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प्रेग्नेंसी में क्यों कमजोर हो जाती है महिलाओं की याददाश्त? वैज्ञानिकों ने ढूंढ निकाला असली कारण

Published: Thu, 24 Sep 2026 01:58 PM (IST)

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में याददाश्त कमजोर होने की समस्या, जिसे 'मॉमनेसिया' या 'प्रेग्नेंसी ब्रेन' कहते हैं, अब वैज्ञानिक रूप से साबित हो चुकी है।

'प्रेग्नेंसी ब्रेन' कोई वहम नहीं! (Image Source: AI-Generated)

'प्रेग्नेंसी ब्रेन' कोई वहम नहीं! (Image Source: AI-Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप रसोई में अक्सर यह सोचती हुई खड़ी रह जाती हैं कि आप वहां क्या लेने आई थीं? या फिर अपनी चाबियां रखकर भूल जाना आपके लिए आम बात हो गई है? अगर आप गर्भवती हैं, तो यकीन मानिए इसमें आपकी कोई गलती नहीं है। गर्भावस्था में चीजों को भूलने की इस आदत को 'मॉमनेसिया', 'बेबी ब्रेन' या 'प्रेग्नेंसी ब्रेन' कहा जाता है।

लंबे समय तक इसे सिर्फ महिलाओं का भ्रम माना जाता था, लेकिन अब विज्ञान ने यह साबित कर दिया है कि यह एक वास्तविक जैविक प्रक्रिया है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर इस दौरान दिमाग में ऐसा क्या होता है।

Memory Loss During Pregnancy Science

(Image Source: AI-Generated)

एस्ट्रोजन हार्मोन है असली वजह

गर्भावस्था के दौरान बच्चे के विकास और शरीर को तैयार करने के लिए एक महिला के शरीर में 'एस्ट्रोजन' हार्मोन का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि एस्ट्रोजन की यही अधिकता दिमाग के एक खास नेटवर्क को अस्त-व्यस्त कर देती है।

हमारे दिमाग के दो प्रमुख हिस्से होते हैं: 'हाइपोथैलेमस' और 'हिप्पोकैम्पस'। जब शरीर में एस्ट्रोजन बढ़ता है, तो हाइपोथैलेमस में मौजूद कुछ खास कोशिकाएं जरूरत से ज्यादा काम करने लगती हैं। ये कोशिकाएं हिप्पोकैम्पस के काम करने की क्षमता को दबा देती हैं, जिससे नई यादें बनाने या पुरानी बातें याद रखने में रुकावट पैदा होती है।

चूहों पर हुआ अनोखा प्रयोग

इस गुत्थी को सुलझाने के लिए शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला में चूहों पर प्रयोग किए। उन्होंने चूहों में बिल्कुल वैसा ही एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ा दिया, जैसा प्रेगनेंसी के दौरान होता है। नतीजे चौंकाने वाले थे! ज्यादा हार्मोन की वजह से चूहों की याददाश्त कमजोर हो गई और वे पहचानी हुई चीजों व जगहों को भूलने लगे।

सबसे खास बात यह रही कि जब वैज्ञानिकों ने प्रयोग के तौर पर दिमाग के उस रास्ते को ब्लॉक किया, तो चूहों की भूलने की यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो गई।

महिलाओं पर हुए परीक्षण में क्या मिला?

इस थ्योरी को इंसानों पर जांचने के लिए 70 महिलाओं पर एक स्टडी की गई, जिनमें से कुछ गर्भवती थीं और कुछ नहीं। याददाश्त परखने वाले टेस्ट में यह साफ हो गया कि प्रेगनेंसी के आखिरी महीनों में महिलाओं की याददाश्त वाकई कमजोर होने लगती है। इसका सीधा संबंध उनके खून में मौजूद एस्ट्रोजन के ऊंचे स्तर से पाया गया।

कब तक रहता है भूलने का यह दौर?

जर्नल साइंस बुलेटिन में प्रकाशित इस शोध के मुख्य शोधकर्ता बताते हैं कि लगभग 80 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं इस समस्या को महसूस करती हैं। इसका सबसे ज्यादा असर प्रेगनेंसी के आखिरी चरण में और बच्चे के जन्म के कुछ समय बाद तक दिखता है। इसके बाद यह अपने आप ठीक हो जाता है। इसमें किसी का नाम भूलना, बातचीत के बीच में विषय भूल जाना या अपॉइंटमेंट के लिए रिमाइंडर की जरूरत पड़ना शामिल है।

क्या प्रेगनेंसी से कम हो जाती है बुद्धिमत्ता?

पेनिंगटन बायोमेडिकल रिसर्च सेंटर के डॉ. यानलिन ही ने महिलाओं की सबसे बड़ी चिंता दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि प्रेग्नेंसी में कोई महिला 'कम बुद्धिमान' हो गई है। यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है। इसका असर केवल दिमाग के कुछ खास कार्यों पर ही पड़ता है। हां, यह आपके रोजमर्रा के काम और आत्मविश्वास को जरूर थोड़ा प्रभावित कर सकता है।

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