जागरण संवाददाता, चाईबासा। कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ के तहत कांग्रेस भवन, चाईबासा में एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू ने कहा कि कांग्रेस हर हाल में मनरेगा की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा कोई सामान्य सरकारी योजना नहीं, बल्कि भारतीय संविधान से प्राप्त काम का अधिकार है। डॉ. बलमुचू ने कहा कि कांग्रेस ग्रामीण मजदूरों के सम्मान, रोजगार, मजदूरी और समय पर भुगतान के मुद्दे पर लगातार संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी।
केंद्र सरकार पर वित्तीय भार बढ़ाने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने और मजदूरों के अधिकार को खैरात में बदलने की साजिश कर रही है, जिसे कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से हर मंच पर विरोध करेगी।
डॉ. बलमुचू ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नए प्रावधानों के तहत केंद्र सरकार मनरेगा पर अब 90 प्रतिशत के बजाय केवल 60 प्रतिशत खर्च वहन करेगी, जबकि राज्य सरकारों का अंश 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है।
कैबिनेट की अनदेखी का आरोप
इससे राज्य सरकारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्य प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार देश के अरबपतियों का लाखों-करोड़ों रुपये का कर्ज माफ कर देती है, वहीं दूसरी ओर गरीबों को काम की गारंटी देने वाली योजना को खत्म करने पर आमादा है।
यह नीतिगत फैसला संघीय ढांचे पर सीधा हमला है, क्योंकि राज्यों से उनके अधिकार और संसाधन छीने जा रहे हैं, जिससे सत्ता और वित्त का केंद्रीकरण किया जा रहा है।
पांच जनवरी को रांची में पदयात्रा
डॉ. बलमुचू ने आरोप लगाया कि मनरेगा से जुड़े इस फैसले को प्रधानमंत्री कार्यालय से लिया गया, जिस पर न तो कैबिनेट में चर्चा हुई और न ही संबंधित मंत्रालय से परामर्श किया गया। उन्होंने कहा कि मनरेगा को कमजोर करने या समाप्त करने का एकमात्र उद्देश्य गरीबों से रोजगार का अधिकार छीनना है।
मनरेगा बचाओ अभियान के तहत आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए डॉ. बलमुचू ने बताया कि 5 जनवरी 2026 को कांग्रेस कार्यकर्ता मोरहाबादी (रांची) स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा स्थल से पदयात्रा करते हुए लोकभवन पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है।
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