Chaibasa पागल हाथी का उपद्रव, छह घंटे में तीन ग्रामीणों को कुचलकर मार डाला
पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में एक पागल हाथी ने छह घंटे के भीतर तीन ग्रामीणों को कुचलकर मार डाला। रोरो, बिरसिंहहातू और बांडीजारी गांवों में हुई इस घटना ...और पढ़ें

चाईबासा से सटे रोरो, बिरसिंहहातू और बांडीजारी गांव में झुंड से बिछड़े एक पागल हाथी ने तीन ग्रामीणों को पटक-पटक कर मार डाला।
जागरण संवाददाता, चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा से सटे रोरो, बिरसिंहहातू और बांडीजारी गांव में झुंड से बिछड़े एक पागल हाथी ने तांडव मचाते हुए छह घंटे के भीतर तीन ग्रामीणों को पटक-पटक कर मार डाला। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश है।
ग्रामीणों ने घटना की सूचना शुक्रवार सुबह मुफस्सिल थाना और वन विभाग को दी, लेकिन दोपहर एक बजे तक न तो पुलिस और न ही वन विभाग के अधिकारी गांव पहुंचे थे, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई। जानकारी के अनुसार, पहली घटना 1 जनवरी की शाम करीब छह बजे बांडीजारी गांव में हुई।
यहां बकरी चराकर लौट रहे मंगल सिंह हेंब्रम को हाथी ने अपना पहला शिकार बनाया और पटक-पटक कर मार डाला। इसके बाद हाथी बिरसिंहहातू गांव के टोला कुचूबासा पहुंचा, जहां हूरदुब बहांदा अपने खलिहान की झोपड़ी में पत्नी के साथ सो रहा था।
हाथी ने झोपड़ी तोड़ दी और हूरदुब बहांदा को सूंड से उठाकर कुछ दूर ले जाकर पटक कर मार डाला। इस दौरान उसकी पत्नी घायल हो गई, जिसके सिर और हाथ में चोट आई है। इसके बाद रात करीब साढ़े 11 बजे हाथी बड़ा लगाया पंचायत के रोरो गांव पहुंच गया।
रोरो गांव में सुरजा सुंडी के आंगन में घूम रहे हाथी की नजर 42 वर्षीय विष्णु सुंडी पर पड़ी। हाथी ने विष्णु सुंडी को सूंड से उठाकर पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। लगातार तीन हत्याओं के बाद चाईबासा से सटे टोंटो और रोरो क्षेत्र के गांवों में लोग भयभीत हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथी को जल्द काबू में करने और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है। हाथी के इस तांडव की सूचना मिलने पर वन विभाग सक्रिय हुआ है परंतु समाचार लिखे जाने तक हाथी को जंगल में खदेड़ने में कामयाब नहीं हो पाया है।

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