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गर्दन दर्द है तो तकिया छोड़ने से पहले जान लें ये बातें, वरना बढ़ सकती है दिक्कत

Published: Tue, 22 Sep 2026 08:00 PM (IST)

गर्दन दर्द में बिना तकिये सोने का मिथक अक्सर लोग अपनाते हैं, लेकिन यह राहत की जगह परेशानी बढ़ा सकता है।

मिथक: बिना तकिये के सोना गर्दन दर्द का इलाज (Image Source: AI Generated)

मिथक: बिना तकिये के सोना गर्दन दर्द का इलाज (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दिनभर बैठे-बैठे गर्दन का अकड़ जाना और उसमें दर्द होना आम बात है, लेकिन यह दर्द अगर लंबे समय बना रहे तो सर्वाइकल पेन जैसा गंभीर रूप भी ले सकता है। कुछ लोगों को लगता है कि वो घर पर ही इसका इलाज आसानी से कर सकते हैं और इसके लिए वो सबसे पहले तरीका अपनाते हैं बिना तकिये के सोने का। 

क्या आपको भी ऐसा लगता है कि बिना तकिये के सोने पर गर्दन के दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है? आइए इस मिथक की असली सच्चाई जानते हैं। 

मिथक: बिना तकिये के सोना गर्दन दर्द का इलाज

कई लोग यह दावा करते दिखाई देते हैं कि गर्दन दर्द को कम करने के लिए तकिया लगाना छोड़ना पड़ेगा। लेकिन इस बात में बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। हमें समझने की जरूरत है कि रीढ़ की हड्डी का आकार एकदम सीधे डंडे जैसा नहीं है। गर्दन के हिस्से में इसका आकार थोड़ा सा घुमावदार होता है, जिसे सोते समय सहारा मिलना बहुत जरूरी है। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं: 

पीठ के बल सोने पर गर्दन को सहारा नहीं मिलता 

गद्दा अगर अच्छी क्वालिटी का न हो और सख्त हो तो पीठ के बल बिना तकिये के सोना गर्दन के दर्द को बढ़ा सकता है। दरअसल, बिना तकिये के सिर पीछे की तरफ लटक जाता है और गर्दन के बीच में गैप आ जाता है। इसी गैप  में गर्दन को आराम के लिए सहारे की जरूरत होती है। अगर सहारा न दिया जाए तो इससे गर्दन का कर्व फ्लैट हो सकता है, जो गर्दन की मांसपेशियों और लिगामेंट्स पर जरूरत से दबाव बढ़ाकर स्ट्रेच कर देता है। नतीजतन, व्यक्ति सुबह आराम की जगह पहल से कहीं ज्यादा दर्द महसूस करने लगता है। 

करवट लेते समय भी गर्दन संघर्ष करती है 

इतना ही नहीं, करवट लेते समय भी गर्दन को सहारे की जरूरत पड़ती है। दाएं-बाएं करवट लेते समय भी कंधे और गर्दन के बीच बड़ा गैप हो जाता है, इससे सिर गद्दे की तरफ नीचे झुकता है। इसकी वजह से गर्दन की नसों पर भयानक प्रभाव पड़ेगा और हर दिन इसी पोजिशन में सोने से नसें में भी खिंचाव होने लगता है। यह सर्वाइकल के दर्द को पहले से भी भयंकर बना देता है। 

तकिया कैसा होना चाहिए? 

गर्दन दर्द में राहत पाने के लिए सोने की पोजिशन का खास ख्याल रखें और यहां बताई गई बातों पर ध्यान दें: 

  • ऐसा तकिया चुनें जो न तो ज्यादा ऊंचा हो और न ही ज्यादा चपटा। 

  • सोते समय आपका माथा और ठुड्डी एक लेवल पर होनी चाहिए। 

  • ठुड्डी का छाती की तरफ दबना मतलब तकिया बहुत ऊंचा है, वहीं सिर का पीछे की तरफ जाना तकिये के ज्यादा पतले होने के बारे में बताता है। 

  • तकिये की मोटाई गर्दन और कंधे के बाहरी हिस्से के बीच की दूरी जितनी हो तो और बेहतर है। 

Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।