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    कुख्यात नक्सलियों तक पहुंचने के लिए NIA ने एक और हार्डकोर को लिया रिमांड पर, 21 दिसंबर तक होगी पूछताछ

    राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने झारखंड में टेरर फंडिंग मामले की जांच के सिलसिले में दस लाख के इनामी नक्सली रामदयाल महतो उर्फ बच्चन उर्फ निलेश को रिमांड पर लिया है। वह गिरिडीह के मधुबन थाना क्षेत्र के पिपराडीह का रहने वाला है और इसी वर्ष अगस्त में उसने आत्मसमर्पण किया था। एनआईए इससे पहले बिहार के जमुई के इनामी नक्सली अभिजीत कोड़ा को भी रिमांड पर ले चुकी है।

    By Dilip Kumar Edited By: Mukul Kumar Updated: Thu, 19 Dec 2024 06:00 AM (IST)
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    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में टेरर फंडिंग मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने अब दस लाख के इनामी नक्सली रामदयाल महतो उर्फ बच्चन उर्फ निलेश को रिमांड पर लिया है। वह मूल रूप से गिरिडीह के मधुबन थाना क्षेत्र के पिपराडीह का रहने वाला है।

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    उसने इसी वर्ष अगस्त महीने में गिरिडीह में आत्मसमर्पण किया था। इससे पूर्व एनआइए ने बिहार के जमुई के इनामी नक्सली अभिजीत कोड़ा को रिमांड पर लिया था। दोनों ही नक्सलियों के माध्यम से एनआइए कुख्यात नक्सलियों तक पहुंचने का रास्ता खोज रही है। ये दोनों पारसनाथ जोन में सक्रिय रहे हैं।

    ये लोग रहे हैं करीबी

    ये वर्तमान में फरार बड़े नक्सलियों जैसे एक करोड़ के इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा, सेंट्रल कमेटी सदस्य प्रयाग मांझी, अनल उर्फ पतिराम मांझी, 25 लाख के इनामी चमन उर्फ लंबू, अजय महतो उर्फ टाइगर व कृष्णा हांसदा आदि के करीबी रहे हैं।

    एनआइए रिमांड पर लिए गए इन नक्सलियों से बड़े नक्सलियों की गतिविधियों की जानकारी ले रही है, ताकि उन तक पहुंचने की सभी बाधाओं की बेहतर जानकारी हासिल की जा सके। रिमांड पर लिए गए रामदयाल महतो से एनआइए 21 दिसंबर तक पूछताछ करेगी।

    बीमार रामदयाल को उसके बेटे ने कराया था आत्मसमर्पण

    • माओवादियों के जोनल कमांडर रहे दस लाख के इनामी नक्सली रामदयाल महतो उर्फ बच्चन दा को उसके बेटे ने ही आत्मसमर्पण करवाया था। उसके बेटे ने ही पुलिस के साथ मिलकर आत्मसमर्पण संबंधित सभी प्रक्रिया पूरी करवाई थी। रामदयाल माओवादी संगठन में सक्रिय रहा था।
    • पारसनाथ क्षेत्र में सक्रिय रहे 25 लाख रुपये के इनामी नक्सली कृष्णा हांसदा की गिरफ्तारी के बाद रामदयाल ने ही संगठन की कमान संभाल रखी थी। उसपर पीरटांड़, निमियाघाट, मधुबन, डुमरी, टुंडी सहित कई इलाकों के विभिन्न थानों में 75 से अधिक मामले दर्ज हैं।

    नक्सली कैंप पर पुलिस का धावा, हथियार और विस्फोटक जब्त

    पिछले दो दिनों से बलांगीर जिला पुलिस द्वारा शुरू नक्सल विरोधी अभियान को, सोमवार के दिन सफलता मिली। बलांगीर जिला डीवीएफ की टीम ने जिला के तुरेकेला थाना अंतर्गत छतरदांडी संरक्षित वनांचल में एक नक्सली कैंप पर अचानक धावा बोलकर बंदूक, गोली, लैंडमाइन बनाने के उपकरण समेत अन्य कई नक्सली सामग्री जब्त किया।

    बताया गया है कि यह कैंप बलांगीर-बरगढ़-महासमुंद (बीबीएन) डिवीज़न के नक्सली संगठन का था। पुलिस कर्रवाई के दौरान कैंप में करीब आधा दर्जन नक्सली थे, जो भागने में सफल रहे।

    गौरतलब है कि ओडिशा सरकार और ओडिशा पुलिस की ओर से कई बार बताया गया है कि ओडिशा में नक्सली नहीं के बराबर रह गए हैं।

    सूबे के दो-तीन जिलों में नक्सली सक्रिय हैं, जबकि देखा जा रहा है कि नक्सली अब भी नयागढ़, कंधमाल, बऊद, रायगड़, बरगढ़ और बलांगीर जिला में सक्रिय हैं। यह अलग बात है कि पहले के मुकाबले नक्सली काफी कमजोर हो चुके हैं।

    बलांगीर जिला पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश खिलारी के अनुसार, बलांगीर जिला के तुरेकेला थाना अंतर्गत छपरदांडी संरक्षित वनांचल में नक्सली गतिविधि की खुफिया सूचना मिलने के बाद शनिवार के दिन, तुरेकेला थानेदार आरके साहू के नेतृत्व में डीवीएफ के जवानों को सर्च आपरेशन के लिए भेजा गया था।

    दो दिनों तक यह जवान घने जंगलों में अपना अभियान चलाते हुए सोमवार के पूर्वान्ह नक्सलियों के एक कैंप तक पहुंचे। छतरदांडी वनांचल के दो पहाड़ियों के बीच एक दुर्गम स्थान पर नक्सलियों ने एक कैंप बना रखा था। पुलिस की टीम जब वहां पहुंची तब कैंप में मौजूद नक्सली भाग निकले।

    पुलिस की टीम ने नक्सली कैंप से एक बंदूक, 30 जिंदा गोली, लैंडमाइन बनाने के लिए स्टील के छोटे बड़े 10 टिफिन बाक्स, सोलर पैनल, पोशाक, नक्सली साहित्य, वायर, चाकू समेत अन्य कई सामग्री जब्त किया। इसके बाद इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया है।

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