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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बरसात में फंगस से बचाव के लिए अपनाएं ये 5 घरेलू उपाय, सुरक्षित रहेगा आपका कीमती सामान

Published: Tue, 02 Sep 2025 08:53 AM (IST)

क्या बारिश के मौसम में आपकी गाड़ी की सीट लैपटाप का कवर अलमारी में रखे महंगे कपड़े या फर्नीचर आदि ...और पढ़ें

बारिश के मौसम में फंगस कर रहा है सामान खराब? (Image Source: Freepik)
बारिश के मौसम में फंगस कर रहा है सामान खराब? (Image Source: Freepik)

HighLights

  1. मानसून में कपड़ों की अलमारी से बदबू आने लगती है।
  2. इस मौसम में फंगस लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
  3. कुछ घरेलू उपाय इससे बचाव में मददगार हो सकते हैं।

सुमन अग्रवाल, नई दिल्ली। बरसात का मौसम जितना सुहावना होता है, उतनी ही मुसीबतें भी साथ लाता है। इस मौसम में हवा में नमी बढ़ जाती है, जिसकी वजह से फंगस और फफूंदी तेजी से फैलते हैं। ये न सिर्फ हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं, बल्कि हमारे घर के सामान, कपड़ों और फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचाते हैं।

लेकिन घबराएं नहीं, क्योंकि आप कुछ आसान घरेलू उपायों को अपनाकर इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं और अपने घर को सुरक्षित रख सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 असरदार तरीके।

बारिश का मौसम और फंगस का खतरा

जहां आक्सीजन का संचार न हो, नमी और आर्द्रता वाला वातावरण हो, वहां फफूंद आसानी से पैदा हो सकती है, जैसे मिट्टी, पौधे, लकड़ी, ड्राईवाल, कपड़े, खाद्य पदार्थ आदि। घरों के अंदर बाथरूम, रसोई, बेसमेंट, अटारी, दीवारें, फर्श, कार्पेट आदि में भी बारिश के मौसम में आसानी से फफूंद लग जाती है।

दरअसल, घर के कई कोनों में हवा का प्रवाह ठीक से नहीं होता है। बारिश में धूप ना निकलना फंगस के लिए उपयुक्त वातावरण बना देता है। दीवारों पर सीलन और कपड़ों की अलमारी में फंगस लगना तो आम बात है, लेकिन जब सोफे, हैवी फर्नीचर, कार्पेट, गाड़ी की सीट या लैपटाप की बात आती है, तब चिंता बढ़ जाती है, क्योंकि ये सामान काफी कीमती होते हैं। गाड़ी के अंदर उच्च आर्द्रता की वजह से फफूंद लगती है। लंबे समय तक गाड़ी बंद रहने के कारण हवा और धूप दोनों का संचालन बंद हो जाता है और फंगस लगने की अनुकूल स्थितियां पैदा होने लगती हैं।

कैसे बचाएं अपना कीमती सामान?

अपने कीमती समान, खासकर कपड़ों को हवादार और सुखी जगहों पर रखें। घर और बाथरूम की सफाई नियमित रूप से करें। गर्म और नम वातावरण फंगस को पनपने में मदद करते हैं, इसलिए ऐसी जगहो पर सामान न रखे जहां धूप का संचार ना हो और गीलापन रहे।

  • सिरका : सिरका एटीफंगल है, जो फफूंद को हटाने में मदद करता है। सिरके को पानी में मिलाकर स्प्रे बनाए और फफूंद वाले स्थानों पर छिड़कें। 15 मिनट बाद गीले कपड़े से उसे पोंछ दें।
  • बेकिंग सोडा : पानी में बेकिंग सोडा घोलकर पेस्ट बना लें और फफूंद वाली जगह पर लगाएं। 10-15 मिनट के बाद इसे रगड़ें और फिर गीले कपड़े से साफ करे।
  • नींबू का रसः नींबू का रस सीधे फफूंद पर लगाएं और 10 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद गीले कपड़े से उसे पोंछ दें।
  • टी ट्री आयल: टी ट्री आयल को पानी में मिलाकर फफूंद वाली चीजों पर छिड़क दें। 30 मिनट तक रहने दें और फिर पोंछ दें।

फंगस से फैल सकती हैं ये बीमारियां

फंगस से कई तरह की बीमारिया भी हो सकती है। फंगल इन्फेक्शन से त्वचा में खुजली होना, एलर्जी, लाल चकत्ते बन जाना, सांस लेने में दिक्कत होना या अस्थमा आदि हो सकते हैं। कई बार हाथ और पैरों की अंगुली में दाद या जलन भी होती है।

फंगस से नाक बंद होना, सिरदर्द या साइनस की समस्या भी बढ़ सकती है महिलाएं अधिक समय तक घर में रहती हैं, इसलिए उन्हें कई तरह के संक्रमण की आशंका रहती है, जैसे उनके अंदरूनी हिस्सों में संक्रमण फैल सकता है। ब्लैक फंगस एक दुर्लभ, लेकिन खतरनाक संक्रमण है, जो फफूंद से होता है। दरअसल, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, उन्हें ये संक्रमण जल्द होने की आशंका होती है।

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