यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भारतीयों में सबसे आम हैं ये 5 कैंसर, एक्सपर्ट से जानें कैसे होते हैं इनके शुरुआती लक्षण
भारत में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके पीछे लाइफस्टाइल पॉल्यूशन और डाइट का बड़ा हाथ है। ...और पढ़ें

HighLights
- कैंसर के मामले दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे हैं
- भारतीयों में कैंसर के कुछ प्रकार सबसे ज्यादा कॉमन है
- कुछ शुरुआती लक्षणों की मदद से कैंसर का जल्दी पता लगाया जा सकता है
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कैंसर के मामले भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं। हर साल लाखों लोग कैंसर की वजह से अपनी जान गंवा देते हैं। हालांकि, इनमें 5 कैंसर (Common Cancer Among Indians) ऐसे हैं, जो भारतीयों में सबसे ज्यादा कॉमन हैं। इन कैंसर के बारे में सही जानकारी होना जरूरी है, ताकि वक्त रहते इसकी पहचान की जा सके।
आइए डॉ. राजेश कुमार जैन (प्रिंसिपल डायरेक्टर सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, बीएलके मैक्स सुपर स्पेशेलिटी हॉस्पिटल) से जानते हैं भारतीयों में किन कैंसर के मामले सबसे ज्यादा पाए जाते हैं और इनका जल्दी पता (Early Detection of Cancer) कैसे लगाया जा सकता है।
ब्रेस्ट कैंसर
ब्रेस्ट कैंसर भारतीय महिलाओं में सबसे ज्यादा पाया जाने वाला कैंसर है। पुरुषों में भी यह हो सकता है, लेकिन मामले कम हैं। हार्मोनल बदलाव, लाइफस्टाइल और फैमिली प्लानिंग में देरी की वजह से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क बढ़ता है।
शुरुआती लक्षण-
- ब्रेस्ट में गांठ महसूस होना
- निप्पल से खून या दूध के अलावा कोई फ्लूड निकलना
- स्तन की त्वचा में सिकुड़न या रेडनेस
कैसे पता लगाएं?
- 40 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को साल में एक बार मैमोग्राफी करानी चाहिए।
- महीने में एक बार स्वयं स्तन जांच (Self-Breast Examination) करें।
यह भी पढ़ें- महिलाओं के लिए साइलेंट किलर है ओवेरियन कैंसर, इन 5 लक्षणों से कर सकते हैं वक्त रहते पहचान
मुंह का कैंसर
तंबाकू, गुटखा और सिगरेट आदि से मुंह का कैंसर भारत में बहुत आम है, खासकर पुरुषों में।
शुरुआती लक्षण-
- मुंह में लंबे समय तक न भरने वाला छाला
- गाल या जीभ पर सफेद या लाल धब्बे
- निगलने में दिक्कत या आवाज में बदलाव
कैसे पता लगाएं?
- नियमित डेंटल चेकअप कराएं।
- तंबाकू और सिगरेट से परहेज करें।
सर्वाइकल कैंसर
यह कैंसर भारतीय महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है, जो HPV वायरस के इन्फेक्शन से होता है।
शुरुआती लक्षण-
- अनियमित या ज्यादा ब्लीडिंग होना
- पीरियड साइकिल के बीच ब्लीडिंग
- सेक्स के दौरान दर्द या ब्लीडिंग
कैसे पता लगाएं?
- 30 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं को हर 3-5 साल में पैप स्मीयर टेस्ट कराना चाहिए।
- HPV वैक्सीन लगवाएं।
फेफड़ों का कैंसर
स्मोकिंग और पॉल्यूशन के कारण फेफड़ों का कैंसर भारत में तेजी से बढ़ रहा है। पुरुषों में इसके मामले महिलाओं की तुलना में ज्यादा होते हैं।
शुरुआती लक्षण-
- लंबे समय तक खांसी (3 हफ्ते से ज्यादा)
- खांसी में खून आना
- सांस लेने में तकलीफ
कैसे पता लगाएं?
- जो लोग स्मोक करते हैं, उन्हें LDCT स्कैन करवाना चाहिए।
- लंबे समय की खांसी और सीने दर्द जैसे लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
कोलोरेक्टल कैंसर
यह कैंसर बड़ी आंत या रेक्टम में होता है। कैंसर का यह प्रकार महिलाओं और पुरुषों दोनों को ही प्रभावित करता है। अनहेल्दी डाइट, मोटापा और एक्सरसाइज की कमी के कारण कोलोरेक्टल कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं।
शुरुआती लक्षण-
- पेट में लगातार दर्द
- मल में खून आना
- वजन तेजी से कम होना
कैसे पता लगाएं?
- 50 साल के बाद कोलोनोस्कोपी कराएं।
- मल त्यागने की आदतों में बदलाव होने या मल से खून आने जैसे लक्षणों को इग्नोर न करें।
इसके साथ ही, कैंसर के कुछ कॉमन लक्षण, जैसे- बिना कारण वजन कम होना, हमेशा थकान महूसस होना, स्किन में बदलाव होना, पर ध्यान दें और अगर ये लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से मिलकर चेकअप करवाएं।
