बंगाल में काली पूजा तो बिहार में 'घरौंदा': भारत के अलग-अलग राज्यों में अनोखा है दिवाली मनाने का तरीका
दीवाली का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। देश के अलग-अलग राज्यों में इस त्योहार से जुड़ी अलग-अलग परंपराएं निभाई जाती हैं।

कैसे मनाते हैं देश के अलग-अलग राज्यों में दीवाली? (AI Generated Image)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दीवाली का त्योहार पूरे भारत में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। ये त्योहार रोशनी का पर्व है, जिसे बुराई पर अच्छाई के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। हालांकि, देश के अलग-अलग राज्यों में दीवाली मनाने के तौर-तरीके और उससे जुड़ी परंपराएं काफी अलग हैं।
देश के अलग-अलग हिस्सों में दीवाली की धूम बिल्कुल अलग अंदाज में देखने को मिल सकती है। कहीं काली पूजा का महत्व है, तो कहीं कंदील जाए जाते हैं, तो कहीं दीप दान का महत्व है। आइए जानें देश के अलग-अलग राज्यों में कैसे मनाई जाती है दीवाली।
उत्तर प्रदेश और दिल्ली
उत्तर प्रदेश में दीवाली भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है। अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन किया जाता है, जो दुनियाभर में मशहूर है। इस दिन यहां लाखों दीये एक साथ जलाए जाते हैं। घरों में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा होती है, लोग एक दूसरे को मिठाइयां खिलाते हैं और उपहार देते हैं।
पंजाब
पंजाब और सिख समुदाय के लिए दीपावली का दिन बंदी छोड़ दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सिखों के छठे गुरु, गुरु हरगोबिंद सिंह जी ग्वालियर के किले से 52 हिंदू राजाओं के साथ कैद से रिहा होकर अमृतसर लौटे थे। इस अवसर पर स्वर्ण मंदिर को भव्य तरीके से सजाया जाता है और दीपदान किया जाता है।
पश्चिम बंगाल
भारत में ज्यादातर जगहों पर दीवाली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा होती है, लेकिन पश्चिम बंगाल और असम में इस दिन काली पूजा की जाती है। इस रात को मां काली की आराधना करते हैं। पंडालों में मां काली की मूर्ति स्थापित की जाती है और कई लोग इस दिन तांत्रिक अनुष्ठान भी किए जाते हैं।
तमिलनाडु और दक्षिण भारत
दक्षिण भारत में दीवाली नरक चतुर्दशी के रूप में मनाई जाती है। माना जाता है कि इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध किया था। इस दिन लोग सूरज उगने से पहले उठकर नहाते हैं और नए कपड़े पहनते हैं। इस दिन घर के बाहर सुंदर रंगोली बनाई जाती है, जिसे कोलम कहते हैं। इसके बाद घर में पूजा होती है और स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं।
गोवा और महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में इस दिन वसुबारस मनाया जाता है, जिसमें शादीशुदा महिलाएं गाय के बछड़े की पूजा करती हैं। इस दिन घर के दरवाजे पर तोरन लगाया जाता है, रंगोली बनाई जाती है और कई स्वादिष्ट पारंपरिक पकवान बनाए जाते हैं।
गुजरात
गुजरात में दीवाली का त्योहार नए साल की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन व्यापारी अपने बही-खातों की पूजा करते हैं, जिसे चोपड़ा पूजा कहा जाता है। घरों में माता लक्ष्मी का स्वागत करने के लिए रंगोली बनाई जाती है, मां के पदचिह्न बनाए जाते हैं और कई पारंपरिक पकवान बनाए जाते हैं।
ओडिशा
ओडिशा में दीवाली का त्योहार बड़ बड़ुआ डाका के रूप में मनाया जाता है। इस दिन अपने पूर्वजों को याद किया जाता है और उनका आशीर्वाद लिया जाता है।
बिहार
बिहार में दीवाली का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन घरों को सजाया जाता है, स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं और दीवाली के दिन यहां घरौंदा बनाने की भी परंपरा है। इस दिन एक छोटा-सा घर बनाया जाता है, जो परिवार में सुख-समृद्धि के लिए बनाया जाता है।
नॉर्थ ईस्ट
नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में भी दीवाली की धूम देखने को मिलती है। दीवाली के त्योहार के साथ इन राज्यों की अपने पारंपरिक रिवाज जुड़े होते हैं, जैसे- असम में काली पूजा, सिक्किम में तिहार मनाया जाता है।
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