Railway News: ट्रेन में अब इन्हें सबसे पहले मिलेगा लोअर बर्थ, रेलवे ने लिया अहम फैसला; जारी हुआ नया नोटिफिक्शन
रेलवे ने महिलाओं बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों के लिए लोअर बर्थ की सुविधा शुरू की है। दक्षिण पूर्व रेलवे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि लोकसभा में प्रश्न का उत्तर देते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे की इन पहलों को उजागर किया है। इस पहल के तहत वरिष्ठ नागरिकों महिलाओं और विकलांग व्यक्तियों के लिए लोअर बर्थ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर। रेलवे में अब महिलाओं, बुजर्गों और दिव्यांगों यात्रियों के लिए लोहर बर्थ यानी निचली सीट उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था किया है।
दक्षिण पूर्व रेलवे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि लोकसभा में प्रश्न का उत्तर देते हुए केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे की इन पहलों को उजागर किया है।
जो वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और विकलांग व्यक्तियों के लिए लोअर बर्थ की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई हैं।
लोअर बर्थ के लिए आरक्षित कोटा होगा
इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और गर्भवती महिलाओं के लिए बर्थ, 45 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को, यदि वे बर्थ के बारे में कोई विशेष चयन नहीं करते हैं, तो स्वचालित रूप से निचली बर्थ आवंटित की जाती है, बशर्ते कि उपलब्धता हो।
निचली बर्थ के लिए आरक्षित कोटा होगा, जिसके तहत स्लीपर क्लास में प्रति कोच 6-7 निचली बर्थ, एसी में प्रति कोच 4-5 निचली बर्थ, टू एसी में प्रति कोच 3-4 निचली बर्थ होगा।
यह प्रावधान ट्रेनों में कोचों की संख्या के आधार पर लागू किया जाता है, ताकि यात्रियों को अधिकतम सुविधा मिल सके।
रेल मंत्री मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि विकलांग व्यक्तियों के लिए आरक्षण दी जायेगी, जिसके तहत सभी मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों में विकलांग व्यक्तियों के लिए आरक्षण कोटा लागू है, जिसमें राजधानी और शताबदी जैसी ट्रेनें भी शामिल हैं।
यह सुविधा उस समय भी लागू होती है, चाहे वे छूट का लाभ उठा रहे हों या नहीं । स्लीपर क्लास में 4 बर्थ (2 निचली बर्थ सहित) होगी जबकि थर्ड एसी एवं थर्ड एसी इकोनॉमी कोच में 4 बर्थ निचली बर्थ सहित होगा।
वहीं, रिजर्व सेकंड सिटिंग (2एस) या एयर कंडीशंड चेयर कार (सीसी) में 4 सीटें उपलब्ध होगी। यात्रा के दौरान निचली बर्थों का पुनः आवंटन होगा।
इसके तहत यात्रा के दौरान यदि कोई निचली बर्थ खाली रहती है, तो उन बर्थों को वरिष्ठ नागरिकों, विकलांग व्यक्तियों और गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर आवंटित किया जाता है। जिनको पहले मिडिल या अपर बर्थ आवंटित की गई हो।
आरामदायक यात्रा के लिए उठाया गया कदम
- भारतीय रेलवे इन समावेशी उपायों के माध्यम से यात्रियों को एक सहज और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
- यात्रियों को इन सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि वे सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा कर सकें।
यह भी पढ़ें-
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।