Jharkhand: IAS-IPS बनने का सपना देख रहे छात्रों को मिल गई खुशखबरी, हेमंत सरकार ने कर दी बड़ी घोषणा
Jharkhand Politics हेमंत सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है। झारखंड सरकार ने आदिवासी छात्रावासों में मुफ्त भोजन की घोषणा की है। पहले छात्रों को घर से चावल लाना पड़ता था और सब्जी आदि खरीदकर खाना बनाना पड़ता था। अब छात्रावास में खाना फ्री होगा रसोइया और लाइब्रेरियन भी होंगे। सरकार 100 लड़कों और 100 लड़कियों को इंजीनियरिंग की कोचिंग भी कराएगी।

राज्य ब्यूरो, रांची। विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रभारी मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि राज्य के आदिवासी छात्रावास में अब मुफ्त खाना मिलेगा।
पहले छात्रावास में बच्चे घर से चावल लाते थे, सब्जी आदि खरीदकर खाना बनाते थे। अब ऐसे छात्रावास में खाना फ्री तो होगा ही, रसोइया भी होगा और लाइब्रेरियन भी होगा।
उनकी सरकार 100 लड़का व 100 लड़की को इंजीनियरिंग की कोचिंग कराएगी। आइएएस-आइपीएस के लिए उनकी सरकारी दिल्ली में छात्र-छात्राओं को कोचिंग कराएगी।
राज्य में पलामू व रांची में सात तल्ले के छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है। राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों की बहाली कराएगी।
इतना ही नहीं, एससी-एसटी व ओबीसी को पढ़ाई पर जोर देगी। सरना बाउंड्री व धुमकुड़िया के लिए बजटीय उपबंध किए गए हैं।
सरकार के पक्ष में विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी, सुरेश पासवान, मोहम्मद तज्जुद्दीन, ममता देवी, लुइस मरांडी व राधाकृष्ण किशोर ने अपनी बात रखी।
वहीं, सरकार के विपक्ष में विधायक प्रकाश राम, चतरा से लोजपा के विधायक जनार्दन प्रसाद, आजसू विधायक निर्मल महतो आदि चर्चा में शामिल हुए। डुमरी के विधायक जयराम महतो भी चर्चा में शामिल हुए और अपनी बात रखी।
कल्याण विभाग का नाम बदलकर किया जाय अधिकार विभाग : कल्पना सोरेन
- गांडेय से झामुमो की विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने बजट पर चर्चा के दौरान कहा कि विभाग का नाम कल्याण क्यों है। कल्याण विभाग का नाम बदलकर अधिकार विभाग रखा जाए।
- कल्याण हमें शासक व दास का बोध कराता है। यहां न कोई शासक है और न हीं कोई दास। आरक्षण आदिवासियों का अधिकार है।
- कल्पना मुर्मू सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार ने 24 वर्ष में पहली बार राज्य की बच्चियों व महिलाओं के लिए योजना लाई। यह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सोंच है। राज्य की जनता व मंइयां ने सच का साथ दिया।
- सरकार अपना वादा पूरा कर रही है। राज्य में 32 लाख से अधिक महिलाओं-बच्चियों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। वह दिन दूर नहीं, जब सोना अबुआ झारखंड का सपना साकार होगा।
जनता के सपनों को कुचल रही है यह सरकार : पूर्णिमा साहू
भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू ने सदन में चर्चा के दौरान कहा कि जनता ने जिस भरोसे के साथ इस सरकार को सत्ता सौंपी है, वही सरकार उनके सपनों को कुचल रही है।
ये झूठ परोसने का काम कर रहे हैं और राज्य की जनता ठगा महसूस कर रही है। पूर्णिमा ने संताल में लव एंड लैंड जिहाद पर सरकार को सुझाव दिया कि आदिवासी बच्चियों की संपत्ति पति का नाम पर स्थानांतरित न हो, इसके लिए कानून बनना चाहिए।
शासन व प्रशासन को संवेदनशील होकर काम करने की जरूरत है। राज्य सरकार के मंइयां सम्मान योजना पर पूर्णिमा ने कहा कि चुनाव के पूर्व सरकार ने 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को इस योजना का लाभ देने का वादा किया था।
इसके तहत 2500 रुपये दिए जा रहे हैं। राज्य में इस उम्र वर्ग की 70 लाख महिलाएं हैं। सरकार ने इस योजना में शर्तों को जोड़-जोड़कर लाभुकों की संख्या घटा दी।
चुनाव में पूर्व जहां 57 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा था, अब घटकर 30 से 35 लाख लाभुक महिलाएं बच् गईं हैं। 450 रुपये में गैस सिलिंडर का वादा पूरा नहीं हो सका।
यह जनता के साथ धोखा है। विधायक पूर्णिमा साहू ने पूर्व की रघुवर सरकार के कार्यकाल में किए गए कार्यों का उल्लेख किया और बताया कि इस सरकार से बेहतर कार्यकाल था रघुवर दास का।
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