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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand News: उच्च शिक्षा में आदिवासी युवा कर रहे कमाल, बढ़ा 45 प्रतिशत नामांकन अनुपात, पुरुष से महिलाएं आगे

Published: Sat, 09 Aug 2025 04:22 PM (IST)

झारखंड लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में खूंटी के एक आदिवासी युवा अभय कुजूर का राज्य प्रशासनिक सेवा ...और पढ़ें

आदिवासी युवा उच्च शिक्षा में बेहतर कर रहे हैं।
आदिवासी युवा उच्च शिक्षा में बेहतर कर रहे हैं।

HighLights

  1. उच्च शिक्षा में सबसे अधिक एसटी श्रेणी में बढ़ा सकल नामांकन अनुपात
  2. वर्ष 2016-17 में 11.3 ही था जीईआर, अब बढ़कर 16.4 प्रतिशत हुआ

नीरज अम्बष्ठ, रांची । झारखंड लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में खूंटी के एक आदिवासी युवा अभय कुजूर का राज्य प्रशासनिक सेवा में (ओवरआल द्वितीय) टाप स्थान पर आना कोई सामान्य उपलब्धि नहीं हो सकती।

सभी श्रेणी के अभ्यर्थियों को पीछे छोड़ते हुए अभय ने यह स्थान प्राप्त किया। वह भी विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए। ऐसे कई आदिवासी युवा विभिन्न क्षेत्राें में कमाल कर रहे हैं।

इसका सबसे बड़ा कारण इनका उच्च शिक्षा के प्रति रुझान है। इसकी इस तथ्य से पुष्टि होती है कि विगत छह वर्षों में अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी में सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) 45.1 प्रतिशत बढ़ा। यह वृद्धि सभी श्रेणी में सबसे अधिक है।

उच्च शिक्षा पर अखिल भारतीय सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में वर्ष 2016-17 में उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात 15.9 था जो वर्ष 2023-24 में बढ़कर 20 प्रतिशत हो गया।

सिर्फ अनुसूचित जनजाति में हुई इस वृद्धि की बात करें तो इस अवधि में यह अनुपात 11.3 प्रतिशत से बढ़कर 16.4 हो गया। इस तरह, ओवरआल सकल नामांकन अनुपात में इस दौरान जहां 25.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

वहीं अनुसूचित जनजाति श्रेणी में यह वृद्धि 45.1 प्रतिशत दर्ज की गई। झारखंड सरकार ने इस वृद्धि को अपनी झारखंड इकोनामिक सर्वे-2024-25 में भी उल्लेख किया है।

पुरुषों से आगे महिलाएं

आदिवासियों में उच्च शिक्षा की बात करें तो इसमें पुरुषों से आगे महिलाएं हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं का सकल नामांकन अनुपात अधिक है। वर्तमान नामांकन अनुपात की बात करें तो इस समाज में पुरुषों का नामांकन अनुपात 15.5 है, जबकि महिलाओं का नामांकन अनुपात 17.1 है।

क्या है सकल नामांकन अनुपात

सकल नामांकन अनुपात अर्थात जीईआर बताता है कि 18 से 23 वर्ष की आबादी में कितनी प्रतिशत आबादी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही है।

आदिवासी समाज में यह अनुपात 16.4 प्रतिशत है तो इसका मतलब यह है कि उक्त आयु वर्ग की कुल आबादी में 16.4 प्रतिशत आबादी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही है।

एसटी श्रेणी में किस वर्ष उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात

वर्ष - पुरुष - महिला - कुल

2016-17 10.2 12.3 11.3

2017-18 10.4 11.7 11.1

2018-19 11.3 12.7 12.0

2019-20 12.2 14.3 13.2

2020-21 11.6 13.2 12.4

2021-22 13.1 14.7 13.9

2023-24 15.5 17.1 16.4

नोट : वर्ष 2023-24 के आंकड़े एआइएसएचई वेब रिपोर्ट 2022-23 के अनुसार हैं।