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    नव वर्ष में छलका जाम, हजारों मुर्गे-बकरे बने दावत, पिकनिक से बाजार तक जश्न ही जश्न

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 09:29 PM (IST)

    नववर्ष के जश्न में चक्रधरपुर में मांस और शराब की रिकॉर्ड बिक्री हुई। पिकनिक स्थलों से लेकर बाजारों तक भारी भीड़ देखी गई, जिससे कारोबारियों को जबरदस्त ...और पढ़ें

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    फाइल फोटो।

    जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर। नववर्ष का उत्साह हर वर्ग में देखने को मिला, लेकिन सबसे अधिक फायदा शराब और मांस कारोबार से जुड़े दुकानदारों को हुआ। नए साल के जश्न ने बाजार में ऐसी रफ्तार पकड़ी कि दारू और मुर्गा-मटन की बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
     
    पिकनिक स्थलों से लेकर हाट-बाजारों तक जश्न का असर साफ नजर आया। चक्रधरपुर और आसपास के इलाकों में नववर्ष के मौके पर मांस की दुकानों पर सुबह से ही भीड़ उमड़ पड़ी।
     
    हजारों की संख्या में ब्रायलर मुर्गे कटे, वहीं देस मुर्गों की मांग भी पूरे दिन बनी रही। इसके साथ ही खस्सी (बकरे) के मांस की बिक्री में भी जबरदस्त उछाल देखा गया। जाड़े के मौसम और छुट्टी के माहौल ने मांसाहारी लोगों की भूख और बढ़ा दी।

    हाट-बाजारों में सब्जी-भाजी की दुकानों की तुलना में मांस की दुकानों पर कहीं ज्यादा चहल-पहल रही। कई दुकानों पर तो सुबह-सवेरे ही मांस खत्म हो गया।

    ब्रायलर मुर्गों की भारी मांग के कारण कम वजन के मुर्गे बाजार से गायब हो गए, जिससे छोटे परिवारों को जरूरत से ज्यादा मांस खरीदने पर मजबूर होना पड़ा।

    शराब की दुकानों पर भी नववर्ष का असर साफ दिखा। अन्य दिनों की अपेक्षा अंग्रेजी शराब की दुकानों पर खरीदारों की लंबी कतारें लगी रहीं।
     
    देसी और महुआ शराब के विक्रेताओं ने भी मौके का भरपूर लाभ उठाया। देर शाम तक शराब की दुकानों पर भीड़ बनी रही, जिससे कारोबारियों के चेहरे खिले नजर आए।

    पिकनिक मनाने वालों के लिए मांस और शराब जश्न का अहम हिस्सा बन गया। पिकनिक स्थलों पर मौज-मस्ती का माहौल रहा, लेकिन इसके साथ ही दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रही।
     
    कई परिवारों के बच्चे और युवा पिकनिक मनाने बाहर गए थे, ऐसे में परिजन देर शाम तक उनके सुरक्षित लौटने की दुआ करते नजर आए। कुल मिलाकर नववर्ष का जश्न चक्रधरपुर में दावत और जाम के नाम रहा।
     
    मांस और शराब की जबरदस्त बिक्री ने बाजार की तस्वीर ही बदल दी। हालांकि, प्रशासन और आम लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि जश्न के साथ संयम और सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।
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