टॉयलेट में लगाया ज्यादा जोर, महिला की गई 10 साल की याददाश्त... हांगकांग में मेमोरी लॉस की अजीब घटना
हांगकांग में एक महिला को कब्ज के कारण टॉयलेट में जोर लगाने से अपनी पिछले 10 साल की याददाश्त गंवानी ...और पढ़ें

हांगकांग में मेमोरी लॉस की अजीब घटना (प्रतीकात्मक तस्वीर)
HighLights
कब्ज के कारण महिला ने टॉयलेट में अत्यधिक जोर लगाया।
जोर लगाने से 10 साल की याददाश्त अस्थायी रूप से खोई।
हांगकांग में हुई यह घटना, 8 घंटे बाद यादें लौटीं।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टॉयलेट जाना एक सामान्य रोजमर्रा की प्रक्रिया है, लेकिन कभी-कभी यह सेहत के लिए जोखिम भरा भी हो सकता है। हांगकांग में एक महिला के साथ ऐसा ही मामला सामने आया, जहां कब्ज की समस्या के दौरान ज्यादा जोर लगाने से उसकी याददाश्त पर असर पड़ गया।
परिवार के मुताबिक, महिला को करीब दो हफ्तों से कब्ज की शिकायत थी। एक दिन जब वह टॉयलेट गई और ज्यादा जोर लगाया, तो अचानक वह पिछले 10 साल की बातें भूल गई। यह देखकर परिवार के लोग घबरा गए और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
कुछ घंटों में लौटी यादें
डॉक्टरों की जांच में पता चला कि महिला की याददाश्त अस्थायी रूप से प्रभावित हुई थी। करीब 8 घंटे तक उसे हाल के 10 साल की कोई भी बात याद नहीं थी। हालांकि, बाद में उसकी यादें धीरे-धीरे वापस आ गईं। दिलचस्प बात यह रही कि महिला को उस 8 घंटे के दौरान क्या हुआ, इसकी कोई याद नहीं रही। डॉक्टरों ने इसे अस्थायी स्थिति बताया, जो कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादा जोर लगाने से दिमाग तक जाने वाला ब्लड फ्लो कुछ समय के लिए कम हो सकता है। इससे 'ट्रांजिएंट ग्लोबल अम्नेशिया' नाम की स्थिति हो सकती है, जिसमें व्यक्ति कुछ समय के लिए अपनी हाल की यादें भूल जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि यह स्थिति आमतौर पर खतरनाक नहीं होती और कुछ घंटों में ठीक हो जाती है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
क्यों होता है ऐसा?
जोर लगाने से शरीर के अंदर दबाव बढ़ जाता है, खासकर छाती और पेट पर। इससे दिमाग की नसों और ब्लड फ्लो पर असर पड़ सकता है। कब्ज की स्थिति में लोग ज्यादा जोर लगाते हैं, जिससे इस तरह की समस्या हो सकती है।
