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क्या टॉयलेट में ज्यादा जोर लगाने से सच में जा सकती है याददाश्त? डॉक्टर ने दी बड़ी चेतावनी

Published: Mon, 27 Apr 2026 12:16 PM (IST)

क्या आपने कभी सोचा है कि टॉयलेट में फ्रेश होते समय ज्यादा जोर लगाने का असर सीधे आपके दिमाग पर पड़ सकता है?

क्या टॉयलेट में ज्यादा जोर लगाने से इंसान सब कुछ भूल सकता है? (Image Source: Freepik)

क्या टॉयलेट में ज्यादा जोर लगाने से इंसान सब कुछ भूल सकता है? (Image Source: Freepik) 

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समय कम है?

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं कि एक महिला शौच के दौरान इतना जोर लगा बैठी कि कुछ समय के लिए वह अपनी कई सालों की याददाश्त भूल गई। हालांकि, कुछ घंटों के बाद उसकी याददाश्त अपने आप वापस आ गई।

जी हां, यह घटना हाल ही में हुई है, जिसने कई लोगों के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या सच में ऐसा मुमकिन है? एक्सपर्ट के मुताबिक, ऐसा होना पूरी तरह से संभव है, लेकिन यह बेहद दुर्लभ मामलों में ही देखने को मिलता है। आइए, दिल्ली के पीएसआरआई अस्पताल के न्यूरोलॉजी कंसल्टेंट, डॉ. भास्कर शुक्ला से डिटेल में जानते हैं इस बारे में।

memory loss

(Image Source: AI-Generated) 

क्या है इसके पीछे का विज्ञान?

जब कोई व्यक्ति पेट साफ करने के लिए बहुत ज्यादा जोर लगाता है, तो शरीर अनजाने में एक खास प्रक्रिया से गुजरता है जिसे मेडिकल भाषा में 'वाल्साल्वा मैन्यूवर' कहते हैं। इस प्रक्रिया में इंसान सांस रोककर अपनी छाती और पेट पर बहुत तेज दबाव डालता है। इस भारी दबाव के कारण शरीर का ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन में अचानक बदलाव आ जाता है।

इसका नतीजा यह होता है कि कुछ ही पलों के लिए दिमाग तक जाने वाले खून का प्रवाह कम हो जाता है। खून की इस कमी से व्यक्ति को चक्कर आ सकता है, वह हल्का बेहोश हो सकता है या उसे कुछ समय के लिए भ्रम महसूस हो सकता है। बहुत ही दुर्लभ स्थितियों में, यही खून की कमी अस्थायी याददाश्त जाने यानी ट्रांजिएंट अम्नेशिया का कारण बन जाती है।

Link Between Constipation and Memory Loss

(Image Source: AI-Generated) 

'ट्रांजिएंट ग्लोबल अम्नेशिया' क्या है?

इस तरह अचानक से याददाश्त के चले जाने को 'ट्रांजिएंट ग्लोबल अम्नेशिया' (Transient Global Amnesia) कहा जाता है। इस स्थिति में व्यक्ति अचानक अपनी हाल-फिलहाल की बातों या घटनाओं को याद नहीं रख पाता। राहत की बात यह है कि यह समस्या हमेशा के लिए नहीं होती, आमतौर पर कुछ घंटों के भीतर ही दिमाग वापस सामान्य स्थिति में आ जाता है। इस स्थिति के पीछे टॉयलेट में ज्यादा जोर लगाने के अलावा कुछ और कारण भी हो सकते हैं, जैसे बहुत अधिक तनाव लेना या फिर अचानक बहुत ठंडे पानी में चले जाना।

क्या यह खतरनाक है?

डॉ. भास्कर शुक्ला बताते हैं कि यह स्थिति आमतौर पर कोई स्थायी नुकसान नहीं पहुंचाती है, लेकिन बार-बार कब्ज का होना और टॉयलेट में बहुत ज्यादा जोर लगाना शरीर के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है। ऐसा लगातार करने से बवासीर, फिशर और यहां तक कि दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा काफी बढ़ सकता है।

बचाव के आसान तरीके

  • इन सभी समस्याओं से बचने का सबसे अच्छा तरीका है अपने डाइजेशन का ख्याल रखना।
  • कब्ज से बचने के लिए अपनी डेली डाइट में फाइबर से भरपूर चीजें खाएं, जैसे- ताजे फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज।
  • दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • नियमित रूप से शारीरिक कसरत करें।

अगर आपको लंबे समय से कब्ज की शिकायत बनी हुई है, तो इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें। अपनी इन छोटी-छोटी आदतों को सुधारकर आप न सिर्फ अपने पेट को बल्कि अपने दिमाग को भी सुरक्षित और स्वस्थ रख सकते हैं।

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