विद्या भारती के स्कूलों के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन का चल रहा है काम, देशभर के 684 जिलों में हैं स्कूल : देवराज शर्मा
विद्या भारती के राष्ट्रीय महामंत्री देशराज शर्मा ने रांची में बताया कि यह एक राष्ट्रीय शैक्षिक आंदोलन है। देशभर के 684 जिलों में 24,000 विद्यालयों के ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, रांची। विद्या भारती एक राष्ट्रीय शैक्षिक आंदोलन है। इसके लिए समाज का विश्वास एवं सहभागिता जरूरी है। आज देश भर के 684 जिलों में 12000 औपचारिक विद्यालयों सहित कुल 24000 विद्यालय संचालित हैं। आजादी के बाद शिक्षा में भारतीयता के अभाव को देखते हुए शिशु विद्या मंदिरों की नींव डाली गई थी जिनके माध्यम से आज शिक्षा के साथ-साथ समाज परिवर्तन और राष्ट्र की मजबूती का कार्य चल रहा है। यह कहना है विद्या भारती के राष्ट्रीय महामंत्री देशराज शर्मा का।
वे शनिवार को विद्या भारती के दो दिवसीय प्रचार विभाग एवं अभिलेखागार विभाग की राष्ट्रीय बैठक के उदघाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस महत्वपूर्ण बैठक में विद्या भारती के देश भर के 11 क्षेत्र के प्रदेशों से लगभग 100 पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं। वर्ग का आयोजन रांची के कुदलुम स्थित आदित्य प्रकाश जालान शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में किया जा रहा है।
अभिलेखागार की सक्रियता से विद्यालयों की बढ़ेगी प्रमाणिकता
उन्होंने कहा कि अभिभावकों, शिक्षाविदों, पूर्ववर्ती विद्यार्थियों एवं समाज के अन्य वर्ग के लोगों को इस शिक्षण कार्य से जोड़ने के लिए प्रभावित करना प्रचार विभाग का कार्य है। प्रचार विभाग और अभिलेखागार की सक्रियता से विद्यालयों की प्रमाणिकता और बढ़ेगी l इस अवसर पर प्रचार विभाग के अखिल भारतीय संयोजक सुधाकर रेड्डी ने राष्ट्रीय गतिविधियों पर वृत्त प्रस्तुत कियाl। प्रचार प्रसार विभाग के अखिल भारतीय प्रमुख डा. सौरभ मालवीय ने कहा कि पत्रिकाएं हमारी धरोहर हैं।
इनके अलावा विभिन्न सत्रों को डॉ. नरेंद्र कुमार, डा. ललित बिहारी गोस्वामी, राजेंद्र सिंह बघेल, डा. उमेश कुमार वर्मा सहित कई लोगों ने संबोधित किया। संचालन डा. रामकुमार भावसार ने किया। इस अवसर पर विद्या भारती के राष्ट्रीय मंत्री ब्रह्माजी राव, क्षेत्र मंत्री राम अवतार नारसरिया, क्षेत्र संगठन मंत्री ख्यालीराम, विद्या विकास समिति झारखंड के सचिव नकुल शर्मा, प्रदेश मंत्री डा. ब्रजेश कुमार, अखिल भारतीय सोशल मीडिया प्रमुख आलोक तिवारी, डा. रामकेश पांडे, अखिलेश कुमार, विवेक नयन पांडे आदि उपस्थित थे।
विविध पत्रिकाओं का हुआ विमोचन
इस अवसर पर देशभर में विभिन्न प्रदेशों और उनके द्वारा संचालित विद्यालयों एवं समितियां द्वारा प्रकाशित अनेक पत्रिकाओं का विमोचन राष्ट्रीय क्षेत्रीय एवं प्रांतीय अधिकारियों द्वारा किया गया। इनमें मुख्य रूप से विद्या भारती झारखंड की वार्षिक पत्रिका उत्सर्ग, विशेष रूप से तैयार की गई रांची विभाग अभिलेखागार साहित्य, दक्षिण बिहार प्रांत अभिलेखागार साहित्य, झारखंड की विद्या पत्रिका, उत्तर प्रदेश लखनऊ की शिशु मंदिर संदेश, दक्षिण बिहार की वार्षिक अर्चना पत्रिका, उत्तर बिहार की अरुणोदय पत्रिका सहित विभिन्न क्षेत्रों एवं प्रदेशों की पत्रिकाएं शामिल है। इस अवसर पर प्रदर्शनी का भी शुभारंभ हुआ जिसमें विद्या भारती झारखंड के प्रचार विभाग के कार्यों एवं उपलब्धियां को प्रदर्शित किया गया।

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