Jharkhand शराब घोटाला व आय से अधिक संपत्ति मामले में ACB ने सात दिनों तक पूछे कई सवाल, विनय सिंह ने कहा- कुछ याद नहीं...फिर भेजे गए जेल
निलंबित IAS विनय कुमार चौबे के सहयोगी विनय सिंह को शराब और आय से अधिक संपत्ति मामलों में ACB ने सात दिनों तक रिमांड पर पूछताछ के बाद वापस जेल भेज दिया ...और पढ़ें

निलंबित आइएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के खास सहयोगी आटोमोबाइल कारोबारी विनय सिंह को रिमांड पर सात दिनों की पूछताछ के बाद एसीबी ने पुन: हजारीबाग केंद्रीय कारा में भेज दिया है।
राज्य ब्यूरो, रांची । निलंबित आइएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के खास सहयोगी आटोमोबाइल कारोबारी विनय सिंह को रिमांड पर सात दिनों की पूछताछ के बाद एसीबी ने शुक्रवार को पुन: हजारीबाग के लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा में भेज दिया है।
विनय सिंह हजारीबाग में वन भूमि घोटाला केस में गिरफ्तार होने के बाद से ही जेल में बंद है। इस केस में उसकी पत्नी स्निग्धा सिंह अभी फरार हैं, जिसकी तलाश में एसीबी ने बिहार से लेकर दिल्ली तक छापेमारी कर ली है, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका है।
विनय सिंह शराब घोटाला, जमीन घोटला व आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आरोपित है। रांची स्थित एसीबी मुख्यालय में विनय सिंह से सर्वाधिक प्रश्न आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में पूछे गए। रिमांड पर की गई पूछताछ से एसीबी संतुष्ट नहीं है।
एसीबी ने पूर्व में जब्त दस्तावेजों के आधार पर विनय सिंह से सवाल पूछे, वित्तीय लेन-देन, करोड़ों की चल-अचल संपत्ति की खरीद आदि से संबंधित मामले में दस्तावेज के आधार पर विनय सिंह से एसीबी ने सवाल-जवाब किया, लेकिन उसने हर प्रश्न पर एक ही जवाब दिया कि उसे कुछ याद नहीं है।
कोविड काल में डोरंडा में खरीदे गए डेढ़ करोड़ रुपये के फ्लैट के मामले में उसने बताया कि पूर्व में व्यवसाय से किए गए बचत के पैसे से उसने फ्लैट खरीदा था। कोविड काल में इसके अतिरिक्त भी कई जगहों पर भारी मात्रा में रुपयों के निवेश की जानकारी एसीबी को मिली है।
एसीबी को शक है कि सभी रुपये निलंबित आइएएस विनय कुमार चौबे से जुड़े काले धन हैं।
रिमांड पर पूछताछ के क्रम में ही कार के शोरूम में भी छापा
विनय सिंह से पूछताछ के क्रम में ही एसीबी ने विनय सिंह की पत्नी स्निग्धा सिंह के नियंत्रण वाले कार के छह शोरूम में भी छापेमारी की। इन शोरूम से एसीबी ने डिजिटल उपकरण, निवेश व आइटीआर से संबंधित कागजात को भी जब्त की है, जिसके आधार पर एसीबी अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी।
एसीबी ने जिन शोरूम में छापेमारी की थी, उनमें रांची में करमटोली चौक के समीप निदान बिल्डिंग स्थित महिंद्रा नेक्सजेन सोल्यूसंस, डिबडिह स्थित एसएस मोटोजेन प्राइवेट लिमिटेड (टाटा मोटर्स शोरूम), कोडरमा के झुमरी तिलैया स्थित एसएस मोटोजेन प्राइवेट लिमिटेड, देवघर के मोहनपुर लोटवावर्न स्थित टाटा मोटर्स शोरूम, मोटोजेन, धनबाद के बरवाड्डा कशियाटर्न स्थित मोटोजेन शोरूम, एचएन मोटर्स शोरूम पंडुकी शामिल थे।
श्रवण जालान ने अब तक नहीं दिया राणी सती डेकोर के आय-व्यय का ब्यौरा
एसीबी ने शुक्रवार को भी टिंबर कारोबारी श्रवण जालान से पूछताछ की। एसीबी ने उससे उसके फर्म श्री राणी सती डेकोर के आय-व्यय से संबंधित ब्यौरा मांगा था। श्रवण जालान से आयकर रिटर्न से संबंधित कागजात भी मांगा गया था। उसने एसीबी को अब तक उपरोक्त कागजात उपलब्ध नहीं कराया है।
एसीबी ने श्रवण जालान के रिश्तेदार व दुमका के टायर कारोबारी नवीन पटवारी से भी आय-व्यय से संबंधित ब्यौरा के साथ एसीबी में उपस्थित होने के लिए कहा था। नवीन पटवारी केवल एक ही दिन एसीबी के कार्यालय में आया, उसके बाद अब तक उपरोक्त कागजात के साथ नहीं पहुंचा है।

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