विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कोहनी के कहीं टकराने पर क्यों लगता है बिजली जैसा करंट, कभी सोचा है?

By Priyanka SinghEdited By: Priyanka Singh
Published: Wed, 24 May 2023 12:52 PM (IST)Updated: Wed, 24 May 2023 01:28 PM (IST)

आपने महसूस किया होगा कोहनी जब किसी सख्त चीज से टकरा जाती है तो बिल्कुल करंट लगने जैसा महसूस होता ...और पढ़ें

तो इस वजह से कोहनी टकराने पर लगता है बिजली जैसा करंट
तो इस वजह से कोहनी टकराने पर लगता है बिजली जैसा करंट

शरीर के बाकी अंग जब किसी सख्त चीज़ से टकराते हैं, तो भयंकर दर्द का एहसास होता है लेकिन क्या आपने फील किया है कि कोहनी पर चोट लगने से दर्द नहीं, बल्कि करंट लगने जैसा एहसास होता है, तेज झनझनाहट होती है। तो क्या कभी आपके दिमाग में आया कि ऐसा क्यों होता है? कोहनी के जिस हड्डी के कहीं टकराते ही करंट लगता है उसे आम भाषा में 'फनी बोन' कहा जाता है और मेडिकल भाषा में अल्नर नर्व। हालांकि, आप जो सेंसेशन फील करते हैं, वह वास्तव में बिजली का करेंट नहीं होता है। "फनी बोन" आपके कोहनी के पीछे पाई जाती है। यह नर्व गर्दन, कंधे और हाथों से होती हुई कलाई तक जाती है, जहां यह ज्यादातर हड्डियों, मांसपेशियों और लिगामेंट से घिरी होती है। चूंकि यह नर्व कोहनी से होती हुई आगे जाती है, जहां यह सिर्फ त्वचा और चर्बी से ही ढकी होती है, इसलिए इसमें कोई हल्का सा भी धक्का लग जाए तो सनसनी होती है। जब आपकी फनी बोन पर चोट लगती है तो यह चोट नर्व को लगती है, इससे हड्डी से टिकी यह नर्व संकुचित होती है। इस वजह से दर्द, झुनझुनी और कुछ देर के लिए वह जगह सुन्न हो जाती है।

क्यों पड़ा इसका नाम 'फनी बोन'?

कोहनी के इस जगह का नाम "फनी बोन" कैसे पड़ा, इसके पीछे दो विचार हैं। यह ऊपरी बांह की हड्डी के नाम, "ह्यूमरस" (Humors) और "ह्यूमर" शब्द की ध्वनि के समान है इसलिए इसे फनी बोन कहा जाता है। दूसरा विचार यह है कि इस जगह चोट लगने से अजीब सी सनसनी होती है, हंसी, गुस्सा या करंट फील होता है, तो इस इसे फनी बोन कहा जाता है।

क्यों लगता है करंट?

आपके हाथ की बनावट "फनी बोन" सनसनी का कारण बनती है। अल्नार नर्व (तंत्रिका) आपकी बांह के अंदर होती है। यह नर्व आपके मस्तिष्क से आपके हाथ तक संदेश भेजने, हिलने-डुलने और सनसनी को महसूस करवाने के लिए जिम्मेदार होती है। इस नर्व का ज्यादातर हिस्सा जोड़ों, हड्डियों औ मज्जा के बीच सुरक्षित रहता है, लेकिन कोहनी से होकर गुजरने वाला नर्व स्किन और फैट से कवर होता है। ऐसे में जब अनजाने में कोहनी किसी चीज़ से टकराती है, तो सीधा इस नर्व पर झटका लगता है और हमें बिजली के करंट लगने जैसा फील होता है। यह सनसनी थोड़े समय के लिए असहज या दर्दनाक हो सकती है। लेकिन कुछ ही समय बाद यह नॉर्मल हो जाती है। दर्द या तकलीफ का एहसास भी नहीं होता। 

तो अगली बार जब आपकी कोहनी में ऐसे करंट का झटका लगे, तो इसमें फनी बोन्स का कोई कसूर नहीं, बल्कि अल्नर नर्व पर लगी चोट इसके लिए ज़िम्मेदार है।

(डॉ रवींद्र श्रीवास्तव, निदेशक- न्यूरोसाइंस, प्राइमस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, नई दिल्ली से बातचीत पर आधारित)

Pic credit- freepik