बंद नाक, छींकें और आंखों में खुजली... नवंबर आते ही क्यों परेशान करती है 'विंटर एलर्जी'? 6 तरीकों से करें बचाव
क्या सर्दियों में आपके दिन की शुरुआत भी नाक बंद, लगातार छींकने और आंखों में खुजली से होती है? अगर हां, तो यह आर्टिकल आपको जरूर पढ़ना चाहिए।

जुकाम की दवा खाकर भी आराम नहीं? 'विंटर एलर्जी' हो सकती है वजह (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। नवंबर में मौसम के करवट लेते ही कई लोग लगातार छींकें, बंद नाक और आंखों में खुजली की समस्या से जूझते नजर आते हैं। अगर आजकल आपके दिन की शुरुआत भी कुछ ऐसे हो रही है, तो जान लें कि यह 'विंटर एलर्जी' का अलार्म हो सकता है।
जी हां, यूं तो छींकना हमारे शरीर का एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच है, लेकिन सर्दियों में बार-बार छींक आना, नाक बहना और खांसी-जुकाम हमें बेहाल कर देते हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि सर्दियों में यह एलर्जी क्यों होती है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

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सर्दियों में एलर्जी के दो सबसे बड़े कारण
हवा में घुला स्मॉग और खतरनाक PM2.5
भारत में सर्दियां आते ही स्मॉग काफी बढ़ जाता है। इस वजह से हवा में PM2.5 का स्तर खतरनाक रूप से ऊपर चला जाता है। ये कण कितने छोटे होते हैं, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इंसान के बाल की मोटाई 70 माइक्रोमीटर होती है, जबकि ये कण सिर्फ 2.5 माइक्रोमीटर के होते हैं। इतने छोटे होने के कारण ये हमारी नाक से होते हुए बहुत आसानी से सीधे फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं।
बदलता तापमान और घर के अंदर छिपे दुश्मन
हम अक्सर कमरा गर्म करने के लिए हीटर चलाते हैं, जिससे घर के अंदर और बाहर के तापमान में बहुत बड़ा अंतर आ जाता है। इसके अलावा, सर्दियों में हम अपना ज्यादातर वक्त घर के अंदर ही बिताते हैं। ऐसे में घर के अंदर मौजूद धूल, छोटे कीटाणु, कॉकरोच और फफूंद के संपर्क में आने से छींक, खांसी और नाक बहने की समस्या तेजी से बढ़ती है।

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किसे होता है इसका सबसे ज्यादा खतरा?
जिन लोगों को पहले से एलर्जी की शिकायत रहती है, सर्दियों में उनकी परेशानी ज्यादा बढ़ सकती है। ऐसे लोगों के शरीर में ईोसिनोफिल या IgE का स्तर बढ़ सकता है, जिससे आगे चलकर अस्थमा और एलर्जिक राइनाइटिस जैसी बीमारियों का खतरा पैदा हो जाता है। कई बार एलर्जी की यह समस्या माता-पिता से भी जेनेटिक रूप में मिलती है। इसके अलावा, पालतू जानवरों के संपर्क में रहने वाले कुछ लोगों की एलर्जी भी सर्दियों में बढ़ सकती है।
विंटर एलर्जी से बचने के तरीके
कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप इस परेशानी से बच सकते हैं:
- सफाई पर दें खास ध्यान: धूल और छोटे कीड़ों को खत्म करने के लिए नियमित रूप से वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल करें। मोटे कालीन, भारी पर्दों और सोफे की अच्छी तरह सफाई करें।
- रद्दी हटा दें: पुराने अखबारों और बेकार कागजों के ढेर घर में न रखें, क्योंकि इनमें धूल बहुत जल्दी जमा होती है।
- फिल्टर साफ रखें: अपने रूम हीटर और एयर प्यूरीफायर के फिल्टर को नियमित रूप से साफ करते रहें।
- फंगस से बचें: बाथरूम या घर की दीवारों पर फफूंद बिल्कुल न जमने दें। जरूरत पड़े तो इसे हटाने के लिए किसी विशेषज्ञ की मदद लें।
- पालतू जानवरों से दूरी: अगर आपको पालतू जानवरों से एलर्जी होती है, तो उनके साथ बहुत ज्यादा नजदीकी संपर्क में आने से बचें।
- खानपान और वैक्सीन: सेहतमंद खाना खाएं। अपने डॉक्टर की सलाह लेकर फ्लू और निमोनिया से बचाव का टीका जरूर लगवाएं।
कब जाना चाहिए डॉक्टर के पास?
अगर आपकी छींक, खांसी या नाक बहने की समस्या लगातार बनी हुई है, बुखार आ गया है, बलगम का रंग बदल गया है या फिर सांस लेने में तकलीफ महसूस हो रही है, तो बिल्कुल भी लापरवाही न करें और तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें।
(डॉ. मोनिका महाजन, मैक्स अस्पताल, साकेत की इंटरनल मेडिसिन विभाग की प्रिंसिपल डायरेक्टर हैं)
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