यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Cyber Crime: ऐसे खुला साइबर ठगी का राज, खाता में मंगवाते थे पैसा, दो गिरफ्तार
पुलिस ने दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।आरोपितों ने अपना नाम दीपक कुमार हिमांशु और संजीव ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता,रांची : कोतवाली थाना की पुलिस ने दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उनसे पूछताछ में ठगी तथा ठगों के रैकेट का पता चला है। मामले में कोतवाली थाना में पदस्थापित अनुज प्रसाद यादव के बयान पर केस हुआ है।
अनुज प्रसाद यादव ने अपने बयान में कहा है कि एक बाइक पर दो युवकों को देखा गया है जो कि शहर के अलग अलग एटीएम के बाहर संदिग्ध हालत में मौजूद थे।
पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग अभियान लगाया गया। चेकिंग अभियान के दौरान दोनों युवकों को शहीद चौक के पास रोका गया। दोनों बाइक छोड़ कर भागने लगे। लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
पकड़े जाने पर आरोपितों ने अपना नाम दीपक कुमार हिमांशु और संजीव कुमार बताया। दोनों आरोपित बिहार के गया जिला के रहने वाले हैं। पुलिस ने दोनों अरोपितों के पास से एक लाख 60 हजार रुपये, बाइक और दर्जनों एटीएम कार्ड,पासबुक बरामद किए हैं।
पूछताछ में दोनों आरोपितों ने बताया कि दो वर्ष पहले इंदौर में एक माल में रूद्र नामक व्यक्ति से मुलाकात हुई थी। इसके बाद दोनों आरोपित अपने गांव चले आए थे। दोनों आरोपित रूद्र से फोन से संपर्क में रहते थे।
कुछ दिनों बाद रूद्र ने फोन कर उन्हें बताया कि एक काम करने से बहुत पैसा मिलेगा। दोनों आरोपितों ने काम के बारे में पूछा तो रू्द्र ने बताया कि वह ट्रेडिंग के माध्यम से साइबर अपराध के तहत लोगों से ओटीपी मांगकर ठगी का काम करता है।
जिसके बैंक के खाता में पैसा जाता है उसे तीन प्रतिशत कमीशन के रुप में दिया जाता है। दोनों आरोपितों ने रूद्र को अपना खाता दे दिया और कमीशन लेने लेगे। दोनों आरोपितों के खाता में जो पैसा आता था ,उस पैसा को दोनों आरोपित सीडीएम में जाकर जमा कर देते थे।
दोनों ने अपने गांव के लोगों को ठग कर उन्हें पैसा और प्रलोभन देकर फर्जी तरीके से उन लोगों से बैंक का खाता खुलवाया, नया सीम जारी करवाकर बैंक बाता को नए सिम से लिंक कर सारा नियंत्रण अपने पास रख लिया। उसी खाता में ठगी का पैसा मंगवाने लगे।
रूद्र के कहने पर दोनों आरोपित रांची आए थे और एटीएम से पैसा निकालकर रूद्र के खाता में जमा कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि रूद्र के बारे में पुलिस को डिटले मिला है। पुलिस की टीम जल्द ही इंदौर जाएगी और इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगी।
सावधान! साइबर ठग सांसद के फर्जी फेसबुक अकाउंट बना मांग रहे पैसे
Jharkhand Cyber Crime साइबर ठग अब चतरा सांसद काली चरण सिंह के नाम पर उगाही की कोशिश कर रहे हैं। ठगों ने सांसद कालीचरण सिंह का फर्जी अकाउंट बनाकर भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं से रुपये की मांग कर रहे हैं। सांसद प्रतिनिधि विनय कुमार सिंह ने सदर थाने में इस
जागरण टीम, चतरा/ रांची। Jharkhand Cyber Crime उपायुक्त का फर्जी अकाउंट से पैसा ठगी करने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि साइबर अपराधी चतरा सांसद काली चरण सिंह के नाम पर उगाही की कोशिश शुरू कर दी।
साइबर ठग अब सांसद का फर्जी अकाउंट बनाकर भाजपा के नेताओं व कार्यकर्ताओं से रुपये की मांग कर रहे हैं। हालांकि समय रहते इसकी भनक सांसद को लग गई।
उनके निर्देश पर MP Kalicharan Singh के प्रतिनिधि विनय कुमार सिंह ने सदर थाने में इस बाबत लिखित आवेदन दिया है। विनय सिंह ने बताया कि सांसद के नाम पर फेसबुक में फर्जी अकाउंट बना लिया गया।
उससे भाजपा के नेताओं व कार्यकर्ताओं से दस हजार एवं बीस हजार रुपये की मांग की जाने लगी है। नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को तुरंत इसका आभास हो गया। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना सांसद को दी।
हालांकि सांसद फिलहाल यहां नहीं हैं। संसदीय समिति की बैठक में भाग लेने के लिए मुंबई गए हुए हैं। जानकारी मिलते ही सांसद ने अपने प्रतिनिधि को इसकी विस्तृत जानकारी दी।
सांसद प्रतिनिधि ने बताया कि सदर थाने को लिखित जानकारी दे दी गई है। प्रारंभिक जांच से यह ज्ञात हुआ है कि साइबर ठग झारखंड व बिहार से बाहर के हैं।
पुलिस उसका पूरा विवरण खंगालने में जुटी है। सांसद ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि उनके फेसबुक अकाउंट से किसी से यदि पैसों का डिमांड किया जाता है, तो वे इसकी सूचना नजदीकी थाने को अवश्य दें।
इसके पूर्व चतरा के उपायुक्त का फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों से व्हाट्सएप काल किया जारहा था। जिला प्रशासन ने ठगों को ऐसे ठगों से सावधान रहने की हिदायत दी थी।
