विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

CM हेमंत सोरेन के समर्थन में राजभवन के सामने हुंकार भरेंगे आदिवासी संगठन, कहा- एक्शन लिया गया तो उग्र होगा आंदोलन

Published: Thu, 18 Jan 2024 09:59 PM (IST)

ईडी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को समन किए जाने के विरोध में आदिवासी संगठनों ने प्रदर्शन करने का निर्णय लिया ...और पढ़ें

हेमंत सोरेन के समर्थन मे पारंपरिक हथियारों के साथ प्रदर्शन करेंगे आदिवासी संगठन। (फाइल फोटो)
हेमंत सोरेन के समर्थन मे पारंपरिक हथियारों के साथ प्रदर्शन करेंगे आदिवासी संगठन। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. राजभवन के समक्ष आज करेंगे प्रदर्शन, रांची सहित छह जिलों से जुटेंगे आदिवासी।
  2. हेमंत के विरुद्ध कार्रवाई होने पर आदिवासी नेताओं ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड विभिन्न आदिवासी संगठनों ने ईडी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समन किए जाने के विरोध में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। ये संगठन शुक्रवार को राजभवन के समक्ष प्रदर्शन करेंगे। इसमें रांची सहित छह जिलों के आदिवासी पारंपरिक हथियारों के साथ सम्मिलित होंगे। आदिवासी संगठनों ने ईडी द्वारा हेमंत पर किसी तरह की कार्रवाई किए जाने पर उग्र आंदोलन की भी चेतावनी दी है।

हेमंत सरकार को अस्थिर करने की साजिश

केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने रांची के धुमकुड़िया भवन में मीडिया से रूबरू होते हुए आरोप लगाया कि ईडी केंद्र के इशारे पर एक आदिवासी मुख्यमंत्री को परेशान कर रही है। उसकी यह कार्रवाई सिर्फ गैर भाजपा शासित राज्यों में हो रही है।

अजय तिर्की ने कहा कि इसके पीछे हेमंत सरकार को अस्थिर करने की साजिश है, जिससे लोगों में आक्रोश है। समन की आड़ में मुख्यमंत्री को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

प्रदर्शन में शामिल होंगे इन जिलों के आदिवासी

अजय तिर्की के अनुसार, शुक्रवार को होनेवाले प्रदर्शन में लोहरदगा, गुमला, खूंटी, तमाड़, रामगढ़, हजारीबाग, रांची के अलावा अलग-अलग शहरों से लोग आएंगे।

इन संगठनों के बैनर तले होगा प्रदर्शन

अजय तिर्की बताया कि यह प्रदर्शन केंद्रीय सरना समिति, राजी पड़हा प्रार्थना सभा, आदिवासी सेना, अखिल भारतीय विकास परिषद के अलावा कई संगठनों के बैनर तले किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आदिवासियों ने कभी भी अग्रेंजों के खिलाफ घुटने नहीं टेके। जिस तरह अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ाई लड़ी गई, उसी तरह का विद्रोह शुरू होगा।

यह भी पढ़ें: विमानों पर कोहरे का असर, बिरसा मुंडा रांची एयरपोर्ट फ्लाइट के इंतजार में घंटों बैठे यात्री; अब तक सात विमान रद्द

यूं ही नहीं कहते डॉक्‍टर को भगवान का रूप! बचपन से ट्यूमर का दर्द झेल रही लड़की को RIMS ने दी नई जिंदगी; नौ घंटे तक चला ऑपरेशन