क्यों फेल होता है IVF? अब मिलेगी सटीक जानकारी, वैज्ञानिकों ने बनाया एंडोमेट्रियम का 3D मॉडल
गर्भावस्था और आईवीएफ (IVF) की सफलता की दिशा में वैज्ञानिकों ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। यूके के बाबराहम इंस्टीट्यूट और अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिव ...और पढ़ें

भ्रूण के प्रत्यारोपण का अध्ययन करने को एंडोमेट्रियम की प्रति बनाई (Image Source: AI-Generated)
प्रेट्र, नई दिल्ली। शोधकर्ताओं ने गर्भाशय की आंतरिक परत या एंडोमेट्रियम की एक प्रति बनाई है, जिससे उन्हें मानव भ्रूण के प्रत्यारोपण का अध्ययन करने की अनुमति मिली है। यह प्रक्रिया गर्भावस्था की शुरुआत का संकेत देती है। जर्नल सेल में छपे एक पेपर में बताए गए इस माडल से विज्ञानी गर्भाशय और भ्रूण के बीच के बीच अंतःक्रियाओं का अध्ययन कर सकते हैं। इससे प्रत्यारोपण के फेल होने के पीछे के कारणों का पता लगा सकते हैं। यूके के बाबराहम इंस्टीट्यूट और अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन किया।

प्रत्यारोपण फेल होने को समझने का प्रयास
बाबराहम इंस्टीट्यूट के सीनियर ग्रुप लीडर और मुख्य शोधकर्ता पीटर रग गन ने कहा, भ्रूण के प्रत्यारोपण और प्रत्यारोपण के ठीक बाद भ्रूण के विकास को समझना क्लिनिकल नजरिए से महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये चरण खास तौर पर फेल होने की संभावना रखते हैं। खास तौर पर प्रत्यारोपण फेल होने की उच्च दर आइवीएफ की सफलता के लिए मुख्य सीमित कारकों में से एक है। शोधकर्ताओं ने कहा कि फर्टिलाइजेशन शुक्राणु और अंडे की कोशिका के मिलने के लगभग एक हफ्ते बाद विकसित हो रहा भ्रूण गर्भाशय की परत या एंडोमेट्रियम में स्थापित हो जाता है । उन्होंने कहा कि प्रत्यारोपण के दौरान और बाद में भ्रूण को देखने में कठिनाई के कारण इस चरण को अच्छी तरह से समझा नहीं गया है।
आंतरिक परत का 3डी माडल बनाया
टीम ने बताया कि गर्भाशय की आंतरिक परत का 3डी माडल एक स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस में बनाया गया है, जिसमें एंडोमेट्रियल ऊतकों के घटकों को साथ लाया गया है और यह एंडोमेट्रियम की जटिल शारीरिक विशेषताओं और कोशिका संरचना की नकल करने का प्रयास करता है। उन्होंने स्वस्थ लोगों के ऊतकों से एंडोमेट्रियल ऊतकों को बनाने वाले दो कोशिकाओं एपिथेलियल और स्ट्रोमल को अलग किया, जिसका उपयोग गर्भाशय की आंतरिक परत को उसकी संरचना देने वाले घटकों की पहचान के लिए किया गया।
महत्वपूर्ण सफलता
रंग-गन ने कहा, हम वास्तव में उत्साहित थे कि हमारा सिस्टम उन आवश्यक कारकों को रिलीज करता है जो गर्भावस्था के पहले कुछ हफ्तों में भ्रूण को पोषण देने के लिए आवश्यक होते हैं। पिछले माडलों ने इसे हासिल नहीं किया है इसलिए यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण सफलता थी । भ्रूण के प्रत्यारोपण स्थलों पर कोशिकाओं का विश्लेषण करते हुए शोधकर्ताओं ने भ्रूण और एंडोमेट्रियम माडल के इंटरफेस पर कोशिकाओं का प्रोफाइल बनाने में सक्षम थे, जो ऊतकों के बीच आणविक संचार को प्रभावी ढंग से सुनने का काम करता है। टीम ने कहा कि परिणाम भ्रूण विकास के तुरंत बाद भ्रूण और एंडोमेट्रियल वातावरण के बीच जटिल अंतःक्रियाओं में नई अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं।

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