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शरीर दिखेगा बिल्कुल स्वस्थ, फिर भी अंदर पनप सकता है कैंसर! शुरुआती स्टेज में क्यों नहीं मिलते बीमारी के संकेत?

By Dr.Amish VoraEdited By: Shweta Chauhan
Published: Mon, 19 Oct 2026 06:15 PM (IST)

कैंसर एक जानलेवा बीमारी है जो शुरुआती स्टेज में अक्सर बिना किसी लक्षण के शरीर में पनपती रहती है।

कैंसर सेल्स इम्यून सिस्टम से नहीं कर पाती संपर्क (Image Source: AI Generated)

कैंसर सेल्स इम्यून सिस्टम से नहीं कर पाती संपर्क (Image Source: AI Generated)

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संक्षेप में पढ़ें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कैंसर एक ऐसी जानलेवा बीमारी है, जिसमें सेल्स शरीर के अंदर धीरे-धीरे बनती और फैलती रहती हैं। अब क्योंकि यह बीमारी धीरे-धीरे फैलती है, तो आमतौर पर इसके शुरुआती स्टेज में लक्षण हमें पता नहीं चल पाते। 

सामान्य तौर पर सेल्स कुछ इस तरह बनी हैं कि वो लगातार बढ़ती, बंटती और नष्ट होती रहती हैं। हालांकि, जब सेल्स के डीएनए में बदलाव के चलते यह अनियंत्रित रूप से बढ़ना और विभाजित होना शुरू कर देती हैं, तब इन अनियंत्रित असामान्य सेल्स को ट्यूमर कहा जाता है।  

कैंसर सेल्स इम्यून सिस्टम से नहीं कर पाती संपर्क 

यह संभव है कि शरीर में कैंसर सेल्स बनने के दौरान वो इम्यून सिस्टम से किसी तरह का संपर्क न कर पाएं और लगातार बढ़ती और विभाजित होती रहें। यही वजह है कि शुरुआती स्टेज में इस बीमारी के लक्षण नहीं दिखाई देते। इतना ही नहीं, कई बार सेल्स अपने ऑरिजिनल ट्यूमर से भी अलग हो जाती हैं और लिम्फैटिक सिस्टम या खून में घूमती रहती हैं। यह प्रक्रिया मेडिकल भाषा में मेटास्टेसिस कहलाती है। 

कभी-कभी हेल्दी शरीर में भी बन रहा होता है कैंसर

कैंसर से जुड़ी सबसे चिंताजनक बात यह है कि हम शुरुआती स्टेज में यह जान ही नहीं पाते कि शरीर में कैंसर बन रहा है, क्योंकि इस दौरान कोई लक्षण ही नहीं दिखाई देते। ऐसा हो सकता है कि शरीर ठीक से काम कर रहा हो, हेल्दी दिखे लेकिन अंदर ही अंदर कैंसर सेल्स बन रही हों। 

कब दिखाई देते हैं इसके लक्षण? 

 थकान, अचानक वजन कम होना, गांठ कुछ ऐसे लक्षण हैं जो कैंसर के आखिरी स्टेज में दिखाई देने लगते हैं। पर ऐसा नहीं कि ये लक्षण बस कैंसर में ही दिखें, कई बार दूसरी बीमारियों में ऐसे ही लक्षण नजर आते हैं]। इसके लिए जरूरी है कि खुद से अंदाजा लगाने के बजाय डॉक्टर से जांच कराकर सही सलाह ली जाए। 

कैंसर के अन्य कारक 

कैंसर के अन्य कारक जैसे स्मोकिंग, खराब जीवनशैली, टॉक्सिंस से संपर्क में आना, जेनेटिक म्यूटेशन और उम्र बढ़ना भी कई प्रकार के कैंसर का कारण बन सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि नियमित रूप से अपना मेडिकल चेकअप कराते रहें। इसके साथ ही, कैंसर की जांच के लिए यही स्क्रीनिंग और टेस्ट भी कराएं ताकि सही समय पर इस जानलेवा बीमारी का पता चल सके। 

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(डॉ. अमीश वोरा, एच.ओ.पी.ई ऑन्कोलॉजी - नई दिल्ली में मेडिकल ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट में डायरेक्टर हैं)