World Malaria Day 2025: इन 6 लक्षणों को अनदेखा करना हो सकता है जानलेवा, नॉर्मल फ्लू समझने की न करें गलती
मलेरिया एक गंभीर बीमारी है जिसका जल्द से जल्द इलाज करवाना जरूरी है। इसके शुरुआती लक्षणों (Malaria Warning Signs) की मदद से इसका जल्दी पता लगाया जा सकता है। हालांकि कई बार लोग इसके कुछ लक्षणों को फ्लू समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। आइए जानें मलेरिया के 6 शुरुआती लक्षण जिन्हें इग्नोर नहीं करना चाहिए वरना यह जानलेवा साबित हो सकता है।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। मलेरिया (Malaria) एक गंभीर मच्छरों से पैदा होने वाली बीमारी है, जो प्लाज्मोडियम पैरासाइट के कारण फैलती है। यह बीमारी दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करती है, खासकर ट्रॉपिकल और सबट्रॉपिकल क्षेत्रों में। इसलिए इस बीमारी के बारे में सही जानकारी होनी बहुत जरूरी है। लोगों को इसके बारे में जागरूक बनाने के लिए हर साल 25 अप्रैल को वर्ल्ड मलेरिया डे (World Malaria Day 2025) मनाया जाता है।
मलेरिया के लक्षण (Malaria Warning Signs) अक्सर फ्लू जैसे होते हैं, जिसके कारण लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते। लेकिन इसके संकेतों को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए मलेरिया के शुरुआती लक्षणों (Deadly Malaria Symptoms) को पहचानना और तुरंत इलाज कराना बेहद जरूरी है। आइए इस बारे में डॉ. राजीव डांग (मैक्स हॉस्पिटल, गुरुग्राम के इंटरनल मेडिसिन के सीनियर डायरेक्टर और एचओडी और मेडिकल डायरेक्टर) से जानते हैं।
मलेरिया के वॉर्निंग साइन्स (Warning Signs of Malaria)
तेज बुखार और ठंड लगना
मलेरिया का सबसे आम लक्षण अचानक तेज बुखार होना है, जो कंपकंपी और ठंड लगने के साथ शुरू होता है। यह बुखार कुछ घंटों तक रहकर उतर जाता है, लेकिन 24 से 48 घंटे के बाद फिर से वापस आ सकता है।
सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द
मलेरिया से पीड़ित व्यक्ति को तेज सिरदर्द, शरीर में दर्द और जोड़ों में अकड़न महसूस हो सकती है। यह लक्षण वायरल फीवर से मिलता-जुलता होने के कारण अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है।
यह भी पढ़ें: मलेरिया से रिकवरी के लिए कैसी होनी चाहिए डाइट? जानें क्या खाएं और क्या नहीं
उल्टी और मतली
मलेरिया के पैरासाइट शरीर में फैलने पर पाचन तंत्र प्रभावित होता है, जिससे मतली, उल्टी और भूख न लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
थकान और कमजोरी
मलेरिया के कारण शरीर में रेड ब्लड सेल्स नष्ट होने लगती हैं, जिससे एनीमिया हो सकता है। इससे मरीजों को ज्यादा थकान, चक्कर आना और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
पीलिया (जॉन्डिस)
गंभीर मामलों में, मलेरिया लीवर को प्रभावित कर सकता है, जिससे त्वचा और आंखों का रंग पीला पड़ने लगता है। यह एक गंभीर संकेत है और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत होती है।
दौरे पड़ना या बेहोशी
प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम नाम के पैरासाइट से होने वाला मलेरिया बहुत खतरनाक होता है। यह दिमाग तक पहुंचकर सेरेब्रल मलेरिया का कारण बन सकता है, जिसमें मरीज को दौरे पड़ सकते हैं या वह कोमा में भी जा सकता है।
क्या करें अगर मलेरिया के लक्षण दिखें?
- तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और ब्लड टेस्ट कराएं।
- मलेरिया होने पर दी गई दवाएं नियमित रूप से लें।
- डिहाइड्रेशन से बचने के लिए भरपूर पानी पिएं।
- मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और मच्छरों से बचाव के उपाय करें।
यह भी पढ़ें: डॉक्टर ने बताए मलेरिया और डेंगू में अंतर, बचाव के लिए करें 5 काम
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।