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    दिखावे का अंत? जानिए क्या है क्वाइट लग्जरी, जो बिना शोर मचाए बदल रही है फैशन की दुनिया

    By Seema JhaEdited By: Harshita Saxena
    Updated: Sun, 04 Jan 2026 09:03 AM (IST)

    अच्छा दिखने के लिए आप कितने ही प्रयास करें, अधूरापन का एहसास बना रहता है। वहीं, क्वाइट लग्जरी में सब एफर्टलेस होता है। सादगी और सहजता इसकी सबसे बड़ी ख ...और पढ़ें

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    क्वाइट लग्जरी: फैशन की दुनिया में सादगी और सुकून का नया ट्रेंड (Picture Credit- AI Generated)

    सीमा झा, नई दिल्ली। ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’। आप कहेंगे कि इतनी लार्ज स्केल में बनी फिल्म का साइलेंट लग्जरी से क्या लेना-देना? पर आगे बढ़ने के लिए इस फिल्म के अभिनेता रणवीर सिंह की फैशन शैली को समझना जरूरी है। तड़क-भड़क व चमचमाते रंगों से भरपूर इस फैशन शैली को लाउड फैशन कहा जाता है। क्रिकेटर हार्दिक पांडया को भी लाउड फैशन की श्रेणी में रख सकते हैं। वे बड़े ब्रांड के लेवल दर्शाते पहनावों में अक्सर दिख जाते हैं।

    इस परिदृश्य में क्वाइट लग्जरी की बात वैसी ही है जैसा शोरगुल, कोलाहल भरे वातावरण में मौन व सुकून की खोज। जयपुर की महारानी गायत्री देवी को याद करें। दुनिया की सबसे खूबसूरत महिला के रूप में उपाधि मिली तो इसमें एक कारण उनका क्वाइट लग्जरी को पसंद करना था। बेलबाटम से फ्रेंच शिफान साड़ी, साथ में मोतियों की बस एक माला या कुछ एंटीक गहने उनका सिग्नेचर स्टाइल था। इंग्लिश फैशन डिजाइनर विक्टोरिया बेखम को देखें। उनकी टर्टलनेक ब्लेजर, रेशमी शटर्स, वाइड-लेग ट्राउजर्स के साथ मिडी लेंथ ड्रेसेज उनकी पहचान है।

    अब मार्क जुकरबर्ग हो या स्टीव जाब, दुनिया बदलने वाले ऐसे लोगों को बस साधारण सी टीशर्ट, ट्राउजर में देखकर आप क्या सोचते हैं? आप इसे ‘सादा जीवन, उच्च विचार मानें’ या ‘महंगा खरीदो एक बार व सस्ता बार-बार’ आदि कहावतों के दायरे में लाकर देखें तो यह भी गलत नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह सब क्वाइट लग्जरी के उदाहरण हैं। ऐसे कुछ लोगों की सबसे बड़ी खासियत यही गरिमापूर्ण सादगी होती है जो बिना बोले उनके व्यक्तित्व को न केवल सादगी से बयां कर देती है, बल्कि उन्हें अनुकरणीय भी बना देती है।

    सुकून बांटते चलो

    औद्योगिक क्रांति के बाद शोर को उत्पादकता और प्रगति का पर्याय माना जाने लगा है। ऐसे समय में शांति व सुकून की मांग भी अधिक है। सबको अपना कंफर्ट चाहिए क्योंकि इसमें शांति है और क्वाइट लग्जरी भी यही है। आमतौर पर लग्जरी का अर्थ विलासिता से जोड़ा जाता है। पर साइलेंट लग्जरी एक अनुभूति है। फैशन डिजाइनर जतिन कोचर कहते हैं, ‘अगरआज मुझे शादी में जाना पड़े तो इसके लिए मुझे अतिरिक्त प्रयास नहीं करने होंगे। सर्दी के मौसम में एक कुर्ता पाजामा और बढ़िया सी शाल से ही मेरा काम हो जाता है। बस शाल को कैरी करने की शैली औरों से अलग बनाता है मुझे।’ इस सहज चुनाव को ही जतिन अपना लग्जरी कहते हैं जो वे स्वयं महसूस करते हैं कि लोगों को उनसे मिलकर कुछ कंफर्ट, थोड़ा सुकून मिल जाता है। जतिन के अनुसार, ऐसे समय में जहां शांति, मौन, सुकून दुर्लभ चीज हो गई है, वहां अपनी उपस्थिति मात्र से आप इसे बांट दें तो इससे बड़ी बात और क्या होगी?

