पीरियड ब्लड का रंग देखकर पता करें अपनी सेहत का हाल, एक्सपर्ट ने बताए 7 संकेत; भूलकर न करें अनदेखा
क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि आपके पीरियड्स के ब्लड का रंग हर बार या हर दिन एक जैसा नहीं होता? न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन के अनुसार, मासिक धर्म के दौरान खून का रंग, टेक्सचर और मात्रा हमारे हार्मोनल संतुलन, पोषण और यहां तक कि किसी संभावित इन्फेक्शन के बारे में भी बहुत कुछ बताता है। आइए, विस्तार से समझते हैं इस विषय के बारे में।

पीरियड ब्लड के हर शेड में छिपा है एक हेल्थ सीक्रेट (Image Source: Freepik)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। पीरियड ब्लड का रंग कई बार शरीर में चल रही आंतरिक स्थितियों का संकेत देता है। हालांकि, हर महिला का शरीर अलग होता है, लेकिन पीरियड ब्लड का रंग अक्सर हार्मोन, इन्फेक्शन, एक्टिविटी लेवल और ओवरऑल हेल्थ के बारे में खास जानकारी दे सकता है (What Period Blood Color Means)।
जी हां, यही वजह है कि न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन का कहना है कि अगर आप अपने पीरियड ब्लड के रंग को समझना सीख जाएं, तो कई समस्याओं को समय रहते पहचानना आसान हो सकता है। आइए जानें कि पीरियड के अलग-अलग रंग आपके शरीर के बारे में क्या बताते हैं (Period Blood Color Health Signs) और हेल्दी पीरियड फ्लो के लिए आप क्या कुछ कर सकती हैं।
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गहरा लाल या चेरी रेड
अगर आपका पीरियड ब्लड डार्क रेड या चेरी रेड है, तो यह आमतौर पर हेल्दी और फ्रेश ब्लड फ्लो का संकेत माना जाता है। यह दर्शाता है कि आपका शरीर सामान्य रूप से काम कर रहा है और एंडोमेट्रियम अच्छी तरह शेड हो रहा है।
हल्का गुलाबी
अगर ब्लड का रंग लाइट पिंक दिखाई दे रहा है, तो यह अक्सर लो एस्ट्रोजन लेवल की ओर इशारा करता है। बता दें, ऐसा फ्लो पीसीओएस से भी जुड़ा हो सकता है। इस स्थिति में अपने डाइट, पोषण और लाइफस्टाइल को सुधारने की जरूरत होती है ताकि हार्मोन बैलेंस हो सके।
नारंगी रंग
पीरियड ब्लड कभी-कभी ऑरेंज भी दिख सकता है, जो कुछ महिलाओं में सामान्य होता है।
हालांकि, अगर इसके साथ- खुजली, जलन या बदबू हो तो यह इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है और डॉक्टर को दिखाना जरूरी हो जाता है।

भूरा रंग
ब्राउन ब्लड आमतौर पर वह खून होता है जो शरीर में पहले से जमा था और अब बाहर निकल रहा है। अगर पीरियड के दौरान यह बार-बार दिखाई दे, तो यह दर्शाता है कि आपको-
- थोड़ा ज्यादा एक्टिव रहना चाहिए
- हल्का योग, स्ट्रेचिंग या वॉकिंग करनी चाहिए
इससे गर्भाशय बेहतर तरीके से साफ होता है और पुराना खून नहीं रुकता।
ग्रे रंग
अगर आपको फ्लो के दौरान ग्रे ब्लड या ग्रे डिस्चार्ज दिखाई दे रहा है, तो यह पक्का इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि देरी नुकसानदायक हो सकती है।
पानी जैसा ब्लड
अगर ब्लड का रंग बहुत हल्का या पानी जैसा है, तो यह बहुत हल्के या वॉटरी फ्लो को दर्शाता है। अगर यह बार-बार हो रहा है, तो आपको आयरन और हीमोग्लोबिन की जांच करवाने की जरूरत होती है।
ब्लड क्लॉट्स
पीरियड के दौरान छोटे ब्लड क्लॉट्स आमतौर पर सामान्य होते हैं, लेकिन अगर क्लॉट्स का साइज 2.5 सेमी से बड़ा हो, तो यह संकेत हो सकता है-
- एंडोमेट्रियोसिस
- फाइब्रॉइड
- पॉलीप्स
इसके अलावा, अगर आपके पीरियड का फ्लो या साइकल अचानक बदल जाए, तो थायरॉयड की जांच भी जरूरी हो सकती है।
हेल्दी पीरियड फ्लो कैसे बनाए रखें?
सही आदतें आपके पीरियड फ्लो को काफी हद तक बेहतर बना सकती हैं। अपनी दिनचर्या में ये बदलाव शामिल करें:
पौष्टिक डाइट लें
- प्रोटीन
- हेल्दी फैट
- आयरन से भरपूर भोजन
ये हार्मोन को बैलेंस करते हैं और फ्लो को बेहतर बनाते हैं।
पर्याप्त पानी पिएं
हाइड्रेटेड रहने से फ्लो स्मूथ रहता है और क्रैम्प्स भी कम हो सकते हैं।
हल्की फिजिकल एक्टिविटी करें
वॉकिंग, स्ट्रेचिंग और योगा से पेल्विक ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
तनाव कम करें
दैनिक तनाव हार्मोन गड़बड़ा सकता है। मेडिटेशन या रिलैक्सेशन तकनीकें अपनाएं।
अपने पीरियड ट्रैक करें
समय पर बदलाव पहचानने के लिए अपने साइकल, फ्लो, दर्द और रंग को नोट करें।
पीरियड ब्लड का रंग केवल एक सामान्य बदलाव नहीं, बल्कि आपके अंदर हो रही कई प्रक्रियाओं का संकेत हो सकता है। इन संकेतों को समझकर आप समय रहते जरूरी कदम उठा सकती हैं।
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