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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सिर्फ रात में नजर आता है विटामिन-डी की कमी का यह एक संकेत, बचाव के लिए आज से शुरू कर दें ये 3 काम

Published: Wed, 27 Aug 2025 01:06 PM (IST)

शरीर में विटामिन-डी की कमी (Vitamin-D Deficiency) खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि हम वक्त पर इसका ...और पढ़ें

विटामिन-डी की कमी दूर करने के लिए करें ये काम (Picture Courtesy: Freepik)
विटामिन-डी की कमी दूर करने के लिए करें ये काम (Picture Courtesy: Freepik)

HighLights

  1. विटामिन-डी हमारी सेहत के लिए बेहद जरूरी है
  2. इसकी कमी होने के कारण कई परेशानियां शुरू हो सकती हैं
  3. विटामिन-डी की कमी का पता उसके लक्षणों से लगाया जा सकता है

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। विटामिन-डी हमारी सेहत के लिए बेहद जरूरी है। इसलिए इसकी कमी होने पर शरीर में कई समस्याएं शुरू हो जाती हैं, जैसे- हड्डियों का कमजोर होना, इम्युनिटी कम होना, मूड स्विंग्स, डिप्रेशन आदि (Vitamin-D Deficiency Symptoms)। हालांकि, विटामिन-डी की कमी का एक लक्षण ऐसा है, जो ज्यादातर रात के समय ही दिखाई देता है।

जी हां, विटामिन-डी की कमी का एक संकेत (Vitamin-D Deficiency Sign at Night) सिर्फ रात में ही दिखाई देता है, जिसे अक्सर लोग अनदेखा कर देते हैं। आइए जानें क्या है वो लक्षण और इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए।

रात में दिखने वाला विटामिन-डी की कमी का संकेत

अगर आप रात को सोते समय पैरों, जांघों, पीठ या अन्य मांसपेशियों में अचानक तेज दर्द, ऐंठन या सुन्नपन का अनुभव करते हैं, तो यह विटामिन-डी की कमी का एक अहम संकेत हो सकता है। इसका कारण यह है कि विटामिन-डी की कमी के कारण शरीर कैल्शियम का सही ढंग से अब्जॉर्ब नहीं कर पाता।

आपको बता दें कि कैल्शियम न सिर्फ हड्डियों के लिए, बल्कि मांसपेशियों के सुचारू कॉन्ट्रेक्शन और रिलैक्सेशन के लिए भी जरूरी है। जब शरीर में कैल्शियम कम होने लगता है, तो मांसपेशियां ठीक से कॉन्ट्रेक्ट और रिलैक्स नहीं कर पातीं और उनमें क्रैम्प्स शुरू हो जाते हैं, खासकर तब जब शरीर रिलैक्स पोजिशन में हो।

इसलिए अगर आप रात में बिना किसी कारण के मांसपेशियों में दर्द का अनुभव कर रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह विटामिन-डी की कमी का एक अहम वॉर्निंग साइन हो सकता है।

विटामिन-डी की कमी दूर करने के लिए क्या करें?

सही समय पर धूप लें

सूरज की रोशनी विटामिन-डी का सबसे नेचुरल और असरदार सोर्स है। लेकिन यह जानना जरूरी है कि धूप कब और कैसे लेनी है।

  • सही समय- सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच की धूप सबसे अच्छी मानी जाती है, क्योंकि इस समय यूवी-बी किरणें शरीर में विटामिन-डी सिंथेसिस के लिए सबसे बेहतर होती हैं।
  • समय- रोजाना लगभग 15-20 मिनट की धूप काफी है। ध्यान रहे, शरीर के खुले हिस्से, जैसे हाथ, पैर, पीठ पर सीधी धूप लें। ध्यान रखें कि शीशे की खिड़की के पीछे बैठने से विटामिन-डी नहीं बनता। सनस्क्रीन लगाने से पहले कुछ मिनटों के लिए बिना रुकावट धूप लेना फायदेमंद होता है।

विटामिन-डी से भरपूर फूड्स

अगर धूप से पर्याप्त विटामिन-डी नहीं मिल पा रहा है, तो अपनी डाइट में इससे भरपूर चीजों को शामिल करें।

  • फैटी फिश- सालमन, टूना, मैकेरल और सार्डिन जैसी मछलियां विटामिन-डी का बेहतरीन सोर्स है।
  • अंडे की जर्दी- अंडे की जर्दी में भी अच्छी मात्रा में विटामिन-डी पाया जाता है।
  • फोर्टिफाइड फूड आइटम्स- आजकल दूध, दही, संतरे का जूस, ओटमील और सीरियल्स जैसे फूड्स में विटामिन-डी मिलाया जाता है। खरीदते समय पैकेट पर इसकी जानकारी जरूर चेक करें।

सप्लीमेंट्स लें

विटामिन-डी की गंभीर कमी को केवल धूप और डाइट से पूरा कर पाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर सप्लीमेंट्स लेने की सलाह देते हैं।

  • मेडिकल सलाह जरूरी- विटामिन-डी की कमी की पुष्टि के लिए डॉक्टर एक साधारण ब्लड टेस्ट करवाने को कहेंगे। रिपोर्ट के आधार पर ही वे आपकी जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट और उसकी खुराक तय करेंगे।
  • खुद दवा न लें- बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट लेना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इसकी ज्यादा मात्रा शरीर में टॉक्सिसिटी की वजह बन सकती है।

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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।