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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Vitamin-D की कमी मचा सकती है शरीर में तबाही, यहां जानें किन कारणों से हो सकती है इसकी कमी

Published: Mon, 11 Nov 2024 10:08 AM (GMT+05:30)

विटामिन-डी एक ऐसा पोषक तत्व है जो हमारे शरीर में कई अहम भूमिकाएं निभाता है। इस विटामिन की कमी (Vitamin-D ...और पढ़ें

इन वजहों से हो सकता है Vitamin-D का लेवल कम (Picture Courtesy: Freepik)
इन वजहों से हो सकता है Vitamin-D का लेवल कम (Picture Courtesy: Freepik)

HighLights

  1. Vitamin-D की कमी के कारण शरीर में कई परेशानियां हो सकती हैं।
  2. हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए विटामिन-डी बेहद जरूरी है।
  3. विटामिन-डी की कमी के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। विटामिन-डी, जिसे "सनशाइन विटामिन" भी कहा जाता है, हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है। यह हड्डियों के स्वास्थ्य, इम्यून सिस्टम और कई दूसरे बॉडी फंक्शन के लिए जरूरी है। इसलिए जब शरीर में विटामिन-डी की कमी (Vitamin-D Deficiency) हो जाती है, तो कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। आमतौर पर हम मानते हैं कि धूप न लेने की वजह से विटामिन-डी की कमी होती है, लेकिन ऐसे और भी कई कारण (Causes of Vitamin-D Deficiency) हैं जिनकी वजह से शरीर में विटामिन-डी की कमी हो सकती है। आइए जानते हैं।

Vitamin D Deficiency

विटामिन-डी की कमी के मुख्य कारण

सूरज की रोशनी का कम संपर्क

  • ज्यादा समय घर के अंदर रहना- आजकल की जीवनशैली में लोग ज्यादा समय घर के अंदर कंप्यूटर, मोबाइल या टेलीविजन देखने में बिताते हैं, जिसके कारण सूरज की रोशनी का संपर्क कम हो जाता है।
  • ठंडे मौसम में कम धूप- ठंड के मौसम में सूरज की किरणें कमजोर होती हैं, जिससे विटामिन-डी का प्रोडक्शन कम होता है।
  • कपड़े- शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े भी सूरज की रोशनी को त्वचा तक पहुंचने से रोकते हैं।
  • धूप से बचाव के उपाय- स्किन कैंसर से बचाव के लिए लोग धूप से बचने के उपाय करते हैं, जैसे- सनस्क्रीन लगाना, लेकिन इससे विटामिन-डी की कमी भी हो सकती है।

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डाइट में विटामिन-डी की कमी

  • विटामिन-डी से भरपूर फूड आइटम्स का कम सेवन- मछली, अंडे, दूध और कुछ प्रकार के मशरूम में विटामिन-डी पाया जाता है। इन फूड आइटम्स का कम सेवन करने से विटामिन-डी की कमी हो सकती है।
  • शाकाहारी खाना- वेजिटेरियन डाइट में विटामिन-डी के नेचुरल सोर्स सीमित होते हैं।

पाचन तंत्र संबंधी समस्याएं

  • मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम- इस स्थिति में आंतें पोषक तत्वों को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाती हैं, जिसके कारण विटामिन-डी की कमी हो सकती है।
  • सीलिएक रोग- यह एक ऑटोइम्यून डिजीज है, जिसमें ग्लूटेन नाम के प्रोटीन के प्रति आंतें सेंसिटिव हो जाती हैं, जिससे विटामिन-डी का अवशोषण प्रभावित होता है।

कुछ दवाएं

  • स्टेरॉयड- लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाओं का सेवन करने से विटामिन-डी का स्तर कम हो सकता है।
  • एंटी-एपिलेप्टिक दवाएं- कुछ एंटी-एपिलेप्टिक दवाएं भी विटामिन-डी के अवशोषण को प्रभावित कर सकती हैं।

उम्र

  • बढ़ती उम्र- बढ़ती उम्र के साथ त्वचा के सेल्स कम एक्टिव हो जाते हैं, जिसके कारण सूरज की रोशनी से विटामिन-डी का उत्पादन कम होता है।

अन्य स्वास्थ्य समस्याएं

  • किडनी की बीमारी- किडनी विटामिन-डी को एक्टिव रूप में बदलने में अहम भूमिका निभाते हैं। किडनी की बीमारी होने पर यह प्रक्रिया प्रभावित होती है।
  • लिवर डिजीज- लिवर विटामिन-डी के मेटाबॉलिज्म में अहम भूमिका निभाता है। लिवर डिजीज होने पर यह प्रक्रिया प्रभावित होती है।
  • मोटापा- मोटापे से पीड़ित लोगों में विटामिन-डी की कमी होने का खतरा ज्यादा होता है।

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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।