मोटापा बना मौत का कारण, 24 साल के टिकटॉकर की ली जान; जानिए कैसे जानलेवा हो सकता है ज्यादा वजन
हाल ही में सामने आई खबरों के मुताबिक तुर्किए के मशहूर टिकटॉकर की इफेकन कुल्टूर (TikTok star Efecan Kultur Death) मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि मोटापे से जुड़ी बीमारियों की वजह से उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी। मोटापा कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बन सकता है जो कभी-कभी जानलेवा भी हो सकता है। आइए जानते हैं इससे जुड़ी सभी जरूरी बातों के बारे में।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। तुर्किए के मशहूर टिकटॉकर का इफेकन कुल्टूर (TikTok star Efecan Kultur Death) का बीते दिनों निधन हो गया। यह 24 साल के थे और अपने "मुकबैंग" स्ट्रीम (Mukbang streamer death) के लिए टिकटॉक पर लोकप्रिय हुए थे। बताया जा रहा है कि उनकी मौत मोटापे से संबंधित समस्याओं के कारण हुई। अक्सर बहुत ज्यादा खाना खाने वाले कुल्टूर ने तीन महीने हॉस्पिटल में रहने के बाद 7 मार्च को दुनिया को अलविदा कह दिया।
वह कुछ समय से मोटापे से जूझ रहे थे और उनके वजन बढ़ने के कारण उनकी सेहत बिगड़ने लगी थी। इसकी वजह से टिकटॉकर का अस्पताल में इलाज चल रहा था। मोटापा एक गंभीर समस्या है, जिससे कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे मोटापा क्या होता है और यह किन गंभीर समस्याओं की वजह बन सकता है।
क्या होता है मोटापा?
WHO के मुताबिक मोटापा एक पुरानी जटिल बीमारी है, जो शरीर में ज्यादा फैट जमा होने से होती है। यह सेहत के लिए काफी हानिकारक होता है और कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है। मोटापे की वजह से टाइप 2 डायबिटीज और हार्ट हेल्थ का खतरा बढ़ सकता है।
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साथ ही यह हड्डियों के स्वास्थ्य और प्रजनन को प्रभावित कर सकता है। मोटापा कुछ कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है। साथ ही यह जीवन की गुणवत्ता को भी प्रभावित करता है, जैसे कि सोना या चलना।
मोटापे के नुकसान
ज्यादा वजन या मोटापा सेहत के लिए काफी हानिकारक होता है। इससे कई तरह के स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं। साल 2019 में, सामान्य से ज्यादा बीएमआई के कारण दिल से जुड़ी बीमारियां, डायबिटीज, कैंसर, नर्व डिसऑर्डर, क्रोनिक रेस्पिरेटरी डिजीज और पाचन संबंधी विकार जैसे नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज (एनसीडी) से लगभग 5 मिलियन मौतें हुईं।
वहीं, बचपन और किशोरावस्था में ज्यादा वजन होने की वजह से बच्चों और किशोरों की सेहत पर सीधा असर पड़ता है। इससे कई तरह की एनसीडी जैसे कि टाइप 2 डायबिटीज और हार्ट डिजीज का ज्यादा खतरा होता है। बचपन और किशोरावस्था में मोटापे के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ता है। यह स्कूल में उनके परफॉर्मेंस और लाइफ क्वालिटी को प्रभावित करता है।
कैसे करें मोटापे से बचाव
मोटापा सेहत के लिए कितना हानिकारक होता है, यह तो आप समझ ही गए होंगे, लेकिन इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। मोटापे या ज्यादा वजन को कंट्रोल करने के लिए आप नीचे दिए टिप्स को फॉलो कर सकते हैं-
- गर्भावस्था के दौरान सही वजन बनाए रखें
- बच्चे के जन्म के बाद पहले 6 महीनों तक सिर्फ ब्रेस्टफीडिंग करवाएं और 24 महीने या उससे आगे तक इसे जारी रखें।
- बच्चों के लिए स्वस्थ भोजन, शारीरिक गतिविधि और अच्छी नींद सुनिश्चत, चाहे उनका वर्तमान वजन कुछ भी हो।
- अपना स्क्रीन टाइम को सीमित करें।
- शुगरी ड्रिंक्स और हाई एनर्जी से भरपूर फूड्स से परहेज करें और खाने की हेल्दी आदतें अपनाएं।
- हेल्दी डाइट, फिजिकल एक्टिविटी, अच्छी नींद, स्मोकिंग-ड्रिंकिंग से परहेज कर एक अच्छी और हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करें।
- फुल फैट और शुगरी फूड्स को कम मात्रा में खाएं। इसके विपरीत डाइट में फलों और सब्जियों के साथ-साथ नट्स, सीड्स और ड्राई फ्रूट्स को शामिल करें।
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Source
- WHO: https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/obesity-and-overweight
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