कोल्हान में नष्ट होगी अफीम की खेती, हेमंत सरकार ने बनाया धांसू प्लान, पुलिस को दी फाइनल डेडलाइन!
Saraikela News अफीम (Opium) की खेती को नष्ट करने को लेकर खरसावां में कोल्हान आयुक्त हरिकुमार केशरी की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन हुआ। इस दौरान 15 फरवरी तक अवैध रुप से की जा रही अफीम की खेती को शत-प्रतिशत नष्ट करने का लक्ष्य तय किया गया। आईजी अखिलेश झा ने बताया कि इसको लेकर जागरुकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
संंवाद सूत्र, खरसावां। कोल्हान में अवैध रूप से अफीम की खेती को नष्ट करने और रोकथाम के लिए सोमवार को खरसावां के पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में कोल्हान आयुक्त हरिकुमार केशरी की अध्यक्षता में बैठक हुई।
बैठक में अवैध रूप से हो रही अफीम की खेती को नष्ट करने की रणनीति तय की गई। इस कार्य को मिशन मोड पर करने का निर्णय लिया गया।
कोल्हान आयुक्त हरि कुमार केशरी ने बताया कि 15 फरवरी तक अवैध रुप से की जा रही अफीम की खेती को शत प्रतिशत नष्ट करने का लक्ष्य तय किया गया है। अवैध रूप से हो रही अफीम की खेती के खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी हो रही है।
वन विभाग, पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन के अधिकारी आपसी समन्वय बना कार्रवाई करेंगे। साथ ही वैकल्पिक खेती के लिए ग्रामीणों को जागरुक करने, सब्जी और रबी फसल के लिए बीज उपलब्ध करने की भी बात कही गई।
अफीम की खेती करने वालों की चिह्नित कर करें कार्रवाई
कोल्हान आयुक्त हरिकुमार केशरी ने बताया कि 15 फरवरी तक अवैध रुप से की जा रही अफीम की खेती को शत प्रतिशत नष्ट करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि अफीम की खेती करने वालों की चिह्नित कर कार्रवाई करें।
किसान अगर वैकल्पिक खेती करना चाहें तो प्रशासन उन्हें बीज उपलब्ध करायेगी। इस दिशा में कार्रवाई भी की जा रही है। जल्द ही इसके परिणाम भी सामने आयेंगे।
आयुक्त ने कहा कि अफीम की खेती करने वालों को मुख्य धारा में लाने का भी प्रयास किया जाएगा और खेती के लिए बीज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। अफीम की खेती कानूनन अपराध है।
उन्होंने कहा कि अफीम की खेती से समाज को भी नुकसान हो रहा है। वैकल्पिक खेती के लिए ग्रामीणों के इच्छानुसार बीज उपलब्ध कराया जायेगा।
अवैध रुप से अफीम की खेती में संलिप्त रहने वाले होंगे गिरफ्तार
रांची प्रक्षेत्र के आईजी अखिलेश झा ने कहा कि सरायकेला-खरसावां जिला के छह थाना चौका, कुचाई, खरसावां, ईचागढ़, दलभंगा, चांडिल, कांड्रा तथा पश्चिमी सिंहभूम जिला के बंदगांव, टेबो, कराईकेला, सोनुवा आदि क्षेत्रों में प्रारंभिक रुप से अफीम की खेती होने की सूचना मिल रही है।
आईजी झा ने कहा कि अफीम की खेती को नष्ट करने की कार्रवाई चल रही है। पश्चिमी सिंहभूम जिला में 214 व सरायकेला-खरसावां जिला में करीब ढाई सौ एकड़ जमीन पर अफीम की खेती को नष्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
आईजी ने कहा कि जागरुकता अभियान भी चलाया जा रहा है कि अफीम की खेती न सिर्फ अवैध है, बल्कि इसके दुष्परिणाम भी हैं। लोगों को सचेत करने के बावजूद भी अगर खेती करते है, तो उन पर कड़ी कार्रवाई होगी।
अफीम की खेती करने वालों के खिलाफ पश्चिमी सिंहभूम में 10 व सरायकेला-खरसावां जिला में 13 एफआईआर दर्ज हो चुके है। इन मामले में दो की गिरफ्तारी हुई है।
आईजी ने कहा कि अगर लोग स्वत: अफीम के फसल को नष्ट नहीं करेंगे, तो पुलिस जाकर इसे नष्ट करने के साथ-साथ कांड दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई करेगी। उन्होंने लोगों ने स्वत: ही अफीम की खेती को नष्ट करने की अपील की।
आईजी झा ने बताया कि कई जगहों पर लोग स्वयं अफीम की खेती को नष्ट कर कर रहे हैं। इसमें कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। इसमें अधिकतम 20 वर्ष तक के सजा का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि क्षणिक लाभ के लिए विधि विरुद्ध कार्यों में संलिप्त न हो। रैयती, वन भूमि या सरकारी भूमि पर अफीम की खेती करने वालों पर कार्रवाई होगी।
बैठक में ये रहे मौजूद
इस बैठक में रांची प्रक्षेत्र के आईजी अखिलेश झा, कोल्हान के आयुक्त हरि कुमार केसरी, डीआईजी मनोज रतन चौथे, सरायकेला खरसावां के डीसी रवि शंकर शुक्ला, एसपी मुकेश लुनायत उपस्थित थे।
साथ ही पश्चिमी सिंहभूम के डीसी कुलदीप चौधरी, एसपी आशुतोष शेखर, डीएफओ नीतीश कुमार, सरायकेला एडीसी जय वर्द्धन कुमार, चक्रधरपुर समेत जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन और वन विभाग के पदाधिकारी भी इस बैठक में मौजूद थे।
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