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टॉयलेट में की गईं ये 3 गलतियां बना देंगी आपको बीमार, डॉक्टर ने कहा- 'दूसरी आदत है सबसे खतरनाक'

Published: Mon, 13 Apr 2026 12:09 PM (IST)

डॉक्टर ने बाथरूम से जुड़ी कुछ ऐसी गलतियां बताई हैं, जो हमारी सेहत को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचा सकती हैं।

आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां? (Picture Courtesy: Freepik)

आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां? (Picture Courtesy: Freepik)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी डाइट और वर्कआउट पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन शरीर की सबसे बुनियादी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं। बाथरूम की आदतें हमारी सेहत का आईना होती हैं, लेकिन जाने-अनजाने में हम वहां कुछ ऐसी गलतियां करते हैं जो भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं।

इन गलतियों के बारे में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी बता रहे हैं, जो आपकी सेहत को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं। आइए जानें क्या हैं ये आदतें।  

प्रेशर को रोकना 

कई बार काम के चक्कर में या आलस के कारण हम शौच के प्रेशर को रोक लेते हैं। डॉक्टर के अनुसार, यह आदत आपके पाचन तंत्र के लिए बेहद खतरनाक है। जब आप मल त्याग की इच्छा को दबाते हैं, तो शरीर मल से पानी को सोखना जारी रखता है, जिससे वह कठोर हो जाता है। इससे कब्ज की समस्या पैदा होती है।

लंबे समय तक ऐसा करने से आंतों की गतिशीलता धीमी पड़ जाती है। शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर न निकालने से पेट में भारीपन, गैस और भूख न लगने जैसी समस्याएं घर कर सकती हैं।

टॉयलेट सीट पर देर तक बैठना

आजकल स्मार्टफोन के युग में बाथरूम रील्स देखने या न्यूज पढ़ने का अड्डा बन गया है। लोग टॉयलेट सीट पर बैठकर घंटों स्क्रॉलिंग करते रहते हैं। डॉक्टर की सलाह है कि आपको अपना बाथरूम समय 5 मिनट के अंदर सीमित रखना चाहिए।

टॉयलेट सीट की बनावट ऐसी होती है कि उस पर बैठने से एनल एरिया पर ज्यादा दबाव पड़ता है। जब आप फोन के चक्कर में वहां ज्यादा देर बैठते हैं, तो ब्लड फ्लो बाधित होता है और नसों में सूजन आ सकती है। इसलिए बाथरूम को लाइब्रेरी या ऑफिस न बनाएं। 

जरूरत से ज्यादा जोर लगाना 

बाथरूम में पेट साफ करने के लिए बहुत ज्यादा जोर लगाना एक आम, लेकिन गंभीर समस्या है। ज्यादा दबाव डालने से रेक्टम की नसों पर भारी दबाव पड़ता है। इससे बवासीर की समस्या हो सकती है।

लगातार जोर लगाने से मलाशय की दीवारें कमजोर होकर बाहर की ओर खिसक सकती हैं, जिसे रेक्टर प्रोलेप्स कहा जाता है। इसके अलावा, रेक्टम के आसपास की त्वचा में कट लगने से एनल फिशर जैसी समस्या भी पैदा हो सकती है।

बाथरूम से जुड़ी इन समस्याओं को कम करने के लिए लाइफस्टाइल में सुधार जरूरी है-

  • फाइबर से भरपूर डाइट लें- इससे कब्ज की समस्या कम होगी और मल त्यागने में जोर नहीं लगाना पड़ेगा।
  • हाइड्रेटेड रहें- भरपूर मात्रा में पानी पीने से भी कब्ज की शिकायत नहीं होती।
  • बाथरूम को नो फोन जोन बनाएं- बाथरूम में फोन ले जाना बिल्कुल बंद कर दें।