यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नसों को मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरी हैं ये 3 विटामिन, कमी से हो सकती हैं ये बीमारियां
नसों को मजबूत बनाए रखने के लिए कुछ विटामिन्स बेहद जरूरी हैं। ये विटामिन्स हैं- विटामिन-बी1 बी6 और बी12। इन ...और पढ़ें

HighLights
- नसों को हेल्दी रखने के लिए विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स काफी जरूरी है
- नसों की कमजोरी के कारण पैरों में झुनझुनी की समस्या हो सकती है
- नसों को हेल्दी रखने के लिए डाइट का ख्याल रखना जरूरी है
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं कि अगर आपके शरीर में अगर एक विटामिन भी कम हो जाए, तो कई परेशानियां आपके शरीर में अड्डा जमाना शुरू कर देते हैं। कुछ विटामिन्स की कमी के कारण नसें कमजोर (Nerve Weakness) होने लगती हैं, जिसे और भी कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
इसलिए इन विटामिन्स (Vitamins for Nerve Health) की कमी से बचाव करना बेहद जरूरी है। आइए जानें किन विटामिन्स की कमी (Vitamins Causing Nerve Weakness) से नसों को नुकसान पहुंच सकता है।
किन विटामिन्स की कमी से नसें होती हैं कमजोर? (Which vitamin deficiency causes nerve weakness?)
विटामिन-बी1 (थायमिन)
विटामिन-बी1 शरीर में एनर्जी रिलीज करने और नर्वस सिस्टम के सही फंक्शन के लिए जरूरी है। यह न्यूरोट्रांसमीटर के निर्माण में मदद करता है, जो दिमाग और नसों के बीच सिग्नल्स भेजते हैं। थायमिन की कमी से बेरीबेरी डिजीज हो सकता है, जिसमें मांसपेशियों में कमजोरी, झुनझुनी और न्यूरोपैथी (नसों में डैमेज) जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
विटामिन-बी6 (पाइरिडॉक्सिन)
विटामिन B6 न्यूरोट्रांसमीटर जैसे सेरोटोनिन और डोपामाइन के सीक्रेशन में अहम भूमिका निभाता है, जो मूड और नर्वस सिस्टम को कंट्रोल करते हैं। इसकी कमी से पेरीफेरल न्यूरोपैथी हो सकती है, जिसमें हाथ-पैरों में सुन्नता, झुनझुनी और दर्द की शिकायत होती है।
विटामिन-बी12 (कोबालामिन)
विटामिन-बी12 माइलिन शीथ के निर्माण के लिए जरूरी है, जो नसों को सुरक्षा देती है। बी12 की कमी से माइलिन डैमेज होने लगता है, जिससे नसों की फंक्शनिंग को प्रभावित होती है। इससे जेनेटिक डिजीज (जैसे पर्निशियस एनीमिया), मेमरी लॉस, हाथ-पैरों में कंपन और गंभीर मामलों में पैरालिसिस भी हो सकता है।
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विटामिन-बी1, बी6 और बी12 की कमी के लक्षण
इन विटामिन्स की कमी से नसों से जुड़े ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं-
- हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नता
- मांसपेशियों में कमजोरी या दर्द
- बैलेंस बनाए रखने में परेशानी
- याददाश्त कमजोर होना
- थकान और चिड़चिड़ापन
- पैरों में जलन या सूजन
इन विटामिन्स की कमी के कारण
- अनबैलेंस्ड डाइट- विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स से भरपूर फूड्स न खाना।
- शराब पीना- यह विटामिन-बी1 और बी12 के अब्जॉर्प्शन को रोकता है।
- पाचन संबंधी परेशानियां- सीलिएक डिजीज या क्रोहन डिजीज में पोषक तत्वों का अब्जॉर्प्शन कम हो जाता है।
- प्रेग्नेंसी- इस दौरान विटामिन-बी6 और बी12 की जरूरत बढ़ जाती है।
- कुछ दवाएं- डायबिटीज या एसिडिटी की दवाएं विटामिन-12 के स्तर को प्रभावित कर सकती हैं।
इन विटामिन्स की कमी से कैसे बचें?
डाइट
- विटामिन-बी1- साबुत अनाज, बादाम, अंडे, दालें, मछली।
- विटामिन-बी6- केला, चिकन, मूंगफली, अखरोट, आलू।
- विटामिन-बी12- दूध, दही, पनीर, अंडे, मीट, मछली (सालमन, टूना)।
सप्लीमेंट्स
डॉक्टर की सलाह पर बी-कॉम्प्लेक्स सप्लीमेंट्स या इन्जेक्शन लिए जा सकते हैं।
लाइफस्टाइल में सुधार
- शराब और स्मोकिंग से परहेज।
- नियमित एक्सरसाइज और योग से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
