Move to Jagran APP

Jamshedpur news: मानव तस्करों के चंगुल से RPF ने 10 नाबालिग बच्चों को बचाया, चाइल्ड लाइन के किया हवाले

आरपीएफ चक्रधरपुर को सूचना मिली की नौकरी और अधिक पैसा कमाने का सपना दिखाकर दस नाबालिग बच्चों को मानव तस्कर बेंगलुरु ले जा रहे हैं। आरपीएफ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चक्रधरपुर स्टेशन में मानव तस्करों के चंगुल से दस बच्चों को बचा लिया।

By Rupesh KumarEdited By: Sat, 24 Sep 2022 11:54 PM (IST)
Jamshedpur news: मानव तस्करों के चंगुल से RPF ने 10 नाबालिग बच्चों को बचाया, चाइल्ड लाइन के किया हवाले
मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त कराये गये बच्चे।

चक्रधरपुर, जागरण संवाददाता। आरपीएफ चक्रधरपुर को सूचना मिली की नौकरी और अधिक पैसा कमाने का सपना दिखाकर दस नाबालिग बच्चों को मानव तस्कर बेंगलुरु ले जा रहे हैं। आरपीएफ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चक्रधरपुर स्टेशन में मानव तस्करों के चंगुल से दस बच्चों को बचा लिया। हालांकि मानव तस्कर भागने में सफल रहा। आरपीएफ थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि पांच लड़का और पांच लड़की है। सभी बच्चों को यशवंतपुर टाटा एक्सप्रेस से बेंगलुरु जाने वाले थे।

चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन के समीप सभी लोग बैठे हुए थे। पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि चाईबासा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के विभिन्न गांव के रहने वाले हैं, जबकि एक सोनुवा थाना के लोटापहाड़ का रहने वाला है। उन्होंने बताया कि बेंगलुरु में उन्हें काम दिलवाने के लिए कोई ले जा रहा है, लेकिन कौन लेकर जा रहा है, इस संबंध में कोई भी नाबालिक नहीं बता पाया।

पूछताछ में नहीं दे पाए सवालों के जवाब

इस दौरान आरपीएफ की महिला सब इंस्पेक्टर ज्योति कुमारी ने भी पूछताछ की, लेकिन नाबालिग बच्चों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। मामले पर मानव तस्करी का शक होने पर आरपीएफ ने चाइल्ड लाइन सब सेंटर गोइलकेरा के टीम लीडर आनंद प्रधान को बुला कर नाबालिगों को सौंप दिया।

चाइल्ड लाइन को सौंपा गया

हालांकि रात हो जाने के कारण सभी को चक्रधरपुर में रखा गया था। शनिवार को सभी को चाइल्ड लाइन सब सेंटर गोइलकेरा के टीम लीडर आनंद प्रधान और पंकजनी प्रधान को सौंप दिया। बाद में दोनों ने सभी नाबालिग को जिला बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत किया। जहां से उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया।

बता दें कि झारखंड में पलायन की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को ही पश्चिमी सिंहभूम जिला से सैकड़ों की संख्या में यशवंतपुर ट्रेन से पलायन करते हैं, जिसका नजारा हर शुक्रवार शाम को चक्रधरपुर स्टेशन में देखने को मिलता है।