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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand News: बिरसा मुंडा के परपोते का 10 घंटे बाद शुरू हुआ इलाज, 15 हजार की दवा खरीदी; मचा सियासी बवाल

Published: Thu, 28 Nov 2024 08:14 AM (IST)

बिरसा मुंडा के परपोते मंगल मुंडा को रिम्स इमरजेंसी में भर्ती करने में देरी हुई। वह सोमवार की रात 10 ...और पढ़ें

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने अस्पताल आकर जाना हाल (जागरण)
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने अस्पताल आकर जाना हाल (जागरण)

HighLights

  1. सोमवार की रात भर एंबुलेंस में ही पड़े रहे सड़क हादसे में घायल हुए थे मंगल मुंडा
  2. सुबह पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन की पहल के बाद शुरू हुआ इलाज

जागरण संवाददाता, रांची। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के परपोते मंगल मुंडा 25 नवंबर सोमवार की रात 10 बजे से मंगलवार की सुबह आठ बजे तक रिम्स इमरजेंसी के बाहर एंबुलेंस पर ही पड़े रहे लेकिन उन्हें भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद सियासी बवाल मच गया। यहां तक कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को खुद अस्पताल तक आना पड़ा।

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने की पहल पर करवाया गया भर्ती

वहीं अगली सुबह पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा की पहल पर मंगल मुंडा को भर्ती करने की तैयारी की गई। मंगल मुंडा के भाई जंगल सिंह मुंडा ने बताया कि रात भर उनका भाई तड़पता रहा, दर्द से कहराता रहा लेकिन उन्हें भर्ती नहीं लिया गया, कहा गया कि बेड खाली नहीं है।

जबकि पर्ची कटाकर उनलोगों ने सभी नियमों का पालन कर लिया था, लेकिन वहां मौजूद सीएमओ ने कुछ नहीं सुना और उन लोगों से एंबुलेंस को पार्किंग में पार्क कर रहने को कहा गया। इसके बाद एंबुलेंस में लगे आक्सीजन सिलेंडर की मदद से मरीज को आक्सीजन सपोर्ट दिया गया। उसकी स्थिति गंभीर हो गई।

इससे पहले इमरजेंसी में आक्सीजन सिलेंडर भी मांगा गया लेकिन किसी ने उपलब्ध नहीं कराया। स्वजनों ने बताया कि वे काफी देर तक इमरजेंसी में डाक्टरों पास आते-जाते रहे लेकिन कुछ हुआ नहीं।

परिजनों ने डॉक्टरों के रवैये पर उठाया सवाल

बिरसा मुंडा के परपोते मंगल मुंडा के दूसरे भाई कानू मुंडा और उनके चाचा बुधराम मुंडा ने डाक्टरों के रवैये पर सवाल उठाया है। इन लोगों ने इमरजेंसी में मौजूद डाक्टरों पर आरोप लगाते हुए कहा है कि जब उनके मरीज गंभीर हालत में रिम्स पहुंचे तो उन्हें रात भर इमरजेंसी के बाहर एंबुलेंस में ही इंतजार करने के लिए छोड़ दिया गया।

मंगल मुंडा के स्वजनों ने कहा है कि यहां किसी के अंदर मानवता नहीं दिखी जो तड़पते मरीज का इलाज शुरू कर सके। बल्कि कहा गया बेड खाली नहीं है इसलिए मरीज को इंतजार करना पड़ेगा, यह इंतजार अगले दिन तक होता रहा। जिसके बाद मरीज की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि वह अब वेंटिलेटर पर है। डाक्टरों ने भी मरीज की स्थिति नाजुक बताया है।

इधर, प्रबंधन की ओर से अपर अधीक्षक डा. शैलेश त्रिपाठी बताते हैं कि देर रात ही मौजूद सीएमओ डा. अनीश को इसकी जानकारी दी गई थी। सोमवार की रात करीब 1.30 बजे उनकी ओर से मरीज को भर्ती करने की बात कही गई थी, लेकिन जिस तरह स्वजन बता रहे हैं उसके बाद इसकी जांच कर कार्रवाई की जा सकती है। मामले को देखा जाएगा।