    कपड़ों से इंटीरियर तक

    केवल आउटफिट की बात करें तो क्वाइट लग्जरी के रंग बेज, सैंड और अर्दी टोन वाले होते हैं। इनका फैब्रिक प्रीमियम होता है। सिल्क, कश्मीरी लिनन आदि जो इसे आरामदायक के साथ टिकाऊ बनाता है। साथ ही यह कभी पुराना नहीं पड़ता। ऐसे कपड़ों या गहनों की कारीगरी महीन होती है। आज युवा वर्ग में क्वाइट लग्जरी की स्वीकार्यता बढ़ रही है। बेशक आलमारी में दो से तीन जोड़ी कपड़े हों, उन्हें साल भर पहनकर भी वे बोर नहीं होते। इन दिनों कपड़ों, गहनों के साथ-साथ घरों की सजावट में भी क्वाइट लग्जरी पसंद किया जा रहा है। पहनावे के साथ घर भी सुंदर दिखे इसके लिए बहुत अधिक चीजों की जरूरत भी नहीं। आपस बस एक कोमल एहसास देता पर मजबूत मैटरियल का प्रयोग करें, क्वाइट लग्जरी के लिए काफी है। न्यूट्रल ट्रेंड वाले सोफा, वुडन फ्लोर, हस्तशिल्प सजावट का चयन इसी ट्रेंड का अंग है।

    ऐसे बनाएं क्वाइट लग्जरी वाला वार्डरोब

    • अगर आप कुछ रिफ्रेशिंग ट्राई करना चाहते हैं तो क्वाइट लग्जरी युक्त वार्डरोब ऐसे तैयार करें-
    • ऐसा वार्डरोब, जिसमें ऐसे कपड़े हों, जिनका फैब्रिक अच्छा हो और रंगों में कुछ लक्जरी फील हो।
    • दो-चार ब्लेजर, सफेद शर्ट और शाल को वार्डरोब का हिस्सा बनाएं।
    • कपड़े ब्रांड के हों, यही अनिवार्यता नहीं पर वे आपकी छवि या व्यक्तित्व से मैच खाते हों, बनावटी न लगें।

    विरासत में मिलता है यह

    क्वाइट लग्जरी को केवल वस्तुओं, पहनावे तक सीमित नहीं रखना चाहिए। यह एक विचार है। ऐसे विचार वाले लोग हर उम्र में अपनी छाप छोड़ जाते हैं। उनकी पसंद उनकी अपनी कहानी कहता है जो उन्हें विरासत से मिलती है। इसलिए क्वाइट लग्जरी पहनने वाले या अपनाने वाले लोग ज्यादातर सहज होते हैं, सादगी उनकी सबसे बड़ी पहचान होती है।- जतिन कोचर, फैशन डिजाइनर

    ट्रेंड से परे है यह

    भारत में क्वाइट लग्जरी का चलन नया नहीं। सैकड़ों साल पुरानी विरासत की यह खूबी हर कोई कैरी करना चाहता है। इसे आप ट्रेंड की सीमा में नहीं बांध सकते। मैं ज्यादातर क्वाइट लग्जरी को चुनता हूं क्योंकि इसमें जो शांति है, वह भारी-भरकम, भड़कीले कपड़ों में नहीं।- मोहित वाधवा, फैशन डिजाइनर

    मेरी पहचान से जुड़ी

    किसी को देखकर आप कुछ पहन लें वह आपकी छवि को सही नहीं दर्शाता। मुझे क्वाइट लग्जरी इसलिए पसंद है क्योंकि इसमें सादगी है और मेरे व्यक्तित्व के अनुकूल है। फिल्मों में मांग के अनुसार कोई भी फैशन चुनें पर निजी तौर पर मैं क्वाइट लग्जरी चुनती हूं ।- आन्या सिंह, अभिनेत्री