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    Jharkhand News: एक्शन में हेमंत सोरेन की मंत्री, अचानक पहुंची रेफरल अस्पताल; सबके सामने डॉक्टर की लगा दी क्लास

    महागामा प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सह रेफरल अस्पताल के निरीक्षण के दौरान झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय नाखुश नजर आईं। अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और उनकी खामियों को देखकर उन्होंने डॉक्टरों और स्टाफ को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को मरीजों की बेहतर देखभाल करनी चाहिए। अपने निरीक्षण के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय ने मरीजों के परिजनों से भी बातचीत की।

    By Vidhu Vinod Edited By: Piyush Pandey Updated: Mon, 20 Jan 2025 05:27 PM (IST)
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    निरीक्षण के दौरान मरीजों के परिजनों से बात करती मंत्री दीपिका पाण्डेय। (फोटो जागरण)

    संवाद सहयोगी, महागामा (गोड्डा)। महागामा प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सह रेफरल अस्पताल का ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने रविवार की शाम को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, रखरखाव की व्यवस्था और उसमें खामियों को देखकर भड़क उठी।

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    मंत्री ने मौके पर मौजूद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अर्चना मिश्रा, डॉ. अनुज कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को कड़ी फटकार लगाई।

    निरीक्षण के दौरान बीस सूत्री अध्यक्ष मो. फिरोज, जिला परिषद सदस्य नगमा आरा और जिला परिषद प्रतिनिधि याहया सिद्दिकी ने मंत्री को अस्पताल में व्याप्त अनियमितताओं की शिकायत की।

    इसमें कहा गया पिछले 20 वर्षों से मरीजों के लिए यहां भोजन की आपूर्ति बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के एक ही व्यक्ति की ओर की जा रही है। साथ ही बिना टेंडर का अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों के संबंधियों के वाहनों का उपयोग किया जा रहा है, जो नियमानुसार नहीं है।

    मरीजों से मंत्री ने की बात

    अस्पताल के अन्य व्यवस्थागत कार्यों में टेंडर प्रक्रिया को नजरअंदाज किया गया। वहीं निरीक्षण के दौरान मातृत्व वार्ड में लोगों ने असुविधाओं की शिकायत की। निरीक्षण को दौरान मंत्री दीपिका पांडेय ने मरीजों और उनके स्वजनों से बातचीत की।

    मंत्री दीपिका पांडेय ने अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही और डॉक्टरों के गैर जिम्मेदाराना रवैये पर गहरी नाराजगी जताई। महागामा के गुंजन मंडल ने इस दौरान अपनी पत्नी के प्रसव के दौरान हुई लापरवाही का जिक्र मंत्री से किया, जिसके चलते महिला और बच्चे की जान पर खतरा बना।

    अस्पताल में उपस्थित लोगों ने कहा कि अस्पताल में मरीज आते ही डॉक्टर बिना देखे मरीज को रेफर कर देते हैं। मंत्री दीपिका ने अस्पताल प्रशासन और डाक्टरों की कार्यशैली पर गंभीर नाराजगी जताई।

    डॉक्टर और स्टाफ को देनी होगी बेहतर सेवा

    मंत्री ने कहा कि अस्पताल जैसी जगह पर, जहां लोग अपने दुखों का समाधान खोजने आते हैं, वहां डॉक्टरों और स्टाफ का यह रवैया बेहद गैर जिम्मेदाराना है। मंत्री ने कहा कि मरीजों को समय पर इलाज और राहत मिलनी चाहिए।

    ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री ने बताया कि अस्पताल के लिए नए भवन का निर्माण कराया जा रहा है। पुराने भवन की खराब स्थिति और छतों के टूटे होने के कारण मरीजों और डॉक्टरों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

    उन्होंने कहा कि डॉक्टर और स्टाफ अगर बेहतर सेवा देंगे, तभी यहां मरीजों की देखभाल बेहतर हो सकती है, लेकिन वर्तमान स्थिति में यह नहीं दिख रहा है।

    मंत्री ने अस्पताल में सुधार के लिए कड़े कदम उठाने का अल्टीमेटम प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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