रिम्स में इलाजरत मंगल मुंडा के स्वजन।

15 घंटे के अंदर 15 हजार रुपये की दवा खरीदी 

रिम्स में मरीज मंगल मुंडा को मंगलवार की सुबह आठ बजे भर्ती कराया गया। जिसके बाद इमरजेंसी में उनका इलाज शुरू हुआ। फिर न्यूरोसर्जरी में करीब चार घंटे सर्जरी की गई, इसके बाद मंगलवार की रात करीब 11 बजे उन्हें क्रिटिकल केयर यूनिट के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। 24 घंटे के अंदर मरीज मंगल मुंडा के स्वजनों से करीब 15 हजार रुपये की दवा बाहर से खरीदवाई गई।

स्वजनों के पास इन सभी दवाओं की पर्ची भी है, जिसमें इलाज के दौरान पर्ची देकर इन्हें बाहर से दवा लाने को कहा गया। मरीज के भाई जंगल सिंह मुंडा पर्ची दिखाते हुए कहते हैं कि उन्हें मालूम था कि यहां निश्शुल्क इलाज होता है लेकिन जब बाहर से दवा लाने को कहा गया तो इन लोगों ने किसी तरह पैसे का इंतजाम कर दवा की खरीदारी की।

मालूम हो कि सोमवार को खूंटी में सड़क दुर्घटना में मंगल मुंडा के सिर में गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद उन्हें पहले खूंटी सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार कर डाक्टरों ने उसे रिम्स रेफर कर दिया। खूंटी से मरीज को एंबुलेंस में लेकर स्वजन रात करीब 9.30 बजे रिम्स ट्रामा इमरजेंसी पहुंचे थे। जहां इन लोगों ने पर्ची भी कटायी लेकिन मरीज को अंदर लाकर जांच तक नहीं करने का आरोप लगाया गया है।

रिम्स में इलाजरत बिरसा मुंडा के परपोते मंगल मुंडा और स्वजन के द्वारा खरीदी गई दवा की पर्ची।

मंगलवार की रात स्वजन खोजते रहे कुर्सी 

मंगलवार को मंगल मुंडा की सर्जरी होने के बाद उन्हें क्रिटिकल केयर के आइसीयू डी स्थित आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। जहां रात भर स्वजन कुर्सी मांगते रहें लेकिन उन्हें बैठने के लिए नहीं दी गई। साथ ही बेड व कंबल भी मांगे गए लेकिन नहीं मिला। अगले दिन बुधवार को जब मुख्यमंत्री के आने की खबर मिली तो स्वजनों के लिए वार्ड के फर्श में ही बेड-कंबल लगा दिया गया, तीन कुर्सिंयां भी आ गई।

बिरसा मुंड के वंशज की हालत के बारे में जानकारी लेते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन।

हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने अस्पताल में की मुलाकात

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने बुधवार को रिम्स के ट्रामा सेंटर एंड सेंट्रल इमरजेंसी में भर्ती धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के वंशज मंगल मुंडा के स्वास्थ्य के संबंध में उनके परिजनों से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से उनके उपचार से संबंधित जानकारी प्राप्त की और बेहतर इलाज के साथ सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि कि 25 नवंबर की रात भगवान बिरसा मुंडा के वंशज मंगल मुंडा खूंटी में सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। उन्हें घायल अवस्था में रिम्स में भर्ती कराया गया था।

कौन हैं बिरसा मुंडा

  • बिरसा मुंडा एक महान आदिवासी नेता और स्वतंत्रता सेनानी थे।
  • झारखंड के खूंटी जिले के उलिहातू गांव में 15 नवंबर 1875 को पैदा हुए थे।
  • बिरसा की प्रारंभिक शिक्षा चाईबासा के जर्मन मिशन स्कूल में हुई।
  • बिरसा मुंडा ने अपने जीवनकाल में ब्रिटिश सरकार के खिलाफ संघर्ष किया
  • आदिवासी समुदाय के अधिकारों की लड़ाई लड़ी।
  • उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर ब्रिटिश सरकार के खिलाफ कई विद्रोह किए
  • अपने समुदाय के लिए जमीन, जंगल और जल के अधिकारों की लड़ाई लड़ी।

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