यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Rajnagar News: बहन के घर जा रहे तीन दोस्तों की सड़क दुर्घटना में मौत, परिजनों ने किया चक्का जाम
राजनगर में एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन दोस्तों की मौत हो गई। तीनों युवक जमशेदपुर के बारीडीह बस्ती के ...और पढ़ें

संवाद सूत्र, राजनगर। राजनगर थाना अंतर्गत हाता-चाईबासा मुख्य मार्ग पर मुरुमडीह स्थित पेट्रोल पंप और लकड़ाकोचा के बीच रविवार तड़के लगभग 3 बजे एक हृदय विदारक सड़क हादसा हो गया। जहां तेज रफ्तार में जा रही बाइक एक ब्रेकडाउन हाइवा के पीछे जोरदार टकरा गई। जिससे तीनों दोस्तों की दर्दनाक मौत गई।
घटना के बाद तीनों युवकों को एम्बुलेंस से गंभीर हालात में राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां तीनों ने दम तोड़ दिया। डॉक्टर ने जांच के बाद तीनों मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान जमशेदपुर के बारीडीह बस्ती नागा डूंगरी, प्रेणचंद पथ निवासी लखन कुमार (27 वर्ष), संजय लोहार (22 वर्ष) एवं राजू सांडिल (23 वर्ष) के रूप में हुई।
बहन के घर जा रहे थे तीनों दोस्त
जानकारी के अनुसार तीनों आपस में दोस्त थे और एक ही बस्ती में रहते थे। शनिवार रात टाटा से चाईबासा की ओर रवाना हुए थे। वे चाईबासा अपनी बहन के घर जा रहे थे। जैसे ही मुरुमडीह पुल पार कर पेट्रोल पंप के समीप पहुंचे, सड़क किनारे खड़ी एक हाइवा से उनकी बाइक जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त तीनों युवकों की चेहरे पहचान में नहीं आ रहे थे।
रो-रो कर बेहाल परिजन
सुबह जैसे ही हादसे की खबर बारीडीह बस्ती पहुंची। परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे स्वजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। लखन कुमार टेंट हाउस में लाइटिंग का काम करते थे। परिवार में माता-पिता और एक बड़ा भाई है।
संजय लोहार राजमिस्त्री के हेल्पर के रूप में काम करता था। उसके दो बड़े भाई और माता-पिता हैं। राजू सांडिल घर का इकलौता कमाने वाला था, उसकी एक बड़ी बहन है। तीनों की असमय मौत से न केवल उनके घरों में बल्कि पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है।
मुआवजे की मांग पर सड़क जाम
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजा और वाहन मालिक को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए हाता-चाईबासा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। सूचना पाकर राजनगर थाना प्रभारी चंचल कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद लगभग एक घंटे बाद जाम हटाया गया। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क पर लापरवाही और खतरनाक तरीके से खड़े भारी वाहनों की समस्या को उजागर कर दिया है।
