ढलते सूरज को देखने से दिमाग पर होता है कमाल का असर, मेंटल हेल्थ को फायदा पहुंचाता है ‘Sunset Awe Effect’
सनसेट का नजारा, जिसे 'सनसेट ऑ इफेक्ट' कहते हैं, मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है।

क्या है सनसेट ऑ इफेक्ट? (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। प्रकृति की खूबसूरती का आनंद लेने के लिए सनराइज या सनसेट का नजारा सबसे बेहतरीन माना जाता है। इस खूबसूरत नजारे को देखकर लोगों को काफी सुकून का एहसास होता है। आसमान में बिखरे लाल और नारंगी रंग हमारी आंखों को तो सुकून देते ही हैं, साथ ही हमारी मेंटल हेल्थ के लि भी काफी फायदेमंद होते हैं।
ढलते सूरज को देखने से हमारे दिमाग पर जो असर होता है, उसे सनसेट ऑ (Sunset Awe) कहा जाता है। इस इफेक्ट से हमारे दिमाग पर कई पॉजिटिव असर होते हैं। आइए जानें कैसे डूबते सूरज को देखना हमारी मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद है।
स्ट्रेस और एंग्जायटी से राहत
कई स्टडीज में यह साबित हो चुका है कि डूबते या उगते हुए सूरज को देखने से हमारे अंदर ऑ यानी हैरान होने वाली भावना पैदा होती है। इस भावना से हमारे मन को शांति मिलती है और स्ट्रेस और एंग्जायटी से भी राहत मिलती है। अगर नियमित रूप से इस ऑ इफेक्ट को महसूस किया जाए, तो स्ट्रेस और एंग्जायटी को लंबे समय के लिए कम किया जा सकता है।
याददाश्त में सुधार
सनसेट और सनराइज का नजारा दिमाग को रोजाना की भागदौड़ और मानसिक थकान से ब्रेक देता है। जब दिमाग शांत होता है, तो हमारी क्रिएटिविटी बढ़ती है और इनफॉर्मेशन स्टोर करने की क्षमता में भी काफी सुधार होता है। इसके अलावा, स्ट्रेस कम होने से फोकस भी बढ़ता है।
शरीर में सूजन कम होती है
जब हम सनसेट जैसा नजारा देखते हैं, तो हमें खुशी का एहसास होता है। इससे साइटोकाइन्स का लेवल कम होता है। साइटोकाइन इन्फ्लेमेशन मार्कर होते हैं। इसलिए इनका स्तर कम होने से सूजन कम होती है और डायबिटीज और दिल की बीमारियों का जोखिम कम होता है।
सर्केडियन रिदम में सुधार
सुबह उगते सूरज को देखना और शाम को सनसेट का नजारा देखना हमारे शरीर के बायोलॉजिकल क्लॉक को भी सेट करता है। इससे रात के समय मेलाटोनिन सही मात्रा में रिलीज होता है और बेहतर नींद आती है। इसके कारण सुबह उठने का समय भी सही फिक्स होता है और स्लीप साइकिल में सुधार होता है।
माइंडफुलनेस
सनराइज या सनसेट का नजारा हमें वर्तमान के पलों से जोड़ता है। हमारा दिमाग शांत होता है, हम पुरानी बातों या भविष्य की चिंता को कुछ समय के लिए भूल जाते हैं और उस नजारे पर फोकस करते हैं। इससे माइंडफुलनेस बढ़ती है।
