमेंट कहते हैं। बॉस आपके हर काम पर सवाल उठाता है और काम को लेकर आपके पास कोई स्वतंत्रता नहीं बचती।
इसके कारण न सिर्फ स्ट्रेस बढ़ता है, बल्कि काम की क्वालिटी और प्रोडक्टिविटी भी कम होने लगती है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने बॉस के बर्ताव को समझें और उस हिसाब से वर्कप्लेस पर अपनी स्ट्रैटेजी बनाएं। आइए जानें बॉस के माइक्रो-मैनेजमेंट की आदत को कैसे हैंडल कर सकते हैं।
भरोसा बनाएं
ज्यादातर मामलों में माइक्रो-मैनेजमेंट का सबसे बड़ा कारण होता है बॉस का डर या इन्सेक्योरिटी। उन्हें डर होता है कि अगर वो हर काम पर खुद निगरानी नहीं करेंगे, तो कोई काम ठीक से नहीं होगा। इसलिए जरूरी है कि आप अपने बॉस की प्रायोरिटी को समझें और उस हिसाब से काम करें। इससे आप बेहतर रिजल्ट दे पाएंगे और आपके बॉस को भी आप पर भरोसा होगा कि उनकी निगरानी के बिना भी आप अच्छा काम कर सकते हैं।
खुद ही ओवर-कम्युनिकेट करें
माइक्रो-मैनेजर बॉस की सबसे बड़ी आदत होती है कि वो बार-बार काम का स्टेट पूछता है। इसलिए अगर आप पहले ही खुद से अपडेट देने की आदत डाल लेंगे, तो बॉस को आपको बार-बार टोकने का मौका ही नहीं मिल पाएगा। अपने रोज के कामों की अपडेट्स ई-मेल के जरिए अपने बॉस के साथ शेयर करें। अगर किसी बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, तो उसकी टाइम-लाइन की जानकारी भी साथ-साथ देते जाएं।
बाउंड्री सेट करें
हर छोटे काम के लिए बॉस के पास जाने से माइक्रो-मैनेजमेंट बढ़ता है। इसलिए काम शुरू करने से पहले ही अपनी जिम्मेदारियों और बाउंड्री को सेट कर लें। किसी नए प्रोजेक्ट से पहले ही अपने बॉस से पूछ लें कि आपकी इसमें जिम्मेदारी क्या है और आप कौन-से फैसले खुद ले सकते हैं। इससे बार-बार अप्रूवल लेने में समय बर्बाद नहीं होता और काम भी समय पर हो जाता है।
वन-टू-वन टॉक करें
अगर आप बॉस के माइक्रो-मैनेजमेंट से बहुत परेशान हो चुके हैं, तो आप सीधे-सीधे जाकर उनसे वन-टू-वन बात कर सकते हैं। हालांकि, बात करते समय शिकायत के लहजे में अपनी बात न रखें। अपने काम पर फोकस करते हुए बात करें, जैसे मैं इस काम को और बेहतर कर पाऊंगा, अगर मुझे इस प्रोजेक्ट को संभालने में थोड़ी आजादी मिले तो। इससे बिना बहस के आप अपनी बात कर पाएंगे और प्रोफेशनल तरीके से बॉस को अपनी बात भी समझा पाएंगे।
