ना एसी-ना कूलर, फिर भी क्यों ठंडे रहते थे पुराने जमाने के घर; आज भी काम आएंगे ये देसी तरीके
भीषण गर्मी में एसी-कूलर के बिना घर को ठंडा रखना बेहद मुश्किल काम है। पुराने जमाने में जब ये उपकरण नहीं थे लोग देसी तरीकों का इस्तेमाल करते थे। जिससे उनके घर और कमरे ठंडे रहते थे। अगर आप भी ये तरीके अपनाते हैं तो आप घर को तो ठंडा रखेंगे ही साथ ही बिजली का बिल भी बचा सकेंगे।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। राजधानी दिल्ली में तो तापमान 42 डिग्री पार कर चुका है। ऐसे में खुद काे ठंडा रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। गर्मियों में एसी-कूलर के बिना तो जीने की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। सभी घरों में हर कमरे में एसी या फिर कूलर लगे होते हैं। इससे जहां आपको गर्मी से राहत मिलती है, वहीं आपका घर या यूं कह लें कि कमरे भी ठंडे रहते हैं।
एसी-कूलर तो आज के जमाने के हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि जब मार्केट में एसी या कूलर नहीं थे तो लोग अपने घरों को कैसे ठंडा रखते थे? हमारे पूर्वज आज भी एसी कूलर में बैठना पसंद नहीं करते हैं। हालांकि उन दिनों भी गर्मियां खूब पड़ती थीं। ऐसे में सवाल ये उठता है कि पहले जमाने के लोग ऐसा कौन सा काम करते थे जिससे उनका घर ठंडा रहता है। वे गर्मी से कैसे राहत पाते थे।
आज का हमारा लेख भी इसी विषय पर है। हम आपको कुछ देसी तरीके बताने जा रहे हैं, जिससे आप अपने घरों को ठंडा रख सकते हैं। ये टिप्स आज भी कारगर माने जाते हैं। अगर आप इन टिप्स को अपनाते हैं तो आप बिजली का बिल भी बचा सकते हैं। आइए जानते हैं विस्तार से-
पेड़ पौधे लगाएं
गर्मी में घरों को ठंडा रखना चाहते हैं तो सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप पेड़-पौधे ज्यादा से ज्यादा लगाएं। इनडोर और आउटडोर प्लांट्स घरों को ठंडा रखने में मदद करेंगे। साथ ही इससे आपको ताजी हवा मिलेगी। दरअसल, ये पेड़ तापमान को कम करने का काम करते हैं। ये ऑक्सीजन लेवल को भी बढ़िया बनाते हैं।
मिट्टी का करें इस्तेमाल
आपने देखा होगा कि पुराने जमाने के लोग जब अपना घर बनवाते थे तो सीमेंट ईंट के बजाय मिट्टी, पत्थर और चूना का इस्तेमाल करवाते थे। मिट्टी से बनी मोटी दीवारें तो वैसे भी गर्मी को अंदर आने से रोकती हैं। ऐसे में अगर आप नया घर बनवा रहे हैं तो आप भी इन चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आप अपने घर को ठंडा रख सकते हैं।
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मोटी दीवारें और ऊंची छत
दादी-नानी के जमाने में आपने देखा होगा कि घरों की दीवारें काफी मोटी होती थीं। ये गर्मी काे अंदर आने से रोकने का काम करती थीं। वहीं छतों की ऊंचाई भी काफी होती है। इससे कमरे भी ठंडे रहते थे। क्योंकि ये गर्म हवा को ऊपर ही रोक लेते थे। ऐसे में घर के नीचे का हिस्सा ठंडा रहता था।
लगाते थे घास के पर्दे
पुरानी फिल्मों में आपने देखा होगा कि पहले के घरों में दरवाजों और खिड़कियों में खस की चटाई या घास के पर्दे लगाए जाते थे। इन्हें समय-समय पर गीला किया जाता था। ये घरों को ठंडा रखते थे। आप भी ये तरीका अपना सकते हैं।
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