ईसाई धर्म से दो साल में हुआ मोहभंग, 6 सदस्यीय परिवार ने सरना धर्म में की वापसी
पश्चिमी सिंहभूम के जगन्नाथपुर में दो साल पहले ईसाई धर्म अपनाने वाला विश्वनाथ सिंकू का छह सदस्यीय परिवार शुक्रवार को अपने मूल सरना धर्म में लौट आया। आद ...और पढ़ें

सरना धर्म में लौट आया परिवार। फोटो जागरण
संवाद सूत्र, जगन्नाथपुर। पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर प्रखंड के मोंगरा पंचायत अंतर्गत हेस्सापी गांव के दारुसाई टोला में दो वर्ष पूर्व ईसाई धर्म अपनाने वाला एक परिवार दोबारा अपने मूल सरना धर्म में लौट आया।
शुक्रवार देर संध्या आदिवासी परंपरा एवं विधि-विधान के साथ दिऊरी द्वारा पूजा-अर्चना (जाते) कर छह सदस्यीय परिवार की सरना धर्म में विधिवत वापसी कराई गई।
सरना धर्म में लौटने वालों में विश्वनाथ सिंकू, उनकी पत्नी नीतिमा सिंकू, पुत्री दशमती सिंकू, पुत्र जश्मन सिंकू, पुत्री स्वरा सिंकू एवं पुत्र स्टीफन सिंकू शामिल हैं। गांव के सामाजिक कार्यकर्ता अजय सिंकू ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।
बताया गया कि लगभग दो वर्ष पूर्व उक्त परिवार ने ईसाई धर्म में आस्था रखते हुए धर्मांतरण किया था। इसके बाद गांव और समाज के साथ उनके संबंधों में दूरी आने लगी थी। सामाजिक सहयोग, सामुदायिक सहभागिता और पारंपरिक जीवनशैली से कटाव महसूस होने पर परिवार ने पुनः अपने मूल सरना धर्म में लौटने का निर्णय लिया।
सरना धर्म में वापसी के बाद ग्रामीणों ने परिवार का स्वागत किया और पारंपरिक हो समाज की रीति-रिवाजों के अनुसार सामाजिक एकता बनाए रखने का संकल्प लिया। समाज के लोगों ने इसे सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस अवसर पर समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से मनोज सिंकू, तुराम सिंकू, मोहन सिंकू, मुचिया सिंकू, शंकर कुंकल, मंजू सिंकू, बुधनी सिंकू, रेशमा सिंकू, अजय सिंकू, निर्मल सिंकू, सदानंद सिंकू, जड़ेया सिंकू, सुखमोहन अंगारिया, राम गगराई एवं बिक्रम गगराई (बोदरा) शामिल थे।

